क्या सरकार फिर लाएगी कृषि कानून? नरेंद्र तोमर बोले- हम एक कदम पीछे हटे और फिर आगे बढेंगे

narendra Tomar
अंकित सिंह । Dec 25, 2021 4:46PM
कृषि मंत्री तोमर ने कहा कि भले ही कृषि कानूनों को हमें वापस लेना पड़ा लेकिन इससे सरकार निराश नहीं है। उन्होंने कहा कि हम एक कदम पीछे हटे हैं और हम फिर आगे बढ़ेंगे क्योंकि किसान भारत की रीड की हड्डी है।

केंद्र की मोदी सरकार ने कृषि सुधारों को ध्यान में रखते हुए तीन कृषि कानून बनाए थे। हालांकि विभिन्न किसान संगठनों के विरोध के बाद इस कानून को वापस लेना पड़ा। इन सबके बीच कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने एक ऐसा बयान दे दिया है जिसके बाद लग रहा है कि एक बार फिर से मोदी सरकार कृषि कानूनों को नए रूप में वापस ला सकती है। दरअसल, कृषि मंत्री तोमर ने कहा कि भले ही कृषि कानूनों को हमें वापस लेना पड़ा लेकिन इससे सरकार निराश नहीं है। उन्होंने कहा कि हम एक कदम पीछे हटे हैं और हम फिर आगे बढ़ेंगे क्योंकि किसान भारत की रीड की हड्डी है। 

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तोमर ने कहा कि देश में कृषि क्षेत्र में निजी निवेश बहुत ही कम हुआ है। एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुये तोमर ने कहा कि कृषि सुधार कानूनों को निरस्त करने के बावजूद सरकार निराश नहीं है। तोमर यहां कृषि उद्योग प्रदर्शनी ‘एग्रोविजन’ के उद्घाटन के मौके पर बोल रहे थे। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी इस मौके पर मौजूद थे। गडकरी इस पहल के मुख्य संरक्षक हैं। मंत्री ने कहा, ‘‘हम कृषि संशोधन कानून लाए। किंतु कुछ लोगों को ये कानून पसंद नहीं आए जो आजादी के करीब 70 वर्ष बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लाया गया एक बड़ा सुधार था।’’ 

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उन्होंने आगे कहा कि लेकिन सरकार इससे निराश नहीं है। हम एक कदम पीछे हटे और हम फिर आगे बढेंगे क्योंकि किसान भारत की रीढ़ की हड्डी है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में बड़े निवेश की जरूरत है। मंत्री ने कहा, ‘‘एक क्षेत्र जहां सबसे कम निवेश हुआ है, वह कृषि क्षेत्र है।’ तोमर ने कहा कि निजी निवेश अन्य क्षेत्रों में आया जिससे रोजगार पैदा हुए और सकल घरेलू उत्पाद में इन उद्योगों का योगदान बढ़ा। केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि इस क्षेत्र में मौजूदा निवेश से व्यापारियों को फायदा होता है न कि किसानों को।

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