दिल्ली की Voter List से कटे 47.5 लाख नाम, AAP ने लगाया Election Commission पर ब्योरा न देने का आरोप

AAP Saurabh Bhardwaj
प्रतिरूप फोटो
AI-Generated

आप नेता सौरभ भारद्वाज ने दावा किया है कि चुनाव आयोग ने हटाए गए मतदाताओं के फोन नंबर और पते राजनीतिक दलों को नहीं सौंपे हैं। पार्टी के अनुसार दिल्ली के मसौदे में कुल 47.5 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, जिसमें बुराड़ी विधानसभा क्षेत्र में सर्वाधिक 1.67 लाख नाम कटे हैं। जानकारी न मिलने से नामों को हटाने के कारणों का सत्यापन नहीं हो पा रहा है।

आम आदमी पार्टी (आप) की दिल्ली इकाई के प्रमुख सौरभ भारद्वाज ने मंगलवार को आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ने बार-बार अनुरोध के बावजूद राजनीतिक दलों के साथ उन मतदाताओं के नाम, फोन नंबर और पते साझा नहीं किए हैं, जिनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। भारद्वाज ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि पार्टी ने चुनाव अधिकारियों से यह जानकारी लिखित रूप में और बैठकों के दौरान भी मांगी थी। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने भी उन्हें आश्वासन दिया था कि ये विवरण साझा किए जाएंगे।

हालांकि, इस मामले में भारत निर्वाचन आयोग की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हो सकी। भारद्वाज ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद सूची राजनीतिक दलों के साथ साझा नहीं की गई। उन्होंने कहा कि इसके कारण राजनीतिक दल यह सत्यापित नहीं कर पा रहे हैं कि मतदाताओं के नाम वास्तव में सही कारणों से हटाए गए हैं या इसमें कोई अनियमितता हुई है।

इसे भी पढ़ें: दिल्ली की मसौदा मतदाता सूची से 47.5 लाख नाम बाहर, बुराड़ी में सबसे ज्यादा कटौती

उन्होंने कहा कि पार्टी इस मामले में अदालत का रुख करने की इच्छुक नहीं है, क्योंकि बिहार और पश्चिम बंगाल में ऐसे मामलों को लेकर कानूनी कार्यवाही पहले से चल रही है। भारद्वाज ने कहा कि सरकार में कोई भी बदलाव ‘‘सड़कों और संविधान’’ के जरिए ही होना चाहिए। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत दिल्ली की मतदाता सूची का मसौदा सोमवार को प्रकाशित किया गया।

इसे भी पढ़ें: Delhi Voter List विवाद: SIR प्रक्रिया पर Arvind Kejriwal का तीखा हमला, कहा- चुनाव आयोग ऐसे तो आबादी घटा देगा

इसमें मौजूदा 1.45 करोड़ मतदाताओं में से 47.5 लाख मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में बुराड़ी में सबसे अधिक 1.67 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए। प्रतिशत के लिहाज से तुगलकाबाद में सबसे अधिक 47.85 प्रतिशत नाम हटाए गए हैं।

इसके बाद ओखला में 45.33 प्रतिशत, कस्तूरबा नगर में 44.03 प्रतिशत और बदरपुर में 42.67 प्रतिशत मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।

All the updates here:

अन्य न्यूज़