अनिल देशमुख को नहीं मिली राहत, कोर्ट ने 13 सितंबर तक बढ़ाई न्यायिक हिरासत

Anil Deshmukh
ANI
अंकित सिंह । Aug 30, 2022 8:43PM
मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में अनिल देशमुख को 2 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था। मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह ने अनिल देशमुख के खिलाफ 100 करोड़ की वसूली का आरोप लगाया था।

महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को राहत मिलती दिखाई नहीं दे रही है। 100 करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार के मामले में स्पेशल पीएमएलए कोर्ट ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में ही थे जिसे 14 दिनों के लिए बढ़ाकर 13 सितंबर तक कर दी गई है। मंगलवार को उनकी न्यायिक हिरासत की अवधि खत्म हो रही थी। इस मामले को लेकर अनिल देशमुख से लगातार पूछताछ की जा रही है। आपको बता दें कि मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में अनिल देशमुख को 2 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था। मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह ने अनिल देशमुख के खिलाफ 100 करोड़ की वसूली का आरोप लगाया था।

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स्वास्थ्य खराब होने के बाद अस्पताल ले जाया गया

इससे पहले अनिल देशमुख को शुक्रवार को जेल में बेहोश होने के बाद यहां सरकारी जेजे अस्पताल ले जाया गया था। जेल के एक अधिकारी ने बताया कि भ्रष्टाचार के एक कथित मामले में यहां आर्थर रोड जेल में बंद देशमुख को चक्कर आया और वह बेहोश हो गये। उन्होंने बताया कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता ने सीने में दर्द की शिकायत की। उन्होंने बताया कि उनका रक्तचाप बढ़ा हुआ पाया गया और ईसीजी रिपोर्ट असामान्य थी। अधिकारी ने बताया कि देशमुख का अभी अस्पताल में इलाज चल रहा है। गौरतलब है कि देशमुख को पहले नवंबर 2021 में प्रवर्तन निदेशालय ने और बाद में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने गिरफ्तार किया था। 

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राकांपा के दो नेता अनिल देशमुख और नवाब मलिक अभी जेल में हैं। धन शोधन के अलग-अलग मामलों में प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें गिरफ्तार किया था। इससे पहले केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ भ्रष्टाचार के एक मामले में मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्तों-संजय पांडेय और परमबीर सिंह से पूछताछ की है। तीस जून को सेवानिवृत्त हुए पांडेय सीबीआई द्वारा दर्ज की गईं दो प्राथमिकियों का सामना कर रहे हैं। ये प्राथमिकी उनके द्वारा स्थापित कंपनी आईसेक सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई)के कर्मचारियों के फोन अवैध रूप से टैप किए जाने और एनएसई का सिस्टम ऑडिट करने में सेबी के दिशानिर्देशों का उल्लंघन किए जाने से जुड़ी हैं। 

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