कोरोना संकट के बीच उम्मीदवारों को बंद करना पड़ा फोन, नंबर वायरल होने के बाद खूब आ रहे कॉल

कोरोना संकट के बीच उम्मीदवारों को बंद करना पड़ा फोन, नंबर वायरल होने के बाद खूब आ रहे कॉल

वायरल नंबर के साथ यह लिखा जा रहा है कि ऑक्सीजन, खून, मास्क, एंबुलेंस और सैनिटाइजर में से किसी भी चीज की आवश्यकता पड़े तो इन लोगों से संपर्क किया जा सकता है। फोन नंबर वायरल होने के बाद नेताओं की परेशानी बढ़ गई है।

देश में कोरोना वायरस संकट की स्थिति दिन पर दिन बुरी होती जा रही है। संक्रमण के मामले तो बढ़ ही रहे हैं, इसके अलावा मौत के आंकड़ों में भी वृद्धि हो रही है। चुनावी राज्यों में भी कोरोना संक्रमण की वजह से हालत खराब है। इन सबके बीच पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के 14 उम्मीदवारों के व्यक्तिगत मोबाइल नंबर वायरल हो गए है। वायरल नंबर के साथ यह लिखा जा रहा है कि ऑक्सीजन,  खून,  मास्क, एंबुलेंस और सैनिटाइजर में से किसी भी चीज की आवश्यकता पड़े तो इन लोगों से संपर्क किया जा सकता है। फोन नंबर वायरल होने के बाद नेताओं की परेशानी बढ़ गई है। उनके पास खूब फोन आ रहे है। इसकी वजह से उन्हें अपने मोबाइल फोन को बंद रखने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। जिन नेताओं के उस सूची में नाम है उनमें मुकुल राय, शुभेंदु अधिकारी, राजीब बनर्जी, बाबुल सुप्रियो, राज चक्रवर्ती, सयांतिका बनर्जी, परनो मित्रा, कौसानी मुखर्जी, यश दासगुप्ता, रुद्रनील घोष, सुरबंती चटर्जी, कंचन मल्लिक, जून मल्लाह और वैशाली डालमिया शामिल हैं। 

इन्हें बीजमूल स्वयंसेवकों के तौर पर संबोधित किया गया है। पोस्ट के साथ यह कटाक्ष भी किया जा रहा है कि जिन्होंने राजनीति में शामिल होने पर लोगों की सेवा का वादा किया था उनसे संपर्क किया जा सकता है। तृणमूल के बैरकपुर के उम्मीदवार राज चक्रवर्ती ने दावा किया कि उनके कॉमरेड दोस्त यह पोस्ट फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं लोगों के लिए जो भी कुछ कर सकता हूं, उसे कर रहा हूं और इसके लिए मुझे कुछ साबित करने की जरूरत नहीं है। दिलचस्प बात यह है कि पोस्ट किसी भी वामपंथी उम्मीदवार के नाम को साझा नहीं करता है। उन्होंने कहा कि इस पोस्ट से नफरत की बू आती है। उन्होंने कहा कि शुरू में मैंने सोचा कि यह किसी प्रशंसक क्लब के द्वारा एक शरारत होगी पर ऐसा नहीं है।  

उन्होंने कहा कि अक्सर बीजमूल शब्द से कॉमरेड परेशान करने की कोशिश करते हैं। चक्रवर्ती ने कहा कि इस पोस्ट में तृणमूल के आसनसोल दक्षिण के उम्मीदवार सौयोनी घोष के लिए चीजों को कठिन बना दिया था। मतदान के दिन उसे अपना फोन बंद करना पड़ा। मुझे भी 10000 के आसपास कॉल मिले थे। इनमें से ज्यादातर लोग वे थे जो फिल्मों में काम करना चाहते थे। इसके लिए वे मिलना चाहते थे। कुछ अभद्र थे। उन्होंने कहा कि मैं वामपंथियों का सम्मान करता था लेकिन अब वह कितना गिरेंगे। बाबुल सुप्रियो और परनो जो कि कोरोना वायरस से संक्रमित होने की वजह से होम आइसोलेशन में है, उन्हें भी नहीं बख्शा गया। रविवार को 5 हजार से अधिक कॉल प्राप्त होने के बाद भाजपा के यश दासगुप्ता ने इस पेज के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कानूनी मदद की मांग की। संकट में लोगों की मदद करने की बजाय इस पोस्ट ने उन्हें नुकसान पहुंचाया है। दासगुप्ता ने कहा कि अभी आप मुझ तक नहीं पहुंच सकते क्योंकि मेरा फोन लगातार व्यस्त रहता है।

आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए आठवें दौर की वोटिंग होनी है। सात दौर के मतदान समाप्त हो चुके है। 2 मई को बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए नतीजे आएंगे। हालांकि, यह सिर्फ पश्चिम बंगाल में हो रहा है ऐसा नहीं है। लगभग सभी राज्यों में सांसदों और विधायकों के फोन नंबर ऐसे ही वायरल हो रहे हैं। इसमें लिखा जा रहा है कि कोरोना संकट के दौरान किसी भी चीज की आवश्यकता हो तो इन नंबर पर कॉल कर सकते हैं। यह एक कटाक्ष के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि नेताओं का दावा है कि इस संकट के दौरान उनसे जितनी मदद हो पा रही है, वे कर रहे हैं। वे जनता के साथ खड़े हैं। उनकी सरकार जनता के साथ खड़ी है।





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