BrahMos Missile Misfire | ब्रह्मोस मिसफायर मामले में लिया गया बड़ा एक्शन, एयरफोर्स के 3 ऑफिसर बर्खास्त, पाक में जा गिरी थी मिसाइल

 BrahMos misfire
ANI
रेनू तिवारी । Aug 24, 2022 9:11AM
मार्च 2022 में भारत की तरफ से दुर्घटनावश ब्रह्मोस मिसाइल ने पाकिस्तान की तरफ टारगेट कर दिया था। मिसाइल दागने के बाद मीडिया में खबरे आने लगी की भारत ने पाकिस्तान पर हमता कर दिया था लेकिन रक्षा मंत्रायल से तुरंत इस बात पर स्पष्टिकरण जारी किया गया कि यह एक दुर्घटना थी।

नयी दिल्ली। मार्च 2022 में भारत की तरफ से दुर्घटनावश ब्रह्मोस मिसाइल  ने पाकिस्तान की तरफ टारगेट कर दिया था। मिसाइल दागने के बाद मीडिया में खबरे आने लगी की भारत ने पाकिस्तान पर हमता कर दिया था लेकिन रक्षा मंत्रायल से तुरंत इस बात पर स्पष्टिकरण जारी किया गया कि यह एक दुर्घटना थी। इस मामले की  उच्चस्तरीय जांच का आदेश दिया गया है। अब लगभग चार महीने बाद वायु सेना के तीन अधिकारियों को मंगलवार को बर्खास्त कर दिया गया है। वायु सेना के तीन अधिकारियों को नौ मार्च को दुर्घटनावश ब्रह्मोस मिसाइल दागे जाने की घटना की उच्चस्तरीय जांच में जिम्मेदार ठहराया गया था। 

इसे भी पढ़ें: जम्मू कश्मीर में रहस्यमय परिस्थिति में मिला बीजेपी नेता का शव, परिवार का दावा- साजिश के तरह की गयी हत्या

ब्रह्मोस मिसाइल हुई थी मिसफायर

ब्रह्मोस मिसाइल मिसफायर घटना के सिलसिले में मंगलवार को भारतीय वायु सेना (IAF) के तीन अधिकारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गईं। दुर्घटनावश छोड़ी गयी ब्रह्मोस मिसाइल पाकिस्तान में गिरी थी। एक आधिकारिक बयान के अनुसार कोर्ट ऑफ इंक्वायरी (सीओए) ने इस घटना की जांच में पाया कि तीन अधिकारियों ने मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन नहीं किया। उस घटना के बाद, रक्षा मंत्रालय ने गहरा खेद’’ जताया था वहीं पाकिस्तान ने कड़ा विरोध दर्ज कराया था। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, ‘‘नौ मार्च को गलती से एक ब्रह्मोस मिसाइल दागी गई थी। इस घटना को लेकर जिम्मेदारी तय करने सहित मामले के तथ्यों को स्थापित करने के लिए गठित कोर्ट ऑफ इंक्वायरी (कर्नल) ने पाया कि तीन अधिकारियों द्वारा मानक संचालन प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।’’

इसे भी पढ़ें: बिहार में नीतीश सरकार के लिए आज ‘असली इम्तिहान’, स्पीकर का इस्तीफा से इनकार, JDU-BJP में वार-पलटवार

तीन वायुसेना अधिकारी बर्खास्त 

बयान के अनुसार, इन तीन अधिकारियों को घटना के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार ठहराया गया है। केंद्र सरकार ने उनकी सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं। अधिकारियों को 23 अगस्त को बर्खास्तगी के आदेश दे दिए गए हैं। वायु सेना ने हालांकि उन अधिकारियों के रैंक और नामों का जिक्र नहीं किया है जिन्हें बर्खास्त किया गया है। लेकिन समझा जाता है कि बर्खास्त अधिकारियों में एक ग्रुप कैप्टन हैं। रक्षा मंत्रालय ने 11 मार्च को कहा था कि तकनीकी खराबी के कारण नियमित रख-रखाव के दौरान दुर्घटनावश एक मिसाइल चल गई थी और पाकिस्तान के एक इलाके में गिरी।

उच्चस्तरीय जांच के मिले थे आदेश 

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 15 मार्च को संसद में कहा था कि सरकार ने इस घटना को बहुत ही गंभीरता से लिया है तथा उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं। घटना के बाद पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में भारतीय दूतावास के प्रभारी को ‘‘उड़ने वाली भारतीय सुपर-सोनिक वस्तु’’ द्वारा उसके हवाई क्षेत्र के कथित उल्लंघन करने की बात कहते हुए इस बारे में अपना विरोध दर्ज कराया था। पाकिस्तानी सेना ने कहा था कि 124 किलोमीटर की दूरी से एक वस्तु भारत की ओर से पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में पहुंची थी।

अन्य न्यूज़