ये हैं वो 5 घटनाएं जिन्होंने मोदी-शाह के नेतृत्व को किया है शर्मसार

By अनुराग गुप्ता | Publish Date: Jul 15 2019 4:37PM
ये हैं वो 5 घटनाएं जिन्होंने मोदी-शाह के नेतृत्व को किया है शर्मसार
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लोकसभा चुनाव में भारी मतों से जीतने के बाद मोदी कार्यकाल की शुरुआत हो चुकी है। सभी सांसद और नेता जनता को किए गए वादों को निभाने के लिए काम में जुट गए हैं लेकिन कुछ नेता ऐसे भी रहे जिन्होंने सरकार का नाम खराब करने की पूरी कोशिश की।

लोकसभा चुनाव में भारी मतों से जीतने के बाद मोदी कार्यकाल की शुरुआत हो चुकी है। सभी सांसद और नेता जनता को किए गए वादों को निभाने के लिए काम में जुट गए हैं लेकिन कुछ नेता ऐसे भी रहे जिन्होंने सरकार का नाम खराब करने की पूरी कोशिश की और अपनी गलतियों को मानने की बजाए यह कहते हुए दिखाई दिए कि भगवान दोबारा ऐसे हालात न पैदा करें कि हमें दोबारा बल्ला उठाना पड़े। बल्ला शब्द का इस्तेमाल करते ही आपके ज़हन में बल्लामार विधायक आकाश विजयवर्गीय का नाम आया होगा और आना भी चाहिए था क्योंकि हाल के दिनों में बल्ला चलाते हुए उनका वीडियो सोशल मीडिया में काफी तेजी से वायरल हुआ था।

1- बल्लामार विधायक आकाश विजयवर्गीय

भाजपा महासचिव और पश्चिम बंगाल में पार्टी प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय के विधायक बेटे आकाश विजयवर्गीय ने नगर निगम अधिकारी के साथ जमकर गुंडागर्दी की और फिर बल्ले से पिटाई भी कर डाली। इतना ही नहीं जब उन्हें गिरफ्तार किया गया तो उन्होंने कहा कि भगवान ऐसी परिस्थिति दोबारा न पैदा करें कि मुझे बल्ला फिर से उठाना पड़े। इससे यह साफ हो जाता है कि आखिर आकाश विजयवर्गीय को अपनी हरकतों पर कितना अफसोस है। इतना ही नहीं आकाश की गिरफ्तारी पर जब एक टीवी चैनल के रिपोर्टर ने कैलाश विजयवर्गीय से सवाल पूछा तो उन्होंने भी उस रिपोर्टर को औकात में रहने की हिदायत दे डाली। 

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हालांकि इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा संसदीय दल की बैठक में कहा था कि मुझे इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि इस घटना के पीछे किसका बेटा है। किसी भी तरह का दुर्व्यवहार और घमंड बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। पार्टी में मनमानी नहीं चलेगी। पीएम मोदी इतने में ही नहीं रुके बल्कि उन्होंने उन लोगों को भी लताड़ा जिन्होंने आकाश विजयवर्गीय के इस कदम को सही ठहराया था। मोदी ने कहा कि जिन लोगों ने (विधायक आकाश) उसे प्रोत्साहित किया, उन्हें भी पार्टी से निकाला जाना चाहिए। राजनीतिक विशेषज्ञों ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा की गई इस टिप्पणी का स्वागत करते हुए कहा था कि इससे पार्टी के भीतर अनुशासन जागेगा और कोई भी नेता किसी व्यक्ति से साथ दुर्व्यवहार करने से पहले सौ बार सोचेगा।

2- सतना नगर निगम अधिकारी के साथ मारपीट

आकाश विजयवर्गीय ने सुर्खियां बटोरी ही थी कि मध्य प्रदेश के सतना जिले से मारपीट का एक वीडियो सामने आ गया। इस वीडियो में दिखाई देता है कि भाजपा नेता एक अधिकारी को बुरी तरह से पीट रहा है। दरअसल भाजपा का यह नेता सतना नगर पंचायत का अध्यक्ष बताया जा रहा था जिसने सीएमओ की बुरी तरह से पिटाई कर दी, जिसके बाद से लगातार उसकी तबियत बिगड़ती चली गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सीएमओ का कसूर सिर्फ इतना-सा था कि उन्होंने अध्यक्ष के ऊपर लगे करोड़ों के घोटाले की शिकायत पर जांच शुरू कर दी थी। 

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जांच शुरू करने वाले सरकारी अधिकारी को  भाजपा नेता ने इतना पीटा कि वह लहूलुहान हो गया। इतना ही नहीं पंचायत भाजपा अध्यक्ष अभी जमानत पर चल रहे हैं क्योंकि सीएमओ देवरत्नम ने अध्यक्ष के कई फर्जी प्रधानमंत्री आवास के केसों की फाइलें रद्द कर एफआईआर दर्ज करवाई थी।



3- विधायक का तमंचे पर डिस्को

भले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने नेताओं से लगातार अनुशासन में रहने की बात करते हैं लेकिन नेताओं को कहां प्रधानमंत्री की बातें समझ में आती हैं। दरअसल उत्तराखंड के खानपुर से भाजपा विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैम्पियन चर्चा में आ गये हैं। विधायक जी का एक वीडियो इस समय सोशल मीडिया पर काफी चर्चा का विषय बना हुआ है जिसमें वह अपने दोनों हाथों में अलग-अलग तरह की बंदूकें लहराते हुए नजर आ रहे हैं। इतना ही नहीं तमंचे के साथ-साथ विधायक जाम भी पीते नजर आ रहे हैं।

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बताया गया कि विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैम्पियन ने अपने समर्थकों के लिए एक पार्टी का आयोजन किया था जिसमें उन्होंने जमकर ठुमके लगाए, शराब पी और पिलायी। इसके साथ ही पार्टी में विधायक महोदय तमंचा लहराते हुए भी नजर आए। वायरल हो रहे वीडियो में विधायक के पास तमंचे सहित चार बंदूकें नजर आ रही हैं। विधायक मदिरा पी कर उत्तराखंडी भाषा में अभद्र शब्दों का इस्तेमाल भी कर रहे हैं। हालांकि विधायक महोदय को 3 महीने के लिए पार्टी से निकाल दिया गया है।



4- सोशल मीडिया के दौर में वायरल हुई विधायक की बेटी

बरेली से बीजेपी विधायक राजेश मिश्रा इन दिनों सुर्खियों में छाए हुए हैं। क्योंकि उनकी बालिग बेटी साक्षी ने भागकर अजितेश कुमार नामक दलित व्यक्ति के साथ शादी कर ली और एक वीडियो सोशल मीडिया में साझा कर अपने पिता और उनके दोस्तों द्वारा खुद की जान को खतरा बताया। दरअसल साक्षी ने वीडियो में कहा कि उन्हें पिता से खतरा है और वह हम दोनों को मार देना चाहते हैं। हालांकि विधायक महोदय ने इन आरोपों को सिरे से नकार दिया। लेकिन सोशल मीडिया में इस पूरे घटनाक्रम को लेकर जंग शुरू हो गई है।

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कोई लिख रहा है कि जो नेता अपनी बेटी का नहीं हो पाया वह जनता का क्या होगा... तो कई लिख रहा है कि जो लड़की पिता की नहीं हुई वो भला प्रेमी की कैसे हो सकती है वगैरह-वगैरह। ये सोशल मीडिया है साहब कुछ तो लोग कहते ही रहेंगे। इसीलिए हम आपसे कह रहे हैं कि यह जो सोशल मीडिया की जंग है उससे दूर रहे और सच्चाई देखने का प्रयास करते रहें।

5- विधायक ने सरेआम महिला को पीटा

हाल ही में गुजरात के नरोदा में भाजपा विधायक के पास पानी की समस्या को लेकर पहुंची महिला की जमकर सरेआम पिटाई हो गई। मीडिया रिपोर्टो में दावा किया गया कि विधायक ने महिला को सड़क में सरेआम पीटा। इतना ही नहीं महिला एनसीपी की नेता भी हैं। महिला ने आरोप लगाए थे कि वह पानी की समस्या को लेकर विधायक के कार्यलय में पहुंची लेकिन उनकी समस्या सुनने की बजाए विधायक ने उन्हें पहले कार्यलय के बाहर किया और बाद में अपने समर्थकों के साथ मिलकर पिटाई की।

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एक निजी चैनल को पीड़ित महिला ने दी जानकारी में बताया कि जब मेरे पति मुझे बचाने के लिए आए तो इन लोगों ने उनके साथ भी मारपीट की। हालांकि जब ये वीडियो वायरल हुआ तो विधायक ने महिला से माफी मांगने की बात कही और कहा कि महिला ने पहले उनके साथ मारपीट की थी। 

तो ये थी वो पांच घटनाएं जिन्होंने मोदी और शाह के नेतृत्व वाली भाजपा की कार्यशैली पर धब्बा लगाने का प्रयास किया था। हालांकि वह अपने मंसूबों पर पूरी तरह से कामयाब नहीं हो पाए। सरकार की मुस्तैदी ही तो थी कि सरकार अधिकारी पर बल्ला चलाने वाले विधायक को पुलिस ने हिरासत में ले लिया और पूछताछ की। फिलहाल विधायक आकाश जमानत पर चल रहे हैं। 

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