• बसवराज बोम्मई ने अमृत योजनाओं क्रियान्वयन की निगरानी का काम मंत्रियों को सौंपा

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने शुक्रवार को मंत्रियों को अमृत योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी का काम सौंप दिया ,जिसकी घोषणा उन्होंने 15 अगस्त को भारत की आजादी की प्लेटिनम जयंती के मौके पर की थी।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने 11 सितंबर को मंत्रियों को अमृत योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी का काम सौंप दिया, जिसकी घोषणा उन्होंने 15 अगस्त को भारत की आजादी की प्लेटिनम जयंती के मौके पर की थी। मुख्यमंत्री ने अपने आदेश में कहा कि वह कोविड-19 प्रबंधन और बाढ़ रहित कार्यों  की देखरेख के लिए जिलों के प्रभारी मंत्रियों को पहले ही नियुक्त कर चुके हैं और अब मंत्रियों को अमृत योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू करने और कल्याणकारी  कार्यक्रमों के लाभार्थियों की पहचान करने के लिए बैठकों की अध्यक्षता करने का भी काम सौंपा जाएगा।

मुंबई ने राज्य की राजधानी बेंगलुरु में अमृत योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए राजस्व मंत्री आर अशोक को नामित किया है। मुख्यमंत्री द्वारा घोषित की गई अमृत योजनाओं में अमृत निर्मल नगर ,अमृत स्कूल, अमृत आंगनवाड़ी और अमृत ग्राम पंचायत आदि शामिल है, जो मुख्य रूप से अमृत कार्यक्रम के तहत ग्रामीण और शहरी विकास पर केंद्रित होंगे ।सूत्रों के अनुसार इन योजनाओं पर 720 करोड़ों रुपए से अधिक का खर्चा आएगा।

इस योजना के तहत 750 चयनित ग्राम पंचायतों के समग्र विकास के लिए स्ट्रीट लाइट, प्रत्येक घर के लिए पेयजल और अन्य परियोजनाओं सहित परियोजनाओं को लिया जाएगा और चुनिंदा 750 ग्राम पंचायतों में सभी बेघरों की पहचान करके,उन्हें आवास प्रदान करने के लिए अमृत ग्रामीण आवास योजना की घोषणा की जाएगी।

वहीं कृषि, मत्स्य पालन और बुनकर उत्पादों के उत्पादन और विपणन को बढ़ावा देने के लिए राज्य में 750 अमृत किसान उत्पादक संगठन स्थापित किए जाएंगे। प्रत्येक संगठन को रुपये दिए जाएंगे  और सीएम बोम्मई ने अमृत आंगनवाड़ी योजना की भी घोषणा की जिसमें 750 आंगनवाड़ी में बुनियादी ढांचे के उन्नयन के लिए 7.5 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

इसके अलावा सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने के लिए राज्य में 7500 स्वयं सहायता समूहों को 75 करोड़ रुपये की बीज राशि दी जाएगी। प्रत्येक समूह को एक लाख रुपये दिए जाएंगे। बोम्मई द्वारा घोषित अमृत आंगनवाड़ी योजना के तहत, लगभग 750 स्कूल / कॉलेज के छात्रों की पहचान की जाएगी और उन्हें उत्पादक सामुदायिक सेवाओं में शामिल होने के लिए प्रेरित  किया जाएगा और राज्य में एससी, एसटी, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदायों के 75000 युवाओं के लिए 2 साल के कौशल विकास प्रशिक्षण पर कुल 112 करोड़ रुपये खर्च किए  जाएगा।

अमृत ​​स्पोर्ट्स एडॉप्शन प्रोग्राम राज्य के 75 प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करने और प्रोत्साहित करने पर ध्यान केंद्रित करेगा, जो आगामी पेरिस ओलंपिक में पदक जीतने की क्षमता रखते  हैं। कुल मिलाकर यह सभी योजनाएं राज्य का विकास करने में सहायक साबित होने वाली हैं।