AIUDF के बदरुद्दीन अजमल ने की असम के CM से अपील, साजिशकर्ताओं को सरकार गोली मार दें, लेकिन मदरसा को बदनाम नहीं किया जाए

Badruddin Ajmal
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अभिनय आकाश । Aug 06, 2022 1:47PM
अजमल ने कहा कि मदरसों में बुरे तत्वों के लिए उनकी कोई सहानुभूति नहीं है और प्राधिकरण जो चाहे कर सकता है। एआईयूडीएफ नेता ने कहा कि सरकार को उन्हें जहां कहीं भी मिल जाए, उन्हें गोली मार देनी चाहिए।

असम के मोरीगांव जिले में स्थित एक मदरसे को 4 अगस्त को ढहा दिया गया, जिसके मुख्य मुफ्ती को बांग्लादेश के आतंकवादी संगठन अंसार-उल-इस्लाम से कथित संबंधों को लेकर गिरफ्तार किया गया था। अब इसको लेकर एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल की तरफ से बयान सामने आया है। अजमल ने कहा कि मदरसों में बुरे तत्वों के लिए उनकी कोई सहानुभूति नहीं है और प्राधिकरण जो चाहे कर सकता है। एआईयूडीएफ नेता ने कहा कि सरकार को उन्हें जहां कहीं भी मिल जाए, उन्हें गोली मार देनी चाहिए। अगर मदरसों में 1-2 खराब शिक्षक होते हैं, तो सरकार को उन्हें हिरासत में लेना चाहिए और जांच पूरी होने के बाद उन्हें गिरफ्तार करना चाहिए।

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बदरुद्दीन अजमल ने यह भी कहा कि सीएम हिमंत को जिहादी मानसिकता या आतंकवाद की तुलना किसी धर्म से नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा, "आतंकवादी एक आतंकवादी है। आतंकवादी हिंदू या मुस्लिम नहीं हो सकते। अगर कोई दाढ़ी रखता है या टोपी पहनता है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि सभी मुसलमान जिहादी बन गए हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि हर मदरसा जिहादी है। एआईयूडीएफ ने आगे कहा कि हमारे देश में लाखों मदरसे चल रहे हैं और मुख्यमंत्री को पता होना चाहिए कि मदरसे के छात्रों ने भी 1947 में स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लिया था।

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अजमल ने कहा कि यहां तक ​​कि छात्रों ने भी शहादत हासिल की। उन्हें पता होना चाहिए कि मुस्लिम उलेमा पहले थे जिन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई शुरू की थी। अगर कोई बांग्लादेश और पाकिस्तान से आ रहा है तो उसे सीमाओं पर रोकने की जिम्मेदारी किसकी है। भारत सरकार उनकी देखभाल कर रही है। सेना और बीएसएफ क्या कर रही है? इन चीजों पर करोड़ों रुपये खर्च किए। वे उन्हें सीमाओं पर ही क्यों नहीं रोकते? उन्हें सीमा पर ही मार डालो।

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बता दें कि असम के मोरीगांव जिले में स्थित एक मदरसे को बीते दिनों ढहा दिया गया, जिसके मुख्य मुफ्ती को बांग्लादेश के आतंकवादी संगठन अंसार-उल-इस्लाम से कथित संबंधों को लेकर गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने कहा कि मोइरावाड़ी में स्थित जिस जमात-उल मदरसे को हाल में मुफ्ती मुस्तफा की गिरफ्तारी के बाद सील किया गया था, उसे आज सुबह ध्वस्त कर दिया गया। बाद में गुवाहाटी में संवाददाता सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा, इस साल मई के बाद से असम में पांच आतंकवादी मॉड्यूल का भंडाफोड़ हुआ है। इनमें से मोरीगांव मॉड्यूल में मुस्तफा सहित दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है।  

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