उत्तर प्रदेश में केजरीवाल मॉडल के आधार पर पंचायत चुनाव लड़ेगी आम आदमी पार्टी

sanjay singh
उत्तर प्रदेश के किसान ही नहीं, बल्कि देश के किसान भारतीय जनता पार्टी की दमनकारी नीतियों से बेहद आहत और गुस्से में हैं। उन्होंने राज्य निर्वाचन आयोग से इस मसले पर पुनर्विचार करने की अपील की है।
लखनऊ। आम आदमी पार्टी (आप) उत्तर प्रदेश के आगामी पंचायत चुनाव में केजरीवाल मॉडल के जरिए मतदाताओं को लुभाने का प्रयास करेगी। आप के राज्यसभा सदस्य और पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी संजय सिंह ने बुधवार को संवाददाताओं से बातचीत में पंचायत सदस्य पद के 500 प्रत्याशियों की सूची जारी करते हुए कहा कि केजरीवाल सरकार ने बिजली, पानी, चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व काम किया है। हम उत्तर प्रदेश के पंचायत चुनाव में लोगों के बीच जाकर केजरीवाल मॉडल को बताएंगे। 

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उन्होंने कहा कि पार्टी के समर्थन से पंचायत सदस्य पद पर जीते हुए प्रत्याशियों को आगामी विधानसभा चुनाव में भी पार्टी टिकट देकर चुनाव लड़ने का मौका दे सकती है। सिंह ने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग की गतिविधियां समझ से परे हैं। उन्होंने बताया कि 11 अप्रैल को प्रत्याशी को चुनाव चिह्न मिलेगा। वह 12 अप्रैल को पोस्टर बैनर छपवाएगा, फिर 17 को चुनाव प्रचार बंद हो जाएगा, जबकि 19 अप्रैल को पहले चरण का चुनाव है। ऐसे में महज पांच दिन में एक प्रत्याशी भला अपना प्रचार 50,000 जनता के बीच कैसे कर पाएगा? 

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उन्होंने बताया कि पर्चा खरीदने के लिए महज एक खिड़की है जहां भाजपा के लोग साठगांठ कर पर्चा खरीद ले रहे हैं, लेकिन बाकी दलों और निर्दलीय और आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार काफी परेशानी का सामना कर रहे हैं। सिंह ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भाजपा प्रत्याशियों का बुरा हाल है। उत्तर प्रदेश के किसान ही नहीं, बल्कि देश के किसान भारतीय जनता पार्टी की दमनकारी नीतियों से बेहद आहत और गुस्से में हैं। उन्होंने राज्य निर्वाचन आयोग से इस मसले पर पुनर्विचार करने की अपील की है। 

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