बंगाल में अल्पसंख्यक समुदायों के 27 लाख बच्चे छात्रवृत्ति से वंचित: मुख्तार अब्बास नकवी

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नकवी ने उच्च सदन में प्रश्नकाल के दौरान विभिन्न पूरक सवालों के जवाब में कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि पश्चिम बंगाल ने केंद्र सरकार की छात्रवृत्ति योजना को लागू नहीं किया है। उन्होंने कहा कि इससे बौद्ध, ईसाई, जैन, सिख, मुस्लिम और पारसी समुदायों के 27 लाख बच्चे छात्रवृत्ति से वंचित रह गए।
नयी दिल्ली। अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने सोमवार को राज्यसभा में कहा कि पश्चिम बंगाल में विभिन्न अल्पसंख्यक समुदायों के 27 लाख बच्चे छात्रवृत्ति से वंचित रह गए क्योंकि राज्य सरकार ने केंद्र की छात्रवृत्ति योजना का लाभ नहीं उठाया है। नकवी ने उच्च सदन में प्रश्नकाल के दौरान विभिन्न पूरक सवालों के जवाब में कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि पश्चिम बंगाल ने केंद्र सरकार की छात्रवृत्ति योजना को लागू नहीं किया है। उन्होंने कहा कि इससे बौद्ध, ईसाई, जैन, सिख, मुस्लिम और पारसी समुदायों के 27 लाख बच्चे छात्रवृत्ति से वंचित रह गए। 

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उन्होंने कहा कि जितने भी अल्पसंख्यक संस्थान हैं,उनमें अन्य समाज के लोग भी शिक्षा ग्रहण कर सकते हैं और उस पर किसी तरह की बंदिश नहीं है। नकवी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2016 में छात्रवृत्ति के संबंध में एक पोर्टल की शुरुआत की थी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने समग्र विकास की दिशा में काम किया है। नकवी ने कहा कि अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) द्वारा अनुमोदित 83 अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान हैं जिनमें कुल 32,862 सीटें हैं। उन संस्थानों में 11,166 गैर-अल्पसंख्यक छात्रों सहित कुल 17,212 छात्र हैं।

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