अच्छी खबर: भारत बायोटेक की Nasal वैक्सीन को बूस्टर डोज के ट्रायल की मिली अनुमति, हर वैरिएंट पर है प्रभावी

अच्छी खबर: भारत बायोटेक की Nasal वैक्सीन को बूस्टर डोज के ट्रायल की मिली अनुमति, हर वैरिएंट पर है प्रभावी

भारत बायोटेक के नेसल वैक्सीन के ट्रॉयल को डीसीजीआई ने बूस्टर डोज के लिए मंजूरी दे दी है। 900 लोगों पर नेसल वैक्सीन का ट्रायल होगा। ट्रायल की डिटेल डीसीडेआई को सौंपने होंगे। भारत बायोटेक दूसरी ऐसी कंपनी है जिसने तीसरे चरण के ट्रायल के लिए डीसीजेआई से अप्रूवल मांगा था और उसे इजाजत दे दी है।

देश में कोरोना का खतरा अभी टला नहीं है। डेल्टा वैरिएंट के बाद ओमिक्रॉन वैरिएंट देखने को मिला और उसके बाद बीए प्वाइंट टू वैरिएंट भी दस्तक देने लगा है। लेकिन इस बीच एक अच्छी खबर ये है कि भारत बायोटेक के नेसल वैक्सीन के ट्रॉयल को डीसीजीआई ने बूस्टर डोज के लिए मंजूरी दे दी है। 900 लोगों पर नेसल वैक्सीन का ट्रायल होगा। ट्रायल की डिटेल डीसीडेआई को सौंपने होंगे। भारत बायोटेक दूसरी ऐसी कंपनी है जिसने तीसरे चरण के ट्रायल के लिए डीसीजेआई से अप्रूवल मांगा था और सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी ने उसे इजाजत दे दी है। 

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आधिकारिक सूत्रों के अनुसार एम्स दिल्ली समेत पांच स्थानों पर परीक्षण किया जाएगा। भारत बायोटेक ने दिसंबर में डीसीजीआई से इंट्रानेजल कोविड-19 टीके का उन प्रतिभागियों पर तीसरे चरण का अध्ययन करने की अनुमति मांगी थी जिन्हें पहले सार्स-सीओवी 2 टीके लग चुके हों। डीसीजीआई ने बृहस्पतिवार को बीबीवी-154 (इंट्रानेजल) टीके की प्रतिरक्षा क्षमता तैयार करने की शक्ति और सुरक्षा की तुलना कोवैक्सीन से करने के लिए तीसरे चरण का क्लीनिकल परीक्षण करने की अनुमति भी दे दी थी। 

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किन लोगों पर होगा ट्रायल?

भारत बायोटेक के एक सूत्र ने कहा, ‘‘बीबीवी154 (इंट्रानेजल कोविड टीके) को तीसरे चरण के क्लीनिकल परीक्षण के लिए मंजूरी मिल गयी है। परीक्षण में दोनों खुराकों के प्राथमिक कार्यक्रम और बूस्टर खुराक दोनों के लिए बीबीवी154 टीके का आकलन किया जाएगा।’’ भारत बायोटेक के अध्यक्ष कृष्णा इल्ला ने कहा था कि इंट्रानेजल टीका न केवल देने में आसान होगा बल्कि सिरिंज और सुइयों के इस्तेमाल को भी घटाएगा। उन्होंने कहा था कि इससे टीकाकरण अभियान की कुल लागत पर भी असर पड़ेगा।

हर वैरिएंट पर प्रभावी 

बताया जा रहा है कि ये नेसल वैक्सीन कोविड-19 पर तो असरदार है ही इसके साथ ही ये ओमिक्रॉन और आने वाले और भी घातक वैरिएंट हैं उन पर भी सक्षम है। यानी वैक्सीन की बूस्टर डोज काफी ज्यादा किफायती और सुरक्षा देने वाली है।  





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