दिल्ली में वायु गुणवत्ता ‘खराब’ और ‘बेहद खराब’ श्रेणी के बीच

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 18, 2018   13:00
दिल्ली में वायु गुणवत्ता ‘खराब’ और ‘बेहद खराब’ श्रेणी के बीच

सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार, रविवार को पीएम 2.5 (हवा में 2.5 माइक्रोमीटर से कम मोटाई के कणों) का स्तर 153 दर्ज किया गया जबकि पीएम10 का स्तर 289 दर्ज किया गया।

नयी दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में बारिश के बाद वायु में प्रदूषक तत्व बढ़ने के कारण रविवार को वायु गुणवत्ता ‘खराब’ और ‘बहुत खराब’ श्रेणी के बीच रही।केंद्र की वायु गुणवत्ता एवं मौसम पूर्वानुमान प्रणाली (सफर) के अनुसार, दिल्ली में कुल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 326 दर्ज किया गया जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, कुल एक्यूआई 299 दर्ज किया गया जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। दिल्ली के 14 इलाकों में हवा की गुणवत्ता ‘बेहद खराब’ और अन्य 14 में ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई।

सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार, रविवार को पीएम 2.5 (हवा में 2.5 माइक्रोमीटर से कम मोटाई के कणों) का स्तर 153 दर्ज किया गया जबकि पीएम10 का स्तर 289 दर्ज किया गया। वायु गुणवत्ता सूचकांक में शून्य से 50 अंक तक हवा की गुणवत्ता को ‘‘अच्छा’’, 51 से 100 तक ‘‘संतोषजनक’’, 101 से 200 तक ‘‘मध्यम व सामान्य’’, 201 से 300 के स्तर को ‘‘खराब’’, 301 से 400 के स्तर को ‘‘अत्यंत खराब’’ और 401 से 500 के स्तर को ‘‘गंभीर’’ श्रेणी में रखा जाता है। 

सफर ने एक रिपोर्ट में कहा कि दिल्ली की वायु गुणवत्ता खराब और बेहद खराब श्रेणी के बीच झूल रही है और अगले दो दिनों में इसके बेहद खराब श्रेणी में रहने की आशंका है।रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘प्रदूषक तत्वों के तितरबितर होने के लिए हवा की गति काफी अच्छी है। पराली जलाने की घटनाओं में कमी आई लेकिन इसका ना के बराबर असर पड़ा है।’’ दिल्ली में बारिश के बाद प्रदूषक तत्वों के कम होने के बाद बुधवार और बृहस्पतिवार को वायु गुणवत्ता में सुधार देखा गया था लेकिन बारिश ने प्रदूषकों को जकड़े रहने की हवा की क्षमता भी बढ़ा दी।





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