हिंदी और उर्दू सहित 22 भाषाओं के लिये बाल साहित्य पुरस्कारों की घोषणा

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Publish Date: Jun 14 2019 6:39PM
हिंदी और उर्दू सहित 22 भाषाओं के लिये बाल साहित्य पुरस्कारों की घोषणा
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अकादमी के अध्यक्ष चंद्रशेखर कंबार की अध्यक्षता में कार्यकारी मंडल की बैठक में हिंदी लेखक गोविंद शर्मा द्वारा लिखित कहानी ‘‘काचू की टोपी’’ को बाल साहित्य पुरस्कार के लिये चुना गया है।

नयी दिल्ली। साहित्य अकादमी ने हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू सहित 22 भाषाओं के लिये 2019 के बाल साहित्य पुरस्कारों की शुक्रवार को घोषणा कर दी। अकादमी द्वारा जारी बयान के अनुसार पिछले पांच साल में प्रकाशित बाल साहित्य से जुड़े 22 लेखकों की कृतियों को अकादमी के कार्यकारी मंडल ने पुरस्कार के लिये चुना है। 


अकादमी के अध्यक्ष चंद्रशेखर कंबार की अध्यक्षता में कार्यकारी मंडल की बैठक में हिंदी लेखक गोविंद शर्मा द्वारा लिखित कहानी ‘‘काचू की टोपी’’ को बाल साहित्य पुरस्कार के लिये चुना गया है। वहीं बाल साहित्यकार के रुप में हिंदी के अच्युतानंदन मिश्र, हनुमान प्रसाद शुक्ल और नरेन्द्र मोहन को यह पुरस्कार दिया जायेगा। इसके अलावा साहित्यिक रचना श्रेणी में उर्दू लेखक मोहम्मद खलील की कहानी ‘‘सांइस के दिलचस्प मजामीन’’ और अंग्रेजी में देविका करियप्पा की इतिहास पर आधारित रचना ‘‘इंडिया थ्रू आर्केलोजी: एक्सवेटिंग हिस्ट्री’’ को बाल साहित्य पुरस्कार के लिये चुना गया है।
बाल साहित्यकार श्रेणी में अंग्रेजी लेखक हरीश त्रिवेदी, उर्वशी बुटालिया और कावेरी नामबिसन तथा उर्दू लेखक असद रजा, बलराज बख्शी और सैफी सरोंजी को 2019 के बाल साहित्य पुरस्कार से नवाजा जायेगा। अकादमी ने स्पष्ट किया कि पुरस्कारों की सूची में मैथिली को छोड़कर अन्य सभी क्षेत्रीय भाषाओं को शामिल किया गया है। मैथिली भाषा के पुरस्कारों की बाद में घोषणा की जायेगी। आगामी 14 नवंबर को बाल दिवस के अवसर पर पुरस्कार वितरण किया जायेगा। इसमें प्रशस्ति पत्र के साथ पुरस्कार राशि के रूप में 50 हजार रुपये दिये जायेंगे। 


 

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