बिहार में उर्वरक संकट के लिए भाजपा जिम्मेदार: कृषि मंत्री सुधाकर

fertilizer
प्रतिरूप फोटो
Google Creative Commons
बिहार के कृषि मंत्री सुधाकर सिंह ने शनिवार को भाजपा पर सीधा आरोप लगाया कि राज्य में उर्वरक संकट के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जिम्मेदार है। उन्होंने आरोप लगाया कि भगवा दल के नेता उन लोगों को संरक्षण दे रहे हैं जो उर्वरकों का भंडरण करने और इसकी कालाबाजारी में शामिल हैं।

बिहार के कृषि मंत्री सुधाकर सिंह ने शनिवार को भाजपा पर सीधा आरोप लगाया कि राज्य में उर्वरक संकट के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जिम्मेदार है। उन्होंने आरोप लगाया कि भगवा दल के नेता उन लोगों को संरक्षण दे रहे हैं जो उर्वरकों का भंडरण करने और इसकी कालाबाजारी में शामिल हैं। राजद नेता ने संवाददाताओं से बात करते हुए आरोप लगाया कि केंद्र में भाजपा के नेता और वे लोग, जो राज्य में पिछली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार का हिस्सा थे, इस संकट के लिए जिम्मेदार हैं।

उन्होंने अपने पूर्ववर्ती अमरेंद्र प्रताप सिंह का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘बिहार में महागठबंधन सरकार मुश्किल से एक महीने पहले ही सत्ता में आई। भाजपा नेताओं के पास पहले कृषि विभाग था, जिन्होंने राज्य में उर्वरकों की जमाखोरी और कालाबाजारी की अनुमति दी थी।’’ विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि खगड़िया, कटिहार, सहरसा, मधेपुरा, सुपौल, पूर्णिया, अररिया, रोहतास, दरभंगा, बक्सर और पटना सहित बिहार के कुछ जिलों के किसान कुछ समय से उर्वरक की कमी का सामना कर रहे हैं, क्योंकि उर्वरक निर्धारित दुकानों पर उपलब्ध नहीं है।

केंद्रीय उर्वरक राज्य मंत्री भगवंत खुबा ने शुक्रवार को नीतीश कुमार सरकार पर केंद्र से पर्याप्त और नियमित आपूर्ति के बावजूद राज्य में ‘कृत्रिम उर्वरक संकट’ पैदा करने का आरोप लगाया था। इस आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य के कृषि मंत्री ने कहा, ‘‘ उनका यह बयान कि बिहार में उर्वरक कारोबार बिचौलियों और माफियाओं पर छोड़ दिया गया है, इसे समग्र रूप से समझने की जरूरत है। मैं भी यही बात कह रहा हूं कि राजग शासन के दौरान विभाग में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ था। मुझसे पहले यह विभाग भाजपा नेता अमरेंद्र प्रताप सिंह के पास था।

इसलिए केंद्रीय मंत्री अपनी ही पार्टी के नेताओं को संकट के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।” केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार सरकार राज्य में किसानों को गुमराह कर रहे थे और उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे एक पैसा भी अतिरिक्त भुगतान नहीं करें, क्योंकि केंद्र उर्वरकों पर भारी सब्सिडी दे रहा था। इसका जवाब देते हुए राज्य के कृषि मंत्री ने कहा, ‘‘मैं केंद्रीय मंत्री से राज्य को उर्वरक की आपूर्ति करने वाली केंद्र सरकार की एजेंसियों को सब्सिडी देना बंद करने का आग्रह कर रहा हूं, क्योंकि उन्होंने आपूर्ति शृंखला में बिचौलियों और माफिया की संलिप्तता का आरोप लगाया है ... वह केवल इतना नहीं कर सकते।

Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


अन्य न्यूज़