मोदी सरकार पार्ट 2 के 50 दिन पूरे, जानें किस दिशा में आगे बढ़ रहा देश

By अंकित सिंह | Publish Date: Jul 22 2019 5:17PM
मोदी सरकार पार्ट 2 के 50 दिन पूरे, जानें किस दिशा में आगे बढ़ रहा देश
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नरेंद्र मोदी की सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल के पहले 50 दिनों में आर्थिक वृद्धि को तेज करने तथा देश को पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने को प्राथमिकता दी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार ने लोकसभा चुनाव में ऐतिहासिक जनादेश हासिल करने के बाद अपने दूसरे कार्यकाल में 50 दिन पूरे कर लिए हैं। मंत्रालय गठन के बाद से ही यह लगातार कहा जा रहा है कि मोदी सरकार लटकाने और भटकाने नहीं बल्कि काम को गति देने के इरादे से आगे बढ़ रही है। इन 50 दिनों में मोदी सरकार का सबसे ज्यादा ध्यान आर्थिक तरक्की और कश्मीर पर रहा। सरकार द्वारा पेश किए गए बजट भी इसी तरफ इशारा करते हैं। चलिए अब हम आपको बताते हैं कि आखिर मोदी सरकार की इन 50 दिनों में क्या दिशा रही। 

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आर्थिक मामला
नरेंद्र मोदी की सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल के पहले 50 दिनों में आर्थिक वृद्धि को तेज करने तथा देश को पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने को प्राथमिकता दी है। सरकार ने अर्थव्यवस्था को गति देने के लिये पिछले 50 दिनों में सुधार के कई कदम उठाये हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद वित्त और अन्य मंत्रालयों के शीर्ष नौकरशाहों के साथ विचार-विमर्श किया और सुस्त पड़ती अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने और रोजगार सृजन को ध्यान में रखते हुए सरकार के 100 दिन के एजेंडा को अंतिम रूप देने पर जोर रहा। किसानों की आय दोगुना करने, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री आवास योजना, सबको पेयजल, सबको बिजली समेत प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में तेजी लाने की बात लगातार की गई है। 


रोजगार
चुनावी शोर में सबसे ज्यादा गूंज रोजगार को लेकर सुनाई देती थी। विपक्ष लगातार मोदी सरकार पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाती रहा। सरकार गठन के बाद से ही मोदी सरकार इस दिशा में बढ़ती दिख रही है। सरकार रोजगार सृजन, कौशल विकास और MSME सेक्टर को भी लेकर सक्रिय है। सरकार ने जिन आठ समितियों का गठन किया है उनमें से ज्यादा समितियों का उद्देश्य रोजगार सृजन को लेकर नीति तैयार करना है। मुद्रा योजना और स्टार्ट अप योजना के जरिए सरकार युवाओं को स्वावलंबी बनाने की भी कोशिश कर रही है।  


विदेश


कहते हैं कि देश तभी चहुंमुखी विकास की ओर बढ़ता है जब उसकी विदेश नीति सही हो। भले ही विपक्ष चाहे जो कहे पर मोदी सरकार की विदेश नीति का सभी लोहा मान रहे हैं। मोदी सरकार पार्ट 1 में भी सरकार की विदेश नीति में जवाहर लाल नेहरू के साथ-साथ अटल बिहारी वाजपेयी की छाप साफ नजर आ रही थी। इस बार भी मोदी सरकार उसी नीति के तहत आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को प्राथमिकता देने की नीति को बरकरार रखा है। उन्होंने अपने दूसरे शपथ ग्रहण समारोह में बिम्सटेक (बंगाल की खाड़ी से लगे देशों के बीच विविध क्षेत्रीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग पहल) के देशों को आमंत्रित किया। दूसरे कार्यकाल के शुरू में ही मोदी ने मालदीव व श्रीलंका की यात्राएं कीं। मोदी शांघाई सहयोग शिखर सम्मेलन और जी20 शिखर सम्मेलन (ओसाका) में गए। इन सम्मेलनों में उनकी चीन, अमेरिका, जापान और कई अन्य देशों के नेताओं के साथ अलग से बातचीत हुई।
पाकिस्तान और आतंकवाद
पाकिस्तान को लेकर मोदी सरकार अपने पहले कार्यकाल जैसी ही नीति अपनाए हुए है। इस बार भी सरकार का साफ मानना है कि बातचीत के लिए पाकिस्तान को अपनी जमीन से होने वाली आतंकी गतिविधियों पर रोक लगानी होगी। भारत कश्मीर को लेकर कोई पाक से बातचीत नहीं चाहता क्योंकि भारत सरकार साफ मानती है कि कश्मीर भारत का हिस्सा था, है और रहेगा भी। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी भारत आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान को घेरता रहा है। शांघाई सहयोग शिखर सम्मेलन में भी PM मोदी ने पाक प्रधानमंत्री इमरान खान से कोई औपचारिक बातचीत नहीं की। भारत के दबाव का ही परिणाम है कि हाफिज सईद को उसे जेल में बंद करना पड़ा है। हाल में ही कुलभूषण जाधव मामले में ICJ का फैसला पाकिस्तान के लिए करारा झटका तो है ही, यह भारत के बढ़ते प्रभुत्व की तरफ भी इशारा करता है। करतारपुर गलियारे को लेकर हुई बैठक में भारत पाक से अपनी बात मनवाने में कामयाब रहा। 
भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई
मोदी सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की पॉलिसी अपनाए हुए है। सत्ता में आते ही मोदी सरकार ने 12 वरिष्ठ वित्त अधिकारियों को बाहर का रास्ता दिखाया। इनमें आयुक्त और संयुक्त आयुक्त स्तर के अधिकारी भी शामिल थे। इसके बाद सरकार ने राजस्व सेवा के 15 वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सेवानिवृत कर दिया। केंद्र सरकार ने सेवा के सामान्य वित्त नियम के 56-जे के तहत इन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की थी।
गृह
सरकार गठन के बाद जो विभाग सबसे ज्यादा चर्चा में रहा वह गृह विभाग ही था। राजनाथ सिंह से यह विभाग लेकर अमित शाह को दे दिया गया। सरदार पटेल के बाद गुजरात के गृह मंत्री बनने वाले दूसरे व्यक्ति अमित शाह हुए। जानकार बताते हैं कि गृह मंत्री का जिम्मा संभालने के बाद अमित शाह का सबसे ज्यादा ध्यान कश्मीर पर है। शाह लगातार कश्मीर को लेकर अलग-अलग नीति बना रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि मोदी सरकार कश्मीरी पंडितों को भी वापस बसाने की कोशिश कर रही है। अमित शाह वहां का दौरा भी कर चूके हैं और लोगों को जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। इसके अलावा सरकार NRC को लेकर भी काफी गंभीर नजर आ रही है। NIA का दायरा भी बढ़ा दिया गया है। गृह मंत्री ने साफ कहा है कि देश की इंच-इंच जमीन से घुसपैठियों को निकाला जाएगा। हालांकि देश के अलग-अलग हिस्सों से जो मॉब लिंचिग की खबरें आ रही है वो सरकार के लिए बड़ी चुनौती है। 
सरकार रेलवे में ढांचागत सुधार पर जोर दे रही है तो भारतमाला के जरिए सड़क निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। जल शक्ति मंत्रालय के जरिए जल संचयन पर ध्यान दिया जा रहा है। सरकार अंतरिक्ष मिशन को भी मजबूत बनाने की तरफ बढ़ रही है। श्रम सुधार, गरीबों को चूना लगाने वाले धोखेबाजों के खिलाफ कठोर कानून, बच्चों का यौन उत्पीड़न करने वालों के लिये मौत की सजा, खरीफ फसलों के लिये अधिक न्यूनतम समर्थन मूल्य आदि उन कदमों में शामिल हैं जो पिछले 50 दिनों में सरकार ने उठाये हैं। सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावेडकर ने दावा किया है कि मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले 50 दिनों में ‘‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’’ के दर्शन हुए हैं। उन्होंने कहा कि किसान, जवान, नौजवान, मजदूर, मध्यम वर्ग, व्यापारी, नया शोध, भारत को आगे ले जाने, पड़ोसियों से भारत के संबंध, निवेश, संसाधनों का विकास, भ्रष्टचार के खिलाफ जोर से लड़ाई और सामाजिक न्याय 50 दिन की मुख्य बातें हैं। 
 

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