भ्रष्ट व संदिग्ध गतिविधि में लिप्त अधिकारियों की सूची तैयार कर कार्रवाई की जाए: योगी

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योगी आज यहां लोक भवन में सचिवालय प्रशासन विभाग की समीक्षा कर रहे थे। समीक्षा के बाद जारी एक बयान में कहा गया कि सचिवालय में ई-ऑॅफिस व्यवस्था पर समीक्षा के दौरान अपर मुख्य सचिव (सचिवालय प्रशासन) महेश कुमार गुप्ता ने अवगत कराया कि 25 विभागों में 95 प्रतिशत कार्य ई-ऑफिस के माध्यम से किया जा रहा है।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को कहा कि विधान भवन एवं सचिवालय से सम्बद्ध सभी भवनों में किसी बाहरी व्यक्ति को मोबाइल फोन लेकर आने की इजाजत नहीं होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने इन भवनों में सभी सेवाओं के सुचारु संचालन हेतु कार्ययोजना प्रस्तुत करने को भी कहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक भवन के सभी सभागारों / सभाकक्षों का नामकरण किया जाए और नामकरण ऐसा हो, जो लोगों को प्रभावित और प्रेरित करे। उन्होंने विधान भवन, लोक भवन आदि के आसपास लगे होर्डिंग, बैनर, पोस्टर आदि हटाने तथासुरक्षा एवं साफ-सफाई की व्यवस्था को पुख्ता किये जाने के निर्देश दिये हैं। 

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योगी आज यहां लोक भवन में सचिवालय प्रशासन विभाग की समीक्षा कर रहे थे। समीक्षा के बाद जारी एक बयान में कहा गया कि सचिवालय में ई-ऑॅफिस व्यवस्था पर समीक्षा के दौरान अपर मुख्य सचिव (सचिवालय प्रशासन) महेश कुमार गुप्ता ने अवगत कराया कि 25 विभागों में 95 प्रतिशत कार्य ई-ऑफिस के माध्यम से किया जा रहा है। शेष कार्यालयों में ई-ऑफिस व्यवस्था लागू की जा रही है। योगी ने कहा कि उन्होंने पूर्व में सचिवालय सहित सभी जनपदीय कार्यालयों में ई-ऑफिस व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिये थे। उन्होंने कहा कि सभी विभागों और कार्यालयों में ई-ऑफिस व्यवस्था को शीघ्रता और तत्परता से लागू किया जाए।

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विगत वर्ष तीन निजी सचिवों की गिरफ्तारी के प्रकरण की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्ट, दागी, संदिग्ध गतिविधि में लिप्त तथा शासन की मंशा के प्रतिकूल आचरण करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची तैयार कर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सभी कर्मियों के सेवा सम्बन्धी मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, समस्या का समाधान मेरिट के आधार पर किया जाए। तथा कर्मियों के वेतन, मानदेय आदि का नियमित और समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सचिवालय के सभी कार्यालयों में सभी दस्तावेजों को व्यवस्थित और सुरक्षित रखने की व्यवस्था की जाए। 

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