भारत के खिलाफ हिंसा पर रोक लगाए पाक वरना गंभीर अंजाम भुगतना होगा: अमरिंदर

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 26, 2018   18:21
भारत के खिलाफ हिंसा पर रोक लगाए पाक वरना गंभीर अंजाम भुगतना होगा: अमरिंदर

सिंह ने कहा कि वह पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा निर्दोष भारतीयों की हत्या को सहन नहीं कर सकते है और इसलिए वह पड़ोसी देश की यात्रा नहीं कर सकते है।

गुरदासपुर (पंजाब)। डेरा बाबा नानक (गुरदासपुर)। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने राज्य में आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने को लेकर पाकिस्तान और उसके सेना प्रमुख को सोमवार को आड़े हाथ लिया। उन्होंने इमरान खान नीत सरकार को चेतावनी दी कि यदि भारत के खिलाफ हिंसा पर रोक नहीं लगाई गई तो उसे गंभीर अंजाम भुगतना होगा।सेना के अधिकारी रह चुके सिंह ने खान से पाकिस्तानी सेना पर लगाम कसने और भारतीय सशस्त्र बलों एवं नागरिकों के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियां फौरन बंद करने को कहा।गलियारे के शिलान्यास समारोह में 28 नवंबर को पाकिस्तान नहीं जाने का अपना रूख दोहराते हुए सिंह ने कहा कि जब बेकसूर भारतीय नागरिक और सैनिक हर दिन मारे जा रहे हैं, तो ऐसे में वह वहां कैसे जा सकते हैं? 

कांग्रेस नेता अमरिंदर ने कहा, ‘‘मैं (करतारपुर गलियारा के लिए) पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का शुक्रिया अदा करता हूं। साथ ही, उनके (पाकिस्तान के) थलसेना प्रमुख से कुछ कहना चाहता हूं। मैं भी सेना में रहा हूं और जनरल बाजवा इस मामले में मुझसे काफी कनिष्ठ हैं। जब हम (कैप्टन) सेना में थे देश की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोच्च थी।’’।उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन सेना में आपको यह कौन सिखाता है कि आप सीमा पर हमारे सैनिकों की हत्या करिए? आप स्नाइपर से हमारे जवानों को मारते हैं। क्या आपको कभी बताया गया है कि आपने पठानकोट, दीनानगर में लोगों को मारा?’’ उन्होंने पठानकोट एयरबेस में 2016 में और दीनानगर तथा गुरदासपुर में 2015 में हुए आतंकी हमलों का जिक्र करते हुए यह बात कही। 

मुख्यमंत्री ने एक कार्यक्रम में यह टिप्पणी की। यहां उन्होंने उप-राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू के साथ करतारपुर साहिब गलियारे के निर्माण की आधारशिला रखी।सिंह ने पाकिस्तान के थलसेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा पर भी निशाना साधा और उन्हें राज्य में आतंकी गतिविधियों और सीमा पर भारतीय सैनिकों के मारे जाने के लिए जिम्मेदार ठहराया।अमृतसर स्थित निरंकारी भवन में हुए ग्रेनेड हमले का जिक्र करते हुए 76 वर्षीय अमरिंदर ने कहा, ‘‘लोग एक गांव में सत्संग कर रहे थे और उन पर ग्रेनेड फेंके गए। क्या सेना यही सिखाती है? यह कायराना हरकत है।’’ उस हमले में तीन लोगों की मौत हुई थी। सिंह ने कहा, ‘‘यदि वे पंजाब में संकट पैदा करने की कोशिश करेंगे तो बाजवा को याद रखना चाहिए कि हमारी रगों में पंजाबी खून है, हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। मैं अपने खून के आखिरी कतरे तक पंजाब के लोगों की रक्षा करूंगा।’’ 

उन्होंने कहा कि यह सभी को पता है कि पाकिस्तान में सेना की ही चलती है।उन्होंने कहा, ‘‘पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को अपनी सेना और हमारे खिलाफ उसके (पाक सेना के) तहत काम करने वाली आईएसआई (पाकिस्तान की गुप्तचर एजेंसी) पर लगाम कसना चाहिए...ऐसे सेना प्रमुख (पाक सेना प्रमुख) को यह समझना चाहिए कि हमारे पास उनसे कहीं अधिक बड़ी सेना है और हम पूरी तरह से तैयार हैं। यदि आप बार बार भारत को उकसाएंगे तो फिर हमे सोचना पड़ेगा।’’ हालांकि, सिंह ने यह भी कहा कि कोई भी व्यक्ति युद्ध नहीं चाहता है। हम शांति और विकास चाहते हैं। अमरिंदर ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘कुछ चीजें फेसबुक पर आईं, जिनमें कई लोगों ने कहा कि कैप्टन साहब आप वहां (करतारपुर गलियारा के शिलान्यास कार्यक्रम में पाकिस्तान) क्यों नहीं जा रहे हैं? मैं कैसे जाऊं ? मैं अपने नागरिकों के प्रति अपनी जिम्मेदारी से मुंह नहीं फेर सकता, मैं वहां नहीं जा सकता। क्योंकि करतारपुर साहिब पहुंचने के लिए मुझे पाकिस्तान से गुजरना होगा और पाक सरकार नियंत्रण से बाहर है।’’

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने सोमवार को कहा कि मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के करतारपुर गलियारे के शिलान्यास समारोह के लिए पाकिस्तान जाने का निर्णय ‘‘उनकी सोच’’ है। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा (पाकिस्तान) भारतीय सैनिकों और नागरिकों को मारा जा रहा है तो ऐसे में वह ऐसा करने के बारे नहीं सोच सकते है। पंजाब सरकार में मंत्री सिद्धू ने बुधवार को होने वाले इस समारोह में शामिल होने का आमंत्रण स्वीकार कर लिया है जबकि सिंह ने अपने राज्य में जारी आतंकवादी हमलों का हवाला देते हुए आमंत्रण अस्वीकार कर दिया है।

सिंह ने कहा कि वह पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा निर्दोष भारतीयों की हत्या को सहन नहीं कर सकते है और इसलिए वह पड़ोसी देश की यात्रा नहीं कर सकते है। गुरदासपुर में डेरा बाबा नानक-करतारपुर साहिब कॉरिडोर के शिलान्यास समारोह के बाद सिंह ने समारोह के लिए पाकिस्तान जाने संबंधी सिद्धू के निर्णय पर पत्रकारों से कहा कि यह ‘‘उनकी सोच’’ है।

समारोह के लिए अपने मंत्रियों को पाकिस्तान भेजे जाने के केन्द्र सरकार के निर्णय पर पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उन पर निर्भर करता है कि उन्हें क्या उचित लगता है। उन्हें भारतीय सैनिकों और नागरिकों की भावनाओं के प्रति अधिक संवेदनशील होना चाहिए था। सिंह ने कहा,‘‘केन्द्र पाकिस्तान की नीति और आतंकवादी समूहों के समर्थन के कारण भारत में जो कुछ घटित हो रहा है, उस पर अपनी आंखें मूंदे नहीं रह सकता है।’’

उन्होंने कहा कि दुनिया जानती है कि पाकिस्तान भारत में आतंकवादी गतिविधियों का समर्थन करता है। उन्होंने पठानकोट (2016), मुम्बई (2008), गुरदासपुर (2015) और जम्मू कश्मीर में हिंसा के उदाहरण दिये। सिंह ने कहा कि वह उस समय तक पाकिस्तान की यात्रा नहीं करेंगे जब तक वह (पाकिस्तान) भारत में हिंसा करना बंद नहीं कर देता।

उन्होंने कहा,‘‘अगर आपको लगता है कि (पाकिस्तान के प्रधानमंत्री) इमरान खान इसे रोक सकते हैं, ऐसा नहीं होगा। पाकिस्तान में सरकारें सेना के तहत काम करती है। पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल बाजवा को यह समझने की जरूरत है कि इस तरह की चीजें (फिर से) घटित नहीं हों। सेनाएं निर्दोष महिलाओं और बच्चों से नहीं लड़ती है, सेनाएं धार्मिक समागम पर ग्रेनेड नहीं फेंकती है, देश की रक्षा करने के लिए सेनाएं है।’’ गौरतलब है कि अगस्त में खान के शपथ ग्रहण समारोह में सिद्धू के जाने और पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा को गले लगाने की विपक्षी पार्टियों ने कड़ी निंदा की थी। सिद्धू ने दावा किया था कि जनरल बाजवा ने उनसे कहा था कि ‘‘करतारपुर कॉरिडोर को खोलने के प्रयास किये जा रहे है।’’





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