UP में कोरोना संक्रमण के 2,840 नए मामले, 20 और मरीजों ने गंवाई अपनी जान

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 21, 2020   14:49
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UP में कोरोना संक्रमण के 2,840 नए मामले, 20 और मरीजों ने गंवाई अपनी जान
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अधिकारियों ने बताया कि राज्‍य में पिछले 24 घंटे में संक्रमण के 2,840 नए मामले दर्ज किए गए हैं। इसके सापेक्ष इसी अवधि में 2,220 लोगों को ठीक होने के बाद घर भेजा गया है।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटे में कोविड-19 से 20 और लोगों की मौत हो गई तथा संक्रमण के 2,840 नए मामले सामने आए हैं। राज्य में अब तक कुल 5,21,988 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हुए हैं। अपर मुख्‍य सचिव (स्‍वास्‍थ्‍य) अमित मोहन प्रसाद ने शुक्रवार को मीडिया को ताजा आंकड़ों से अवगत कराया। उन्‍होंने बताया कि राज्‍य में पिछले 24 घंटे में संक्रमण के 2,840 नए मामले दर्ज किए गए हैं। इसके सापेक्ष इसी अवधि में 2,220 लोगों को ठीक होने के बाद घर भेजा गया है। राज्‍य में इस समय 23,357 लोगों का उपचार चल रहा है और बीमारी को मात देने वालों की संख्‍या 4,91,131 हो गई है। 

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प्रसाद ने बताया कि उपचाराधीन मरीजों में 10,395 लोग गृह पृथक-वास में हैं और 2,167 लोगों का निजी अस्पतालों में तथा शेष अन्य का सरकारी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। उन्‍होंने बताया कि पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस से संक्रमित 20 और रोगियों की मौत होने के बाद अब तक इस संक्रमण से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 7,500 हो गई है। स्‍वास्‍थ्‍य बुलेटिन के मुताबिक प्रदेश में पिछले 24 घंटे में सर्वाधिक 382 नए मामले लखनऊ में सामने आए हैं। इसी अवधि में गाजियाबाद में 255, मेरठ में 249, गौतमबुद्धनगर में 175 और कानपुर नगर में 162 नए मामले सामने आए हैं। 

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इस अवधि में लखनऊ में सर्वाधिक चार लोगों की मौत हुई है जहां अब तक 954 लोग महामारी से अपनी जान गंवा चुके हैं। कानपुर नगर में अब तक 761, मेरठ में 375, वाराणसी में 362 और गोरखपुर में 315 लोगों की कोरोना वायरस संक्रमण से मौत हुई है। अपर मुख्‍य सचिव ने कहा कि राज्‍य में अब मरीज़ों के ठीक होने की दर 94.08 प्रतिशत हो गई है। प्रसाद ने दिल्‍ली में संक्रमण के मामलों में वृद्धि का जिक्र करते हुए राज्य के लोगों से सावधानी बरतने की अपील की।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


CM अमरिंदर ने किसानों के संघर्ष को बताया न्यायपूर्ण, कहा- सरकार किसानों की आवाज क्यों नहीं सुन रही

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  दिसंबर 1, 2020   08:15
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CM अमरिंदर ने किसानों के संघर्ष को बताया न्यायपूर्ण, कहा- सरकार किसानों की आवाज क्यों नहीं सुन रही
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पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा कि उनकी सरकार इन ‘काले कानूनों’ के खिलाफ किसानों के साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि राज्यपाल इस विधेयक को राष्ट्रपति के पास भेजने की जगह उस पर ‘बैठ’ गए हैं।

सुलतानपुर लोधी। पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने सोमवार को कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के संघर्ष को ‘न्यायपूर्ण’ बताते हुये केंद्र सरकार से सवाल किया कि वह किसानों की आवाज क्यों नहीं सुन रही है और इस मुद्दे पर उसका हठी रवैया क्यों है। सिंह ने दोहराया कि उनकी सरकार इन ‘काले कानूनों’ के खिलाफ किसानों के साथ खड़ी रहेगी।

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मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक कस्बों सुल्तानपुर लोधी और डेरा बाबा नानक की यात्रा के दौरान अनौपचारिक तौर पर मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान कहा, ‘‘ जनता की बात सुनना सरकार का काम है । अगर कई राज्यों के किसान इस प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं तो इसका मतलब है कि वे वास्तव में दुखी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इन कानूनों को किसानों के लिए फायदेमंद बताने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मोदी शुरू से यही कह रहे हैं और यही वजह है कि पंजाब इसके लिए अपने विधेयक लेकर आया। उन्होंने कहा कि राज्यपाल इस विधेयक को राष्ट्रपति के पास भेजने की जगह उस पर ‘बैठ’ गए हैं।





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किसानों और सरकार के बीच आज होगी बात, दोपहर 3 बजे दिल्ली के विज्ञान भवन में चर्चा

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  दिसंबर 1, 2020   08:03
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किसानों और सरकार के बीच आज होगी बात, दोपहर 3 बजे दिल्ली के विज्ञान भवन में चर्चा
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केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, 'कोरोना वायरस महामारी एवं सर्दी को ध्यान में रखते हुये हमने किसान यूनियनों के नेताओं को तीन दिसंबर की बैठक से पहले ही चर्चा के ​लिये आने का न्यौता दिया है। यह बैठक एक दिसंबर को राष्ट्रीय राजधानी के विज्ञान भवन में दोपहर बाद तीन बजे बुलायी गयी है।

नयी दिल्ली। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों के नेताओं को कोविड-19 महामारी एवं सर्दी का हवाला देते हुये तीन दिसंबर की जगह मंगलवार को बातचीत के लिये आमंत्रित किया है। गौरतलब है कि हजारों किसान दिल्ली की सीमा पर पिछले पांच दिनों से धरने पर हैं । केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ उनका यह धरना सोमवार को पांचवें दिन में प्रवेश कर गया। इन कानूनों के बारे में किसानों को आशंका है कि इससे न्यूनतम समर्थन मूल्य समाप्त हो जाएगा।

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तोमर ने कहा, 'कोरोना वायरस महामारी एवं सर्दी को ध्यान में रखते हुये हमने किसान यूनियनों के नेताओं को तीन दिसंबर की बैठक से पहले ही चर्चा के ​लिये आने का न्यौता दिया है। उन्होंने बताया कि अब यह बैठक एक दिसंबर को राष्ट्रीय राजधानी के विज्ञान भवन में दोपहर बाद तीन बजे बुलायी गयी है। उन्होंने बताया कि 13 नवंबर को हुई बैठक में शामिल सभी किसान नेताओं को इस बार भी आमंत्रित किया गया है।

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इस बीच कृषि सचिव संजय अग्रवाल ने 32 किसान यूनियनों के प्रतिनिधियों को पत्र लिख कर एक दिसंबर को चर्चा के लिये आमंत्रित किया है। अग्रवाल ने जिन संगठनों को पत्र लिखा है उनमें क्रांतिकारी किसान यूनियन, जम्मुहारी किसान सभा, भारतीाय किसान सभा (दकुदा), कुल हिंद किसान सभा और पंजाब किसान यूनियन शामिल हैं। इससे पहले 13 नवंबर को हुयी बैठक बेनतीजा रही थी और केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने किसानों को तीन दिसंबर को दूसरे दौर की बातचीत के लिये आमंत्रित किया था ताकि तीन नये कृषि कानूनों से उपजी उनकी चिंताओं का निराकरण किया जा सके।





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भोपाल के ईदगाह हिल्स का नाम गुरु नानक टेकरी रखने की माँग

  •  दिनेश शुक्ल
  •  नवंबर 30, 2020   23:30
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भोपाल के ईदगाह हिल्स का नाम गुरु नानक टेकरी रखने की माँग
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भोपाल की हुजूर विधानसभा सीट से विधायक और मध्य प्रदेश विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने कहा है कि ईदगाह हिल्स का नाम बदलकर गुरु नानक टेकरी किया जाए। उन्होंने कहा कि 500 साल पहले जब गुरु नानक देव जी भारत भ्रमण पर निकले थे, तब वे भोपाल भी आए थे।

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने  प्रदेश की राजधानी  भोपाल स्थित ईदगाह हिल्स का नाम बदलकर गुरु नानक टेकरी किए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि भोपाल की यह टेकरी ऐतिहासिक रूप से गुरु नानक देव जी की स्मृतियों से जुड़ी हुई है। वही रामेश्वर शर्मा ने होशंगाबाद शहर का नाम बदलकर नर्मदापुरम रखने की वकालत की है। 

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भोपाल की हुजूर विधानसभा सीट से विधायक और मध्य प्रदेश विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने कहा है कि ईदगाह हिल्स का नाम बदलकर गुरु नानक टेकरी किया जाए। उन्होंने कहा कि 500 साल पहले जब गुरु नानक देव जी भारत भ्रमण पर निकले थे, तब वे भोपाल भी आए थे। यहां गुरु नानक देव जी उसी टेकरी पर आए थे, जिसे ईदगाह हिल्स कहा जाता है। उन्होंने कहा कि पहले इस टेकरी को गुरुनानक टेकरी कहा जाता था, लेकिन बाद में यहां ईदगाह बन गई और उसका नाम ईदगाह हिल्स पड़ गया। अब इसे बदलकर गुरु नानक टेकरी किया जाना चाहिए। वही रामेश्वर शर्मा ने कहा कि होशंगाबाद का नाम भी बदलकर नर्मदापुरम किया जाना चाहिए। 





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