हिमाचल पुलिस व शिमला के वकील आमने सामने, वकीलों ने डीजीपी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने की मांग की

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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस व हिमाचल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से इस मामले में स्वतः संज्ञान लेकर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। बार एसोसिएशन ने प्रस्ताव के माध्यम से गृह मंत्री, सचिव कार्मिक भारत सरकार से पुलिस महानिदेशक कुंडू के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने की भी मांग की है

शिमला। शिमला के राम कृष्ण मिशन आश्रम में अपने कुत्ते लेकर पुजारियों के डराने के आरोप में विवादों में आई हाईकोर्ट की वकील ज्योतिका शर्मा के समर्थन में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट बार एसोसिएशन आ गई है। जिससे मामले ने दिलचस्प मोड ले लिया है।

 

दरअसल, ज्योतिका शर्मा ने अपने साथ हुये घटनाक्रम व पुलिस की ओर से दायर मामले पर बार के पास शिकायत दी थी। जिस पर चरचा के लिये हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट बार एसोसिएशन आपातकालीन बैठक अध्यक्ष नरेशवर सिंह चंदेल की अध्यक्षता में आयोजित की गई । जिसमें वकीलों ने बैठक में वकील ज्योतिका शर्मा की ओर से पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू के खिलाफ दुर्व्यवहार व झूठे मामले में फंसाने बाबत दिए गए शिकायत पत्र पर चर्चा की गई। 

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस व हिमाचल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से इस मामले में स्वतः संज्ञान लेकर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। बार एसोसिएशन ने प्रस्ताव के माध्यम से गृह मंत्री, सचिव कार्मिक भारत सरकार से पुलिस महानिदेशक कुंडू के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने की भी मांग की है। 

इसके साथ ही मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और राज्यपाल से भी पुलिस महानिदेशक के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है। बार एसोसिएशन ने प्रस्ताव पारित कर पुलिस की ओर से गत 23 अगस्त को शाम साढ़े सात बजे से आठ बजे के मध्य आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड की गई वीडियो को भी हटाने की मांग की है। 

उल्लेखनीय है कि बार की सदस्य वकील ज्योतिका शर्मा ने शिकायत पत्र में बताया था कि पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया व 107, 151 सीआरपीसी के एक झूठे मामले में फंसाया है।  इसी शिकायत के आधार पर बार की बैठक बुलाई गई थी। सबुत के तौर पर दी गई पेन डराईव को देखने पर बार का आरोप है कि इस मामले में डीजीपी संजय कुंडू ने अपनी शक्तियों का दुरूपयोग करते हुये मौका पर जाकर थानेदार की भूमिका निभाई व महिला वकील के साथ दुर्व्यवहार कर डराया धमकाया।

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेशवर सिंह चंदेल ने कहा कि आश्रम की संपत्ति को लेकर विवाद है। व महिला वकील के पिता यहां टरस्टी है। डीजीपी को शिकायतकर्ता साधुओं की ओर से विवाद सुलझाने के लिये आश्रम में बुलाया गया था। जहां दोनों पक्ष थे। लेकिन डीजीपी ने महिला वकील को अपमानित किया।

  

इस बीच, प्रदेश पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने बताया कि  आरोपी महिला व उनके पिता के खिलाफ अदालत में कई मामले लंबित हैं। महिला रोजाना अपने कुत्तों के साथ इस मंदिर में वहां रह रहे पुजारियों को डराने जाती थी। उन लोगों ने पुलिस को शिकायत दी थी। इसी के चलते पुलिस कार्रवाई कानूनी दायरे में की गई।  

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