प्रदेश कांग्रेस महामंत्री के मैरिज गार्डन पर कार्रवाई, कांग्रेस ने जलाए सिंधिया के पुतले

  •  दिनेश शुक्ल
  •  नवंबर 21, 2020   12:27
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प्रदेश कांग्रेस महामंत्री के मैरिज गार्डन पर कार्रवाई, कांग्रेस ने जलाए सिंधिया के पुतले
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शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष डॉ.देवेंद्र शर्मा की अध्यक्षता में कांग्रेस कार्यालय में हुई बैठक में कांग्रेस ने आक्रोश जताते हुए कहा कि उपचुनाव में डबरा(अजा) विधानसभा क्षेत्र से इमरती देवी व ग्वालियर पूर्व विधानसभा क्षेत्र से मुन्नाालाल गोयल की हार से ज्योतिरादित्य सिंधिया व भाजपा बौखला गई है।

ग्वालियर। प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री अशोक सिंह के थाटीपुर स्थित बालाजी गार्डन पर जिला प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस ने शिवराज सरकार व ज्योतिरादित्य सिंधिया पर हमला बोलने का निर्णय लिया है। शहर जिला कांग्रेस कार्यालय में आपात बैठक हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि शुक्रवार दोपहर एक बजे सिंधिया के पुतले जलाए जाएंगे। इसके साथ ही शनिवार को फूलबाग पर शहर जिला कांग्रेस धरना देगी। बैठक में विधायक प्रवीण पाठक, डॉ.सतीश सिकरवार व सुरेश राजे भी मौजूद थे।

 

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शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष डॉ.देवेंद्र शर्मा की अध्यक्षता में  कांग्रेस कार्यालय में हुई बैठक में कांग्रेस ने आक्रोश जताते हुए कहा कि उपचुनाव में डबरा(अजा) विधानसभा क्षेत्र से इमरती देवी व ग्वालियर पूर्व विधानसभा क्षेत्र से मुन्नाालाल गोयल की हार से ज्योतिरादित्य सिंधिया व भाजपा बौखला गई है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सिंधिया के इशारे पर सबसे पहले जिला प्रशासन ने अशोक सिंह व उनके परिवार को टारगेट किया है। उनकी पुश्तैनी जमीन पर बुलडोजर चलाकर राजनीतिक द्वेश की भावना से कार्रवाई की है। जिसका कांग्रेस सड़कों पर उतरकर विरोध करेगी। इसी कड़ी में शुक्रवार, 20 नवंबर को शहर के 12 ब्लॉकों में सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के पुतले जलाए गए। 





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समुद्री सुरक्षा को लेकर भारत सख्त, NSA डोभाल ने श्रीलंका में त्रिपक्षीय वार्ता में लिया हिस्सा

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 28, 2020   18:45
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समुद्री सुरक्षा को लेकर भारत सख्त, NSA डोभाल ने श्रीलंका में त्रिपक्षीय वार्ता में लिया हिस्सा
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श्रीलंका, भारत और मालदीव के साथ समुद्री सुरक्षा सहयोग पर चौथी त्रिपक्षीय बैठक का आयोजन कर रहा है। छह साल बाद यह बैठक हो रही है। इससे पहले यह बैठक 2014 में नयी दिल्ली में हुई थी।

कोलंबो। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल ने शनिवार को यहां भारत, श्रीलंका और मालदीव के बीच समुद्री सुरक्षा को लेकर उच्चस्तरीय त्रिपक्षीय वार्ता में हिस्सा लिया। श्रीलंका, भारत और मालदीव के साथ समुद्री सुरक्षा सहयोग पर चौथी त्रिपक्षीय बैठक का आयोजन कर रहा है। छह साल बाद यह बैठक हो रही है। इससे पहले यह बैठक 2014 में नयी दिल्ली में हुई थी। कोलंबो में भारतीय उच्चायोग ने बताया कि डोभाल, श्रीलंका के रक्षा सचिव मेजर (सेवानिवृत्त) कमल गुणारत्ने और मालदीव की रक्षा मंत्री मारिया दीदी द्वारा त्रिपक्षीय बैठक में हुई चर्चा के ब्योरे पर हस्ताक्षर करके औपचारिक रूप दिया गया। श्रीलंकाई विदेश मंत्रालय ने बैठक की विस्तृत जानकारी दिये बगैर ट्वीट किया कि श्रीलंका के विदेश मंत्री दिनेश गुणावर्धने ने मुख्य अतिथि के रूप में बैठक को संबोधित किया। विदेश सचिव एडमिरल प्रो. जयनाथ कोलंबेज ने भी बैठक में हिस्सा लिया। यह बैठक हिंद प्रशांत क्षेत्र और हिंद महासागर में अपने प्रभाव को बढ़ाने के चीन के प्रयासों के बीच हुई। श्रीलंकाई सेना ने बृहस्पतिवार को बताया था कि बैठक में बांग्लादेश, मॉरीशस और सेशल्स के पर्यवेक्षक भी रहेंगे। वार्ता के लिए शुक्रवार को कोलंबो पहुंचे डोभाल ने कल ही मालदीव की रक्षा मंत्री मारिया दीदी से मुलाकात की थी और हिंद महासागर में प्रमुख द्वीपीय देश के साथ द्विपक्षीय साझेदारी को और मजबूत करने पर सौहार्दपूर्ण और विस्तृत चर्चा की थी। 

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डोभाल ने शुक्रवार को श्रीलंका के रक्षा सचिव गुणारत्ने से भी मुलाकात की थी और वे दोनों देशों के बीच ‘‘मूल्यवान’’ सहयोग को और बढ़ाने के लिए कई कदमों पर सहमत हुए थे। कोलंबो में भारतीय उच्चायोग ने एक अन्य ट्वीट में कहा था, ‘‘एनएसए अजित डोभाल ने मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) कमल गुणारत्ने से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच रक्षा और सुरक्षा साझेदारी से संबंधित मामलों को लेकर विचार-विमर्श हुआ।’’  हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा पर समन्वित कार्रवाई, राहत और बचाव अभियान का प्रशिक्षण, समुद्र में बढ़ते प्रदूषण को लेकर कदम उठाने, सूचनाएं साझा करने, अवैध हथियारों, मादक पदार्थों की तस्करी पर लगाम लगाने जैसे विषयों पर त्रिपक्षीय बैठक में चर्चा होने की संभावना है। नयी दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा था कि एनएसए स्तर की त्रिपक्षीय बैठक हिंद महासागर के देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए एक प्रभावी मंच हैं। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा था, ‘‘हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी।’’  इस साल डोभाल का श्रीलंका का यह दूसरा दौरा है। इससे पहले वह जनवरी में श्रीलंका आए थे और दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की थी।





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तीन शिकारियों ने करंट लागकर ली हाथी की जान, जबलपुर वनमंडल का मामला

  •  दिनेश शुक्ल
  •  नवंबर 28, 2020   18:33
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तीन शिकारियों ने करंट लागकर ली हाथी की जान, जबलपुर वनमंडल का मामला
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वही वन अधिकारियों ने हाथी के मृत शरीर का निरीक्षण करने पर पाया कि उसकी सूंड करंट लगने से करीब डेढ़ फीट तक झुलस गई थी। इसके बाद ग्राम डुंगरिया मोहास के कोटवार से पूछताछ करके उन्होंने ग्रामीणों के बयान लिए। ग्रामीणों ने गांव के एक व्यक्ति को दो बाहरी लोगों के साथ मिलकर हाथी का बिजली करंट लगाकर हाथी का शिकार करने का संदेह जताया।

जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर वनमंडल के वन परिक्षेत्र बरगी में शुक्रवार को अपने साथियों से बिछुड़े जिस हाथी का शव पाया गया था। उसकी मौत की गुत्थी सुलझा ली गई है। तीन शिकारियों ने हाथी दांत के लालच में बिजली का करंट लगाकर हाथी का शिकार किया था। इसकी पुष्टि होने पर वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों शिकारियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिन्हें आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। वहीं,  मृत हाथी के साथी को खोजने के प्रयास जारी हैं। 

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सिवनी जिले से वनमंडल मंडला में घूमते हुए दो जंगली हाथी 24 नवम्बर की रात जबलपुर वनमंडल के अंतर्गत वन परिक्षेत्र बरेला में आए थे। ये दोनों हाथी अपने साथियों से बिछुड़ गए थे। डीएफओ मंडला से इसकी सूचना मिलने पर डीएफओ जबलपुर अंजना सुचिता तिर्की ने अपने अमले को सतर्क कर दिया था और वनकर्मियों पर हाथियों की निगरानी के लिए निर्देशित किया था। वनकर्मियों की नजर से दोनों हाथी एक दिन गायब रहे। तीसरे दिन यह वन्यजीव वन परिक्षेत्र बरगी में नर्मदातट पर खिरहनी व जमतरा के जंगल में विचरण करते देखे गए। इसके बाद भी वन अमला लापरवाह बना रहा। गुरुवार की सुबह बरगी तहसील के मानेगांव से मोहास के बीच स्थित जंगल में एक हाथी का शव पाया गया। 

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वही वन अधिकारियों ने हाथी के मृत शरीर का निरीक्षण करने पर पाया कि उसकी सूंड करंट लगने से करीब डेढ़ फीट तक झुलस गई थी। इसके बाद ग्राम डुंगरिया मोहास के कोटवार से पूछताछ करके उन्होंने ग्रामीणों के बयान लिए। ग्रामीणों ने गांव के एक व्यक्ति को दो बाहरी लोगों के साथ मिलकर हाथी का बिजली करंट लगाकर हाथी का शिकार करने का संदेह जताया। जिसके बाद तीनों शिकारियों को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया गया। नर हाथी की मौत की खबर पाकर वन अधिकारियों का अमला शुक्रवार सुबह जल्द ही मौके पर पहुंच गया था। इसलिए शिकारियों को मृत हाथी के दांत काटकर निकालने का मौका नहीं मिला। वन विभाग ने हाथी का शिकार करने वाले तीनों आरोपितों के खिलाफ वन्यजीव अधिनियम के तहत कार्रवाई की है।





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शुभेंदु अधिकारी के संपर्क में बीजेपी, पार्टी में शामिल होने पर अभी कोई निर्णय नहीं

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 28, 2020   18:22
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शुभेंदु अधिकारी के संपर्क में बीजेपी, पार्टी में शामिल होने पर अभी कोई निर्णय नहीं
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तृणमूल कांग्रेस के असंतुष्ट नेता शुभेंदु अधिकारी भाजपा के कुछ नेताओं और अधिकारी के बीच अच्छे संबंध हैं लेकिन पार्टी में शामिल होने को लेकर उनकी शर्तों पर अभी कोई बातचीत नहीं हुई है।

कोलकाता। भारतीय जनता पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व, तृणमूल कांग्रेस के असंतुष्ट नेता शुभेंदु अधिकारी के संपर्क में है जिन्होंने ममता बनर्जी के मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि अभी तक अधिकारी के भाजपा में शामिल होने पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भाजपा के कुछ नेताओं और अधिकारी के बीच अच्छे संबंध हैं लेकिन पार्टी में शामिल होने को लेकर उनकी शर्तों पर अभी कोई बातचीत नहीं हुई है। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि तृणमूल के कद्दावर नेता के पास ज्यादा विकल्प नहीं हैं इसलिए भाजपा को उम्मीद है कि अधिकारी पार्टी में शामिल हो जाएंगे। नाम उजागर न करने की शर्त पर भाजपा नेता ने कहा, “हम शुभेंदु अधिकारी के संपर्क में हैं। हमारे उनसे अच्छे संबंध हैं लेकिन पार्टी में शामिल होने को लेकर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। स्थिति स्पष्ट होने के लिए हमें कुछ दिन और इंतजार करना पड़ेगा।”

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हालांकि, अधिकारी ने ममता बनर्जी मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है लेकिन उन्होंने तृणमूल कांग्रेस या विधायक के पद से इस्तीफा नहीं दिया है। भाजपा नेता ने कहा, “मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद अधिकारी के लिए तृणमूल कांग्रेस में बने रहना कठिन होगा। इसलिए उनके सामने नई पार्टी बनाने या भाजपा का कांग्रेस में शामिल होने का ही विकल्प है।” उन्होंने कहा, “नई पार्टी बनाने के लिए ढेर सारा पैसा और मानव संसाधन की जरूरत होती है। इस समय यह संभव नहीं है।” उन्होंने कहा कि कांग्रेस बंगाल में बहुत कमजोर है इसलिए अधिकारी के पास भाजपा में शामिल होने का ही विकल्प बचता है। उन्होंने कहा, “हमें लगता है कि यही हमारे लिए और अधिकारी के लिए सबसे ज्यादा फायदे की बात होगी।





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