महामारी ने दुनिया में कई समस्याओं को बढ़ा दिया है: सत्यार्थी

Satyarthi
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उन्होंने कहा, ‘‘महामारी के कारण भारत और दुनिया में मौजूद कई समस्याएं न केवल उजागर हुई हैं बल्कि विकराल रूप ले चुकी हैं। बच्चों की गुलामी, तस्करी, बाल वेश्यावृत्ति और ऑनलाइन बाल यौन शोषण के मामलों में चिंताजनक रूप से वृद्धि हुई है। यह एक गंभीर मुद्दा है।’’

पुणे, 5। अगस्त नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने बृहस्पतिवार को कहा कि कोविड-19 महामारी ने दुनिया के कई देशों के सामने कई समस्याओं को बढ़ा दिया है, जिसमें बच्चों की तस्करी और बाल वेश्यावृत्ति शामिल है। यहां सशस्त्र बल मेडिकल कॉलेज के स्नातक विंग के हीरक जयंती समारोह के मौके पर मीडिया को संबोधित करते हुए, सत्यार्थी ने कहा कि हर बच्चे को स्वतंत्रता, बेहतर शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य प्रदान करना एक चुनौती है।

उन्होंने कहा, ‘‘महामारी के कारण भारत और दुनिया में मौजूद कई समस्याएं न केवल उजागर हुई हैं बल्कि विकराल रूप ले चुकी हैं। बच्चों की गुलामी, तस्करी, बाल वेश्यावृत्ति और ऑनलाइन बाल यौन शोषण के मामलों में चिंताजनक रूप से वृद्धि हुई है। यह एक गंभीर मुद्दा है।’’ सत्यार्थी ने कहा कि उन्होंने और नोबेल पुरस्कार विजेताओं और विश्व के नेताओं सहित कई अन्य लोगों ने कम आय वाले देशों के बच्चों को लाभान्वित करने के लिए एक वैश्विक सामाजिक सुरक्षा तंत्र के निर्माण की मांग करते हुए एक समूह का गठन किया है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों से पता चलता है कि हर पांच मिनट में पांच बच्चे यौन शोषण के शिकार होते हैं और तीन के साथ बलात्कार होता है। मानव तस्करी से निपटने के लिए एक मजबूत विशिष्ट कानून की आवश्यकता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि इस मामले पर सरकार के साथ उनके संगठन द्वारा तैयार किया गया एक विधेयक लंबित है। उन्होंने कहा, ‘‘जब हम अपनी आजादी के 75वें वर्ष का जश्न मना रहे हैं तो इस तरह के अधिनियम का होना अनिवार्य है।’’ उन्होंने लड़कियों की विवाह योग्य आयु 18 वर्ष से बढ़ाकर 21 वर्ष करने के केंद्र सरकार के कदम की सराहना की।

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