कोविड से बचने के लिए टीके के साथ योग-आयुर्वेद भी जरूरी: बाबा रामदेव

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योगगुरु स्वामी रामदेव ने बृहस्पतिवार को कहा कि कोविड से बचाव के लिए कोरोना वायरस रोधी टीके की तीनों खुराकों के साथ ही योग और आयुर्वेद भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि जो बाइडन को टीके की दोनों खुराकें लगाने के बाद बूस्टर खुराक भी लगाई गई और इसके बाद भी वह संक्रमित हो गए तो इसका मतलब है कि कोविड से बचने के लिए टीके के साथ-साथ योग और आयुर्वेद की डोज (खुराक) भी जरूरी है

हरिद्वार, 5 अगस्त। योगगुरु स्वामी रामदेव ने बृहस्पतिवार को कहा कि कोविड से बचाव के लिए कोरोना वायरस रोधी टीके की तीनों खुराकों के साथ ही योग और आयुर्वेद भी जरूरी है। यहां पतंजलि योगपीठ के महामंत्री और करीबी सहयोगी आचार्य बालकृष्ण के जन्मदिवस पर आयोजित जड़ी-बूटी कार्यक्रम के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के फिर से कोविड-19 से संक्रमित होने के संबंध में संवाददाताओं द्वारा पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में बाबा रामदेव ने यह बात कही।

उन्होंने कहा कि जो बाइडन को टीके की दोनों खुराकें लगाने के बाद बूस्टर खुराक भी लगाई गई और इसके बाद भी वह संक्रमित हो गए तो इसका मतलब है कि कोविड से बचने के लिए टीके के साथ-साथ योग और आयुर्वेद की डोज (खुराक) भी जरूरी है। रामदेव ने कहा, ‘जब तक टीके के साथ योग और आयुर्वेद की डोज नहीं लगेगी, तब तक चाहे जो बाइडन हों या दुनिया का बड़े से बड़ा धुरंधर डॉक्टर या विश्व स्वास्थ्य संगठन, कोई आपको (कोविड से) नहीं बचा सकता। ’

उन्होंने दावा किया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के शीर्ष अधिकारी भी वायरस से संक्रमित हुए हैं। योग गुरु ने कहा, “क्या आप दुनिया को वेवकूफ बना रहे हो कि हम दुनिया को केवल टीके से सुरक्षित कर देंगे। इसलिए टीकाकरण के साथ योग-आयुर्वेद जरूरी है।” रामदेव ने कहा कि दुनिया फिर से योग और आयुर्वेद की तरफ आ रही है और करोड़ों लोगों ने अपनी गृहवाटिका में तुलसी, एलोवेरा और गिलोय को स्थान दिया है जो उन्हें स्वास्थ्य और समृद्धि प्रदान कर रहा है।

कार्यक्रम में मौजूद प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने कहा कि आचार्य ने जड़ी-बूटियों के महाग्रन्थों की रचना की है जिससे भारतीय संस्कृति व चिकित्सा की जड़ें और मजबूत होंगी। प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बालकृष्ण को पंचमुखी हनुमान की प्रतिमा उपहार स्वरूप भेंट करते हुए कहा कि पतंजलि के प्रयासों से आज आयुर्वेद की स्वीकार्यता पूरे विश्व में बढ़ रही है। इस बीच, फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन इन इंडिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि रामदेव ने एलोपैथी पर गैर-जिम्मेदार बयान दिया है।

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