देश में टीबी को खत्म करने के लिए 2025 का रखा लक्ष्य, PM मोदी बोले- दुनिया 2030 तक समाप्त करने की कर रही बात

  •  अनुराग गुप्ता
  •  फरवरी 23, 2021   11:08
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देश में टीबी को खत्म करने के लिए 2025 का रखा लक्ष्य, PM मोदी बोले- दुनिया 2030 तक समाप्त करने की कर रही बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश से टीबी को खत्म करने के लिए हमने वर्ष 2025 तक का लक्ष्य रखा है। टीबी भी संक्रमित व्यक्ति के ड्रापलेट्स (droplets) से ही फैलती है। टीबी की रोकथाम में भी मास्क पहनना, शीघ्र निदान और इलाज तीनों ही अहम हैं।

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस वर्ष के बजट में हेल्थ सेक्टर को जितना बजट आवंटित किया गया है, वो अभूतपूर्व है। ये हर देशवासी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने की हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। बीता वर्ष एक तरह से देश, दुनिया और मानवजाति के लिए अग्नि परीक्षा की तरह रहा था। मुझे खुशी है कि देश का स्वास्थ्य क्षेत्र इस अग्नि परीक्षा में सफल हुआ है। 

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उन्होंने कहा कि कुछ महीनों के भीतर ही देश ने करीब ढाई हजार लैब्स का नेटवर्क खड़ा किया। जिसकी बदौलत आज हम 21 करोड़ टेस्ट तक पहुंच पाए हैं। यह सब सरकार और प्राइवेट सेक्टर के साथ मिलकर काम करने से संभव हुआ है। कोरोना ने हमको सबक दिया है कि हमें सिर्फ आज ही महामारी से नहीं लड़ना है बल्कि भविष्य में आने वाली किसी भी स्थिति के लिए मजबूत करना है।

पीएम मोदी ने कहा कि चिकित्सा उपकरणसे लेकर दवाईयों तक, वेंटिलेटर से लेकर वैक्सीन तक, वैज्ञानिक अनुसंधान से लेकर बुनियादी ढांचे की निगरानी तक, डॉक्टर्स से लेकर महामारी तक, हमें सभी पर ध्यान देना है ताकि देश भविष्य में किसी भी स्वास्थ्य आपदा के लिए बेहतर तरीके से तैयार रहे।

उन्होंने कहा कि कोरोना के दौरान भारत के हेल्थ सेक्टर ने जो मजबूती दिखाई है, अपने जिस अनुभव औऱ अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया है, उसे दुनिया ने बहुत बारीकी से नोट किया है। आज पूरे विश्व में भारत के हेल्थ सेक्टर की प्रतिष्ठा और भारत के हेल्थ सेक्टर पर भरोसा, नए स्तर पर है। 

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उन्होंने कहा कि हमारी सरकार स्वास्थ्य के मुद्दों को टुकड़ों के बजाय समग्र (Holistic) तरीके से देखती है। इसलिए हमने देश में सिर्फ ट्रीटमेंट ही नहीं वेलनेस पर फोकस करना शुरु किया। हमने सावधानी से लेकर इलाज तक एक इंट्रीगेटेड (Integrated) अप्रोच अपनाई।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत को स्वस्थ रखने के लिए हम 4 मोर्चों पर एक साथ काम कर रहे हैं। पहला मोर्चा है, बीमारियों को रोकने का यानि बीमारी की रोकथाम (Prevention of illness) और कल्याण का संवर्धन (Promotion of Wellness)। दूसरा मोर्चा, गरीब से गरीब को सस्ता और प्रभावी इलाज देने का है। आयुष्मान भारत योजना और प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र जैसी योजनाएं यही काम कर रही हैं। तीसरा मोर्चा है, हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर और हेल्थ केयर प्रोफेशनल्स की मात्रा और गुणवत्ता में बढ़ोतरी करना। बीते छह साल से एम्स और इस तरह के दूसरे संस्थानों का विस्तार देश के दूर-सुदूर राज्यों में किया जा रहा है। चौथा मोर्चा है, समस्याओं से पार पाने के लिए मिशन मोड पर काम करना। मिशन इंद्रधनुष का विस्तार देश के आदिवासी और दूर-दराज के इलाकों तक किया गया है। 

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2025 में खत्म होगा टीबी !

पीएम मोदी ने कहा कि देश से टीबी को खत्म करने के लिए हमने वर्ष 2025 तक का लक्ष्य रखा है। टीबी भी संक्रमित व्यक्ति के ड्रापलेट्स (droplets) से ही फैलती है। टीबी की रोकथाम में भी मास्क पहनना, शीघ्र निदान और इलाज तीनों ही अहम हैं। कोरोना के मॉडल को सुधारों के साथ टीबी में लागू करने से हम 2025 तक टीबी मुक्त भारत का सपना पूरा कर सकेंगे।

जब रोये थे योगी आदित्यनाथ

उन्होंने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में दिमागी बुखार से हर वर्ष हजारों की तादाद में बच्चों की दुखद मृत्यु हो जाती थी। संसद में भी इसकी चर्चा होती थी। एक बार तो इस विषय पर चर्चा करते हुए हमारे उत्तर प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी बच्चों की स्थिति को देखते हुए रो पड़े थे। लेकिन जब से वह मुख्यमंत्री बने तब से उन्होंने ध्यानकेंद्रित करते हुए काम किया।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


मन की बात कार्यक्रम में बोले PM मोदी, जल सिर्फ जीवन ही नहीं, आस्था और विकास की धारा भी है

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 28, 2021   12:11
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मन की बात कार्यक्रम में बोले PM मोदी, जल सिर्फ जीवन ही नहीं, आस्था और विकास की धारा भी है

आकाशवाणी के ‘‘मन की बात’’ कार्यक्रम की 74वीं कड़ी में अपने विचार साझा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दुनिया के हर समाज में नदी के साथ जुड़ी हुई कोई-न-कोई परम्परा होती ही है और नदी तट पर अनेक सभ्यताएं भी विकसित हुई हैं।

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने जल को जीवन के साथ ही आस्था का प्रतीक और विकास की धारा करार देते हुए रविवार को देशवासियों से इसका संरक्षण करने का आह्वान किया। आकाशवाणी के ‘‘मन की बात’’ कार्यक्रम की 74वीं कड़ी में अपने विचार साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण के लिए केंद्र सरकार इस साल ‘‘विश्व जल दिवस’’ से 100 दिनों का अभियान भी शुरू करेगी। मोदी ने कहा कि दुनिया के हर समाज में नदी के साथ जुड़ी हुई कोई-न-कोई परम्परा होती ही है और नदी तट पर अनेक सभ्यताएं भी विकसित हुई हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति क्योंकि हजारों वर्ष पुरानी है इसलिए इसका विस्तार देश में और ज्यादा मिलता है। 

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उन्होंने कहा, “भारत में कोई ऐसा दिन नहीं होगा जब देश के किसी-न-किसी कोने में पानी से जुड़ा कोई उत्सव न हो। माघ के दिनों में तो लोग अपना घर-परिवार, सुख-सुविधा छोड़कर पूरे महीने नदियों के किनारे कल्पवास करने जाते हैं। इस बार हरिद्वार में कुंभ भी हो रहा है। जल हमारे लिये जीवन भी है, आस्था भी है और विकास की धारा भी है।” पानी को पारस से भी ज्यादा महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि जिस प्रकार पारस के स्पर्श से लोहा, सोने में परिवर्तित हो जाता है वैसे ही पानी का स्पर्श जीवन और विकास के लिये जरुरी है।

उन्होंने कहा, ‘‘पानी के संरक्षण के लिये, हमें, अभी से ही प्रयास शुरू कर देने चाहिए।’’ आगामी 22 मार्च को मनाए जाने वाले विश्व जल दिवस का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण सिर्फ सरकार की नहीं बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी है और इसे देश के नागरिकों को समझना होगा। उन्होंने अपने आसपास के जलस्त्रोतों की सफाई के लिये और वर्षा जल के संचयन के लिये देशवासियों से 100 दिन का कोई अभियान शुरू कने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, ‘‘इसी सोच के साथ अब से कुछ दिन बाद जल शक्ति मंत्रालय द्वारा भी जल शक्ति अभियान- ‘कैच द् रैन’ भी शुरू किया जा रहा है। इस अभियान का मूल मन्त्र है पानी जब भी और जहां भी गिरे उसे बचाएं।’’ 

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उन्होंने कहा, “हम अभी से जुटेंगे और पहले से तैयार जल संचयन के तंत्र को दुरुस्त करवा लेंगे तथा गांवों में, तालाबों में, पोखरों की सफाई करवा लेंगे, जलस्त्रोतों तक जा रहे पानी के रास्ते की रुकावटें दूर कर लेंगे तो ज्यादा से ज्यादा वर्षा जल का संचयन कर पायेंगे।” प्रधानमंत्री ने संत रविदास जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि भी दी और कहा कि आज भी उनके ज्ञान, हमारा पथप्रदर्शन करता है उन्होंने कहा, “हमारे युवाओं को एक और बात संत रविदास जी से जरूर सीखनी चाहिए। युवाओं को कोई भी काम करने के लिये, खुद को पुराने तौर तरीकों में बांधना नहीं चाहिए। आप, अपने जीवन को खुद ही तय करिए।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


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ISRO को मिली एक और कामयाबी, PSLV-C51 ने अमेजोनिया-1 समेत 19 उपग्रहों को लेकर भरी उड़ान

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 28, 2021   11:41
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ISRO को मिली एक और कामयाबी, PSLV-C51 ने अमेजोनिया-1 समेत 19 उपग्रहों को लेकर भरी उड़ान

प्रक्षेपण के करीब 18 मिनट बाद प्राथमिक उपग्रह अमेजोनिया-1 के कक्षा में स्थापित किए जाने की संभावना है, जबकि अन्य 18 उपग्रह अगले दो घंटों में कक्षाओं में भेजे जाएंगे।

श्रीहरिकोटा। ब्राजील के अमेजोनिया-1 और 18 अन्य उपग्रहों को लेकर भारत के पीएसएलवी (ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान) सी-51 ने रविवार को यहां श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र से उड़ान भरी। करीब 26 घंटे की उल्टी गिनती पूरी होने के बाद पीएसएलवी-सी51 ने चेन्नई से करीब 100 किलोमीटर दूर स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के प्रथम लॉन्च पैड से सुबह करीब 10 बजकर 24 मिनट पर उड़ान भरी।

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प्रक्षेपण के करीब 18 मिनट बाद प्राथमिक उपग्रह अमेजोनिया-1 के कक्षा में स्थापित किए जाने की संभावना है, जबकि अन्य 18 उपग्रह अगले दो घंटों में कक्षाओं में भेजे जाएंगे। इन उपग्रहों में चेन्नई की स्पेस किड्ज़ इंडिया (एसकेआई) का उपग्रह भी शामिल है। इस अंतरिक्ष यान के शीर्ष पैनल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर उकेरी गई है। 





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देश में कोरोना के मामलों में तेजी से हो रही वृद्धि, 16,752 नए मामले दर्ज, 113 मरीजों की मौत

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 28, 2021   11:01
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देश में कोरोना के मामलों में तेजी से हो रही वृद्धि, 16,752 नए मामले दर्ज, 113 मरीजों की मौत

आंकड़ों के मुताबिक, संक्रमण का इलाज करा रहे मरीजों की संख्या बढ़कर 1,64,511 पहुंच गई है जो कुल मामलों का 1.48 प्रतिशत है। देश में अबतक कुल 1,07,75,169 मरीज संक्रमण से मुक्त हो चुके हैं।

नयी दिल्ली। भारत में बीते 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के 16,752 नए मरीजों की पुष्टि हुई है जो पिछले 30 दिनों में सबसे ज्यादा हैं। इसके बाद संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 1,10,96,731 हो गई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सुबह आठ बजे तक के अद्यतन आंकड़ों के मुताबिक, 113 और संक्रमितों की मौत के बाद महामारी से जान गंवाने वालों की संख्या 1,57,051 पहुंच गई है। देश में 29 जनवरी को 18,855 नए मामले आए थे। 

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आंकड़ों के मुताबिक, संक्रमण का इलाज करा रहे मरीजों की संख्या बढ़कर 1,64,511 पहुंच गई है जो कुल मामलों का 1.48 प्रतिशत है। देश में अबतक कुल 1,07,75,169 मरीज संक्रमण से मुक्त हो चुके हैं। इसके बाद संक्रमण से मुक्त होने की दर 97.10 फीसदी है। कोरोना वायरस संक्रमण से मृत्यु दर 1.42 प्रतिशत है। देश में पिछले साल सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितम्बर को 40 लाख से अधिक हो गई थी। 

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वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितम्बर को 50 लाख, 28 सितम्बर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख और 20 नवम्बर को 90 लाख और 19 दिसम्बर को एक करोड़ के पार चले गए थे। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के मुताबिक, 27 फरवरी तक 21,62,31,106 नमूनों की जांच की गई है। शनिवार को ही 7,95,723 नमूनों का परीक्षण किया गया है।





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