देश में एक दिन में सर्वाधिक संख्या में 57,937 मरीज संक्रमण मुक्त हुए: स्वास्थ्य मंत्रालय

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  अगस्त 18, 2020   17:19
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देश में एक दिन में सर्वाधिक संख्या में 57,937 मरीज संक्रमण मुक्त हुए: स्वास्थ्य मंत्रालय

मंत्रालय ने कहा कि देश में 6,73,166 इलाजरत मरीज हैं, जो कुल मामलों का सिर्फ 24.91 प्रतिशत है। आज की तारीख में देश में 1,476 प्रयोगशाला (लैब) कोविड-19 की जांच कर रही है , जिनमें 971 लैब सरकारी हैं और 505 लैब निजी क्षेत्र में हैं।

नयी दिल्ली। देश में कोविड-19 के मामलों का पता लगाने के लिये अब तक कुल तीन करोड़ नौ लाख 41 हजार 264 जांच की गई है। इनमें रिकार्ड संख्या में 8,99,864 जांच एक दिन में की गई। हालांकि, संक्रमण की पुष्टि होने की दर साप्ताहिक राष्ट्रीय औसत 8.84 प्रतिशत की तुलना में 8.81 प्रतिशत रही। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी। मंत्रालय ने कहा कि वायरस से संक्रमण मुक्त हुए लोगों की संख्या बढ़ कर 19 लाख के आकड़े को पार कर गई है, जिनमें से 57,937 मरीज 24 घंटे की अवधि में संक्रमण मुक्त हुए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, ‘‘सोमवार को कुल 8,99,864 नमूनों की जांच की गई, जो किसी एक दिन की सर्वाधिक संख्या है। इसके साथ ही अब तक की गई जांच की कुल संख्या बढ़ कर 3,09,41,264 (तीन करोड़ नौ लाख इकतालीस हजार दो सौ चौसठ) हो गई।’’ 

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मंत्रालय ने कहा, ‘‘इतनी अधिक संख्या में जांच होने के बावजूद रिपोर्ट पॉजिटिव आने की दर कमहै, जो साप्ताहिक राष्ट्रीय औसत 8.84 प्रतिशत की तुलना में 8.81 प्रतिशत है।’’ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा मंगलवार सुबह अद्यतन किये गये आंकड़ों के मुताबिक भारत में 24 घंटे की अवधि में किसी एक दिन में सर्वाधिक संख्या में मरीज संक्रमण मुक्त हुए और उनकी यह संख्या 57,937 है। मंत्रालय ने इस बात का जिक्र किया कि इसी अवधि में कोविड-19 के 55,079नये मामले सामने आये, जिसकी तुलना में इस अवधि में संक्रमण मुक्त हुए लोगों की संख्या (57,937) अधिक है। कोविड-19 के कहीं अधिक मरीजों को अस्पताल से छुट्टी मिलने और हल्के लक्षणों वाले मरीजों के पृथक-वास से बाहर आने के साथ इस रोग से उबरने वाले लोगों की कुल संख्या बढ़ कर 19,77,779 हो गई। मंत्रालय ने कहा, ‘‘संक्रमण मुक्त हुए मरीजों और इलाजरत मरीजों के बीच का अंतर आज की तारीख में 13 लाख के आंकड़े को पार कर गया है।’’

मंत्रालय ने कहा कि संक्रमण मुक्त होने की प्रतिदिन की औसत दर में लगातार सुधार होने के साथ यह दर बढ़ कर 73.18 प्रतिशत हो गई है, जबकि मृत्यु दर 1.92 प्रतिशत है। मंत्रालय ने कहा कि केंद्र, राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों के समन्वित प्रयासों से छत्तीसढ़, असम, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, झारखंड, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक सहित 30 राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों में राष्ट्रीय औसत से कम मृत्यु दर है। मंत्रालय ने इस बात का जिक्र किया कि तत्परता से जांच किये जाने के चलते संक्रमित मरीजों की शीघ्र पहचान की गई और उनहें पृथक कर दिया गया। कारगर उपचार से इसमें और मदद मिली और मृत्यु दर कम करना सुनिश्चित हो पाया। मंत्रालय ने कहा कि देश में 6,73,166 इलाजरत मरीज हैं, जो कुल मामलों का सिर्फ 24.91 प्रतिशत है। आज की तारीख में देश में 1,476 प्रयोगशाला (लैब) कोविड-19 की जांच कर रही है , जिनमें 971 लैब सरकारी हैं और 505 लैब निजी क्षेत्र में हैं।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा- ट्रैक्टर परेड के दौरान हिंसा के पीछे असामाजिक तत्व थे

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 27, 2021   08:53
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किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा- ट्रैक्टर परेड के दौरान हिंसा के पीछे असामाजिक तत्व थे

भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा के पीछे कुछ असामाजिक तत्व थे।

गाजियाबाद। भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा के पीछे कुछ असामाजिक तत्व थे। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस की कार्रवाइयों के कारण कुछ असामाजिक तत्व परेड में शामिल हो गए और यह हिंसा का कारण बना।

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भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने एक बयान में यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने परेड के पहले से तय मार्गों के कुछ स्थानों पर गलत तरीके से बैरिकेड लगाए थे। टिकैत ने कहा, यह जानबूझकर किसानों को बरगलाने के लिए किया गया था, इस वजह से ट्रैक्टरों पर किसान भटक गए।”

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उन्होंने दावा किया कि इससे असामाजिक तत्वों को ट्रैक्टर परेड में प्रवेश का मौका मिला। उन्होंने कहा कि बीकेयू शांतिपूर्ण प्रदर्शन में विश्वास करता है और हिंसा के पीछे उपद्रवियों की पहचान करेगा।





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बंगाल भाजपा प्रमुख दिलीप घोष ने गलती से गणतंत्र दिवस पर उल्टा तिरंगा फहराया

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 27, 2021   08:45
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बंगाल भाजपा प्रमुख दिलीप घोष ने गलती से गणतंत्र दिवस पर उल्टा तिरंगा फहराया

पश्चिम बंगाल भाजपा प्रमुख दिलीप घोष ने मंगलवार को गणतंत्र दिवस कार्यक्रम के दौरान बीरभूम जिले के एक पार्टी कार्यालय में गलती से उल्टा तिरंगा फहरा दिया।

कोलकाता। पश्चिम बंगाल भाजपा प्रमुख दिलीप घोष ने मंगलवार को गणतंत्र दिवस कार्यक्रम के दौरान बीरभूम जिले के एक पार्टी कार्यालय में गलती से उल्टा तिरंगा फहरा दिया। पार्टी के रामपुरहाट कार्यालय में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के तुरंत बाद घोष को अहसास हुआ कि तिरंगा उल्टा है और बाद में उसे ठीक से फहरा कर उन्होंने अपनी गलती सुधारी।

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हालांकि तृणमूल कांग्रेस ने भगवा पार्टी पर तंज कसते हुए कहा कि जो लोग राष्ट्रीय ध्वज ठीक से नहीं फहरा सकते, वे देश या किसी राज्य को चलाने के अयोग्य हैं। घोष ने संवाददाताओं से कहा, यह एक शर्मनाक क्षण था और यह अनजाने में गलती से हुआ। किसी का इरादा राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने का नहीं था। हालांकि, मैंने पार्टी के सदस्यों से भविष्य में सावधान रहने को कहा है।” इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए जिला तृणमूल प्रमुख अनुब्रत मंडल ने कहा कि जो लोग राष्ट्रीय ध्वज सही ढंग से नहीं फहरा सकते, वे देश या किसी राज्य को चलाने के लायक नहीं हैं।





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किसानों के लिए खुशखबरी! झारखंड में नौ लाख किसानों का 50 हजार तक का कर्जा माफ होगा

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 27, 2021   08:27
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किसानों के लिए खुशखबरी! झारखंड में नौ लाख किसानों का 50 हजार तक  का कर्जा माफ होगा

झारखंड की राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने देश के 72वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर मंगलवार को यहां घोषणा की कि राज्य सरकार अपने वादे के अनुरूप इस वर्ष 31 मार्च तक राज्य के लगभग नौ लाख किसानों के 50 हजार रुपये तक के कृषि ऋण माफ कर देगी।

रांची। झारखंड की राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने देश के 72वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर मंगलवार को यहां घोषणा की कि राज्य सरकार अपने वादे के अनुरूप इस वर्ष 31 मार्च तक राज्य के लगभग नौ लाख किसानों के 50 हजार रुपये तक के कृषि ऋण माफ कर देगी। राज्यपाल ने गणतंत्र दिवस पर यहां परेड की सलामी लेने के बाद अपने संबोधन में यह बात कही।

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राज्यपाल मुर्मू ने कहा कि उनकी सरकार ने ‘झारखंड राज्य कृषि ऋण माफी योजना’ की शुरूआत कर दी है और वर्तमान वित्तीय वर्ष में किसानों के 50 हजार रुपये तक के ऋण माफ करने के लिए 2000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गयी है। राज्यपाल ने कहा कि राज्य सरकार ने कोविड संक्रमण से निपटने के लिए बड़े पैमाने पर कदम उठाये जिससे यहां इस महामारी से बड़ी संख्या में लोगों की जान बचायी जा सकी। प्रधानमंत्री द्वारा कोविड-19 से निपटने के लिए 16 जनवरी से देश में शुरू टीकाकरण अभियान में झारखंड भी पूरी तैयारी के साथ शामिल हुआ है और राज्य में 48 केन्द्रों पर स्वास्थ्यकर्मियों के टीकाकरण का कार्य जारी है।

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मुर्मू ने इस अवसर पर देश तथा झारखंड के स्वतंत्रता सेनानियों को भी याद किया। उन्होंने कहा कि राज्य में युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस उद्देश्य से उनकी सरकार ने अनेक कदम उठाये हैं। झारखंड लोक सेवा आयोग के माध्यम से विभिन्न सरकारी विभागों में बड़े पैमाने पर नियुक्तियां की जायेंगी और इसके लिए आयोग की सभी परीक्षाओं का कैलेंडर जारी किया जायेगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार महिला सुरक्षा के प्रति भी पूरी तरह सजग है। राज्य के विकास में महिलाओं का योगदान सुनिश्चित करने के लिए 2.57 लाख सखी मंडलों का गठन कर कुल 32.2 लाख परिवारों को अब तक इससे जोड़ा गया है।





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