कोटा में फंसे 369 छात्र पहुंचे जम्मू-कश्मीर, घरों में किया जाएगा क्वारंटीन

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  अप्रैल 27, 2020   16:32
कोटा में फंसे 369 छात्र पहुंचे जम्मू-कश्मीर, घरों में किया जाएगा क्वारंटीन

जिला विकास आयुक्त (कठुआ) ओ.पी. भगत ने कहा, ‘‘जम्मू-कश्मीर सरकार ने तीन दिन पहले कोटा में फंसे 369 छात्रों को लेने के लिए 15 एसआरटीसी बसों को भेजा था। छात्र आज सुबह जम्मू-कश्मीर पहुंचे।’’

कठुआ। राजस्थान के कोटा में फंसे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के विभिन्न जिलों के 369 छात्रों का एक समूह सोमवार को यहां पहुंचा। अधिकारियों ने बताया कि उनके यहां पहुंचने के बाद उनकी कोविड-19 की जांच की गई और बाद में उन्हें दोनों केन्द्र शासित प्रदेशों में स्थित गृह जिलों के लिए रवाना किया गया। अपने परिवार से मिलने से पहले प्रशासन इन्हें पृथक रखेगा। उन्होंने बताया कि करगिल के वे छह छात्र भी लद्दाख जाने वाले समूह में शामिल हो गए, जो कठुआ में अपना 14 दिन पृथक रहने का समय पूरा कर चुके हैं। जिला विकास आयुक्त (कठुआ) ओ.पी. भगत ने कहा, ‘‘जम्मू-कश्मीर सरकार ने तीन दिन पहले कोटा में फंसे 369 छात्रों को लेने के लिए 15 एसआरटीसी बसों को भेजा था। छात्र आज सुबह जम्मू-कश्मीर पहुंचे।’’ 

इसे भी पढ़ें: कोटा से निकाले गए 391 स्टूडेंट बसों से पहुंचे असम, 14 दिनों के लिए किया गया क्वारंटीन 

उन्होंने बताया कि डॉक्टरों की विशेष टीम ने छात्रों की जांच की और बाद में उनके जिलों के लिए उन्हें रवाना किया गया। उन्होंने कहा, ‘‘कश्मीर और लद्दाख के छात्रों की आठ बसें श्रीनगर के लिए रवाना की गई, जिनमें वे छह छात्र भी लद्दाख जाने वाले समूह में शामिल हो गए, जो कठुआ में अपना 14 दिन पृथक रहने का समय पूरा कर चुके हैं।’’ अधिकारियों ने बताया कि लद्दाख के 57 छात्रों का एक समूह कोटा से उनके गृह जिलों के लिए भी रवाना हुआ है। भगत ने बताया कि सभी छात्र अनिवार्य रूप से प्रशासन की निगरानी में पृथक रहें और इसके बाद उन्हें उनके गृह जिलों के लिए रवाना किया जाएगा।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।