चक्रवात ‘गज’ से प्रभावित तमिलनाडु को हरसंभव सहायता दी जाएगी: राजनाथ

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 16, 2018   15:02
चक्रवात ‘गज’ से प्रभावित तमिलनाडु को हरसंभव सहायता दी जाएगी: राजनाथ

केंद्र सरकार ने शुक्रवार को तमिलनाडु सरकार को आश्वासन दिया कि चक्रवात ‘गज’ से उत्पन्न स्थिति का सामना करने के लिए उसे हर संभव मदद दी जायेगी। इस आपदा के कारण राज्य में अबतक 11 लोगों की मौत हो चुकी है।

नयी दिल्ली। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को तमिलनाडु सरकार को आश्वासन दिया कि चक्रवात ‘गज’ से उत्पन्न स्थिति का सामना करने के लिए उसे हर संभव मदद दी जायेगी। इस आपदा के कारण राज्य में अबतक 11 लोगों की मौत हो चुकी है। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने गृह सचिव राजीव गाबा को ये निर्देश भी जारी किये कि तमिलनाडु में हालात पर नजर रखी जाए और राज्य प्रशासन को सभी प्रकार की सहायता दी जाए। सिंह ने ट्वीट करके कहा,‘‘ तमिलनाडु में चक्रवात प्रभावित इलाकों के हालात को लेकर मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी से बात की। उन्हें आश्वस्त किया गया कि चक्रवात से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए केंद्र सभी प्रकार की मदद देगा। गृह सचिव को निर्देश दिया गया है कि वे घटनाक्रमों पर नजर बनाए रखें और राज्य प्रशासन को सभी प्रकार की सहायता मुहैया करायें।

उधर चेन्नई में जारी एक सरकारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि इस गंभीर तूफान के कारण हुये नुकसान की ‘‘विस्तृत रिपोर्ट’’ केंद्र को भेजी जायेगी। इसमें कहा गया है, ‘‘मुख्यमंत्री पलानीस्वामी ने ‘गज’ के कारण हुये नुकसान, सरकार द्वारा उठाये गए कदमों और युद्धस्तर पर किए जा रहे राहत कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी है।’’

चक्रवाती तूफान ‘गज’ के कारण निचले इलाकों में रहने वाले 80 हजार लोगों को दूसरी जगह पहुंचाया गया है। यह तूफान नागपट्टिनम और वेदारण्यम के बीच तमिलनाडु तट से गुजरा है और इससे तटीय इलाकों में भारी वर्षा हो रही है। चकवाती तूफान में चल रही तेज हवाओं से नागापट्टिनम और कराईकल जिलों में हजारों पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गये हैं। तूफान की वजह से अबतक 11 लोगों की मौत हो चुकी है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।