कोरोना मामलों का पता लगाने के लिए ‘आक्रामक’ जांच ही एकमात्र जरिया: कांग्रेस

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  अप्रैल 29, 2020   19:58
कोरोना मामलों का पता लगाने के लिए ‘आक्रामक’ जांच ही एकमात्र जरिया: कांग्रेस

छाबड़ा ने कहा कि भोजन और राशन वितरण के कार्यक्रम में शामिल हुए व्यक्ति के संक्रमित पाए जाने के कारण लग रही अटकलों को दूर करने के लिए वह जांच कराने को तैयार हैं।

चंडीगढ़।  चंडीगढ़ के कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा ने बुधवार को कहा कि कोरोना वायरस के मामलों का पता लगाने के लिए ‘आक्रामक’ जांच ही एकमात्र जरिया है। छाबड़ा ने यहां कहा, ‘‘सामुदायिक स्तर पर जांच के लिएचंडीगढ़ प्रशासन ने अब तक कोई ठोस रणनीति नहीं तैयार की है। यही कारण है कि पिछले दो दिन में शहर में 20 मामले सामने आए हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘कोविड-19 के मरीजों का पता लगाने, उनको पृथक-वास में भेजने और उपचार करने के लिए आक्रामक जांच ही एकमात्र रास्ता है।’’ 

इसे भी पढ़ें: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का दावा, प्रदेश में राष्ट्रीय औसत से अधिक प्रतिदिन हो रही 04 हजार कोरोना टेस्टिंग

छाबड़ा ने कहा कि भोजन और राशन वितरण के कार्यक्रम में शामिल हुए व्यक्ति के संक्रमित पाए जाने के कारण लग रही अटकलों को दूर करने के लिए वह जांच कराने को तैयार हैं। हाल में हुए कार्यक्रम में उनके साथ चंडीगढ़ के एसएसपी भी थे। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद के बीच जहां भी चंडीगढ़ कांग्रेस सामग्री बांट रही है, वहां पर सामाजिक दूरी और साफ-सफाई के निर्देशों का पालन किया जा रहा है। छाबड़ा ने कहा कि ‘चंडीगढ़ कांग्रेस की रसोई-भूखा सोए ना कोई’ अभियान के तहत हर दिन 1500 से ज्यादा लोगों के लिए खाना तैयार किया जा रहा है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

Prabhasakshi logoखबरें और भी हैं...

राष्ट्रीय

झरोखे से...