कोरोना के बीच एक और प्राकृतिक आपदा, बारिश और बाढ़ के चलते 8 राज्यों में 470 लोगों की मौत

Flood
अनुराग गुप्ता । Jul 22, 2020 11:14AM
गृह मंत्रालय की तरफ से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, अभी तक के मानसून में पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा 142 लोगों की मौत हुई है।
नयी दिल्ली। कोरोना महामारी के बीच में मानसून ने भी दस्तक दे दी है। आठ राज्यों में भारी बारिश की वजह से आई बाढ़ और भूस्खलन से अब तक 470 लोगों की मौत हो चुकी हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में पश्चिम बंगाल, असम और गुजरात शामिल हैं। अंग्रेजी अखबार द टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में मार्च से यह दूसरी आपदा है। जिसमें एनडीआरएफ की कम से कम 70 टीमें बचाव एवं राहत कार्य में लगी हुई हैं।

गृह मंत्रालय की तरफ से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, अभी तक के मानसून में पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा 142 लोगों की मौत हुई है। जबकि पांच लोग लापता हो गए। असम में 111, गुजरात में 81, महाराष्ट्र में 46 और मध्य प्रदेश में 44 लोगों ने बाढ़ की वजह से अपना दम तोड़ दिया। 

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मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक केरल जहां महाराष्ट्र के साथ पिछले साल बाढ़ के चलते सबसे ज्यादा लोगों की मौत हुई थी वहां अभी तक 13 जिलों में 23 लोगों की बाढ़ के चलते मौत हो गई। हालांकि बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए 800 से ज्यादा राहत कैंप स्थापित किए गए।

सामाजिक दूरी का पालन करना मुश्किल

एक तरफ जहां देश कोरोना महामारी से जूझ रहा था वहीं दूसरी तरह भारी बारिश के चलते बाढ़ जैसी दूसरी आपदा 8 राज्य सामना कर रहे हैं। ऐसे में जिन राज्यों में बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए राहत कैंप बनाए गए हैं वहां पर सामाजिक दूरी का पालन कराना एक बड़ी चुनौती बन गई है। अगर हम असम की बात करें तो वहां पर प्रदेश सरकार ने 564 राहत कैंप स्थापित किए हैं जहां पर 1 लाख 45 हजार से अधिक लोग शरण ले चुके हैं। वहीं पश्चिम बंगाल में 118, उत्तर प्रदेश में 78 और बिहार में 13 राहत कैंप चल रहे हैं। बता दें कि बिहार में बाढ़ की वजह से किसी भी व्यक्ति की मौत नहीं हुई है लेकिन 13 राहत कैंपों में 12 हजार से ज्यादा लोग रह रहे हैं। 

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रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल मानसून ने भारी तबाही मचाई थी। उस वक्त 30 सितंबर तक 14 राज्यों के 1,685 लोगों ने अपनी जान गंवा दी और सैकड़ों लोग लापता हो गए थे। वहीं बीते बरस 25 साल में सबसे अधिक बारिश का रिकॉर्ड भी टूट गया था।

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