उत्तर प्रदेश की बड़ी खबरें: कृषि मंत्री ने प्रदेश में गेहूं खरीद की समीक्षा की

उत्तर प्रदेश की बड़ी खबरें: कृषि मंत्री ने प्रदेश में गेहूं खरीद की समीक्षा की

किसानों को क्रय केंद्रों पर किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त कोविड-19 प्रोटोकाल के अंतर्गत समस्त क्रय केंद्रों पर सेनेटाइजर, साबुन-पानी, थर्मामीटर आदि की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। शाही ने कहा कि क्रय केंद्रों पर पड़े हुए खाद्यान्न को शीघ्र उठाकर सुरक्षित स्थानों पर रखा जाए।

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार लगातार काम कर रही है। सरकार द्वारा आज भी कई बड़े निर्णय लिए गए। आइए पढ़ते हैं उत्तर प्रदेश की दिनभर की आज की बड़ी खबर।

कृषि मंत्री, सूर्य प्रताप शाही ने वेबिनार के माध्यम से प्रदेश में गेहूं खरीद की समीक्षा की

उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री, सूर्य प्रताप शाही ने आज वेबिनार के माध्यम से वर्तमान वर्ष 2021-22 में प्रदेश में गेहूं खरीद की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि शीघ्रातिशीघ्र गेहूँ खरीद हेतु निर्धारित लक्ष्य 55 लाख मी0टन की प्राप्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों के भुगतान में भी तेजी लाई जाए। किसानों को क्रय केंद्रों पर किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त कोविड-19 प्रोटोकाल के अंतर्गत समस्त क्रय केंद्रों पर सेनेटाइजर, साबुन-पानी, थर्मामीटर आदि की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। शाही ने कहा कि क्रय केंद्रों पर पड़े हुए खाद्यान्न को शीघ्र उठाकर सुरक्षित स्थानों पर रखा जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि गेहूँ खुले में न रहे। उन्होंने समीक्षा के दौरान बरेली मण्डल में गेहूँ खरीद की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के कारण कुछ क्रय केंद्रों पर गेहूँ खरीद की प्रगति संतोषजनक नहीं है, ऐसे क्रय केंद्रों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। इस प्रकार के क्रय केंद्रों की नियमित समीक्षा भी की जाए। किसी भी क्रय केंद्र से घटतौली की शिकायत नहीं प्राप्त होनी चाहिये।

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कृषि मंत्री को अवगत कराया गया कि प्रदेश में 5663 क्रय केंद्रों के माध्यम से अब तक 671377 किसानों से 33.77 लाख मी0टन गेहूँ की खरीद की जा चुकी है, जोकि गत वर्ष इस अवधि में क्रय किये गए 20.39 लाख मी0टन से 13.38 लाख मी0टन अधिक है। किसानों को देय कुल 6670.87 करोड़ रुपये के सापेक्ष 5048.72 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। उन्हें बताया गया कि अब तक 1418096 किसानों द्वारा अपनी उपज के विक्रय हेतु पंजीकरण कराया गया है। यह भी अवगत कराया गया कि 55 लाख मी0टन गेहूँ हेतु आवश्यक 2.20 लाख गाँठ बोरों के सापेक्ष 2.14 लाख गाँठ बोरे उपलब्ध हैं, शेष बोरों की व्यवस्था की जा रही है। वेबिनार के माध्यम से समीक्षा बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, प्रमुख सचिव (खाद्य एवं रसद) श्रीमती वीना कुमारी, खाद्य आयुक्त श्री मनीष चैहान एवं विशेष सचिव मासूम अली सरवर सहित समस्त क्रय एजेंसियों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

जलशक्ति मंत्री डॉ. महेन्द्र सिंह ने हरदोई में बाढ़ से बचाव के लिए संचालित निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया

उत्तर प्रदेश के जलशक्ति मंत्री डॉ. महेन्द्र सिंह ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुये कहा कि बाढ़ से बचाव के लिए कराये जा रहे निर्माण कार्यों में मानक के अनुरूप गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया जाये। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाये जाने पर सम्बन्धित अधिकारी की जिम्मेदारी तय करते हुये उसके विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जायेगी। डॉ. महेन्द्र सिंह आज जनपद हरदोई के राजघाट/कटरी बिछुईया  एवं ग्राम मानीमऊ में बाढ़ परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर रहे थे। डॉ. महेन्द्र सिंह ने वर्षा काल से पहले बाढ़ से सम्बन्धित सुरक्षा परियोजनाओं को 31 मई 2021 तक प्रत्येक दशा में पूरा करने के निर्देश दिये। इसके साथ ही बरसात के दिनों में ग्रामीण क्षेत्रों में जलप्लावन की समस्या को दूर करने के लिए सभी नालों की सफाई आगामी 31 मई तक किए जाने की हिदायत दी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं कि आंशिक कोरोना कर्फ्यू के बावजूद भी बाढ़ से बचाव सम्बंधी परियोजनाओं को हरहाल में तय समय सीमा से पूरा किया जाना है। इसके साथ ही ठेकेदारों को भी सचेत किया कि महामारी की आड़ में यदि किसी ठेकेदार के कार्य में गुणवत्ता अधोमानक पायी जाती है, तो उनका भुगतान रोक दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए हैं कि कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिए कार्य स्थल पर कोविड प्रोटोकाल का अनुपालन कड़ाई सुनिश्चित किया जाए तथा श्रमिकों को मास्क, सेनेटाइजर आदि उपलब्ध कराते हुए उनके प्रयोग के निर्देश दिए जाएं।

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जल शक्ति मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार निरन्तर इस उद्देश्य के लिए प्रतिबद्ध है कि बाढ़ बचाव कार्य समय से प्रारम्भ हों, गुणवत्तापरक हों तथा पूर्ण पारदर्शिता से सम्पादित कराये जाएं। इस वर्ष 2020-21 के बाढ़ काल की तैयारियों के दृष्टिगत मुख्यमंत्री द्वारा एक साहसिक एवं अभूतपूर्व निर्णय लेते हुए पिछले वर्ष के माह जनवरी, 2021 में ही बाढ़ कार्य हेतु पुनर्विनियोग के माध्यम से धनराशि उपलब्ध करायी गयी, जिसके अन्तर्गत 184 नई बाढ़ परियोजनाओं पर धनराशि स्वीकृत की गयी तथा समस्त कार्य माह फरवरी, 2021 में प्रारम्भ कर दिये गये थे। उन्होंने कहा कि विश्वव्यापी कोरोना महामारी के संकट काल में भी और पंचायत चुनाव सम्पन्न होने के बावजूद बाढ़ परियोजनाओं में तेजी से कार्य किया गया, जिसके फलस्वरूप 6 परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी है तथा शेष अधिकांश परियोजनाएं पूर्णता की ओर अग्रसर हैं। समस्त परियोजनाओं के कार्य आसन्न मानसून से पूर्व 31 मई, 2021 तक कराये जाने हेतु लक्षित हंै। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं के कार्य मानसून के पूर्व होने से जनता बाढ़ से सुरक्षित होगी और जनधन की हानि नहीं होगी। उन्होंने कहा कि यदि दूरदृष्टि रखकर समय से धनराशि निर्गत करने का यह निर्णय नहीं लिया गया होता तो वर्तमान कोरोना महामारी के कारण बाढ़ कार्यों के समय से क्रियान्वयन में कठिनाई का सामना पड़ता।

जलशक्ति मंत्री ने कहा कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षा के दौरान जलप्लावन की समस्या के निराकरण करने के उद्देश्य से समस्त ड्रेनों/नालों की सफाई कराये जाने का अभियान भी प्रारम्भ किया गया है। ड्रेनों/नालों के इस सफाई कार्यक्रम में उन पर निर्मित क्षतिग्रस्त पुल/पुलियों के जीर्णोद्धार भी कराया जायेगा। विभाग के अन्तर्गत कुल 10787 नाले हैं जिनकी कुल लम्बाई 60205 किमी0 है। उन्होंने कहा कि  इनमें से वित्तीय वर्ष 2019-20 में 2751 नालों की 13300 किमी0 लम्बाई, वित्तीय वर्ष 2020-21 में 2481 नालो की 12073 किमी0 लम्बाई में सफाई कराई गयी। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2021-22 में 4811 नालो की 23944 किमी लम्बाई में सफाई करायी जा रही हंै। उन्होंने कहा कि नालों पर सफाई के कार्यांे से ग्रामीण क्षेत्रों की कृषि भूमि जलप्लावन से मुक्त हो सकेगी जिससे कृषकों की फसलों की क्षति को रोका जा सकेगा।

डॉ. महेन्द्र सिंह ने कहा कि कोविड महामारी के बावजूद सिंचाई विभाग द्वारा बाढ़ की तैयारियों के समस्त कार्य समयानुसार कराये जा रहे हैं। वर्ष 2020-21 में सिंचाई विभाग के अन्तर्गत 254 बाढ़ परियोजनाएं संचालित थीं जिनमें से 83 परियोजनाओं के कार्य बाढ़ काल 2020 के प्रारम्भ होने से पूर्व माह जून तक पूर्ण कर लिए गये थे तथा शेष परियोजनाओं के कार्य सुरक्षित स्तर तक इस प्रकार सम्पादित कराये गये कि उनका लाभ जनता को प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि अतिसंवेदनशीन स्थलों जिन पर बाढ़ परियोजनाएं स्वीकृत नहीं थी उन स्थलों पर अनुरक्षण मद से अति आवश्यक कार्य कराकर बाढ़ से सुरक्षा प्रदान की गयी। उन्होंने कहा कि माह दिसम्बर, 2020 तक 146 परियोजनाएं पूर्ण की गयीं तथा वर्ष के अन्त तक अर्थात माह मार्च, 2021 तक 193 परियोजनाएं पूर्ण की गयीं। वर्तमान वर्ष में अब तक कुल 213 परियोजनाएं पूर्ण हुई हंै। शेष परियोजनाओं के कार्य प्रगति में हैं तथा आसन्न मानसून से पूर्व पूर्ण किये जाने हैं।

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निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि जनपद हरदोई में गंगा नदी के तट पर स्थित मक्कूपुर, कटरी बिछुहिया, परसौला की बाढ़ से सुरक्षा हेतु डेªजिंग एवं चैनलाइजेशन का कार्य की परियोजना स्वीकृत है, जिसके अन्तर्गत डेªजिंग पाथ के लूप-1 में 1.9 किमी0 लूप-2 में 1.3 किमी0 की डेªजिंग एवं चैनलाईजेशन किया जाना प्रस्तावित है। वर्तमान में परियोजना का 90 प्रतिशत कार्य पूर्ण करा दिया गया है। डेंजिंग कार्य के फलस्वरूप अब तक लगभग 5,10,000 घन मी0 ड्रेज्ड मैटेरियल निकाला गया है। निकाले गये डेªज्ड मैटेरियल में से 2,00,000 घन मी0 बालू की नीलामी की कार्यवाही प्रगति में है। इस परियोजना के कार्य पूर्ण होने से इस परियोजना के कार्य पूर्ण होने से ग्राम मक्कूपुर, कटरी बिछुहिया, परसौला में बाढ़ का प्रभाव कम हो जाएगा। निरीक्षण के समय सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियन्ता (परि0 एवं नियो0) श्री अशोक कुमार सिंह, मुख्य अभियन्ता (शारदा) बरेली श्री सूरज पाल सिंह, प्रबन्ध निदेशक उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कारपोरेशन लि. नवीन कपूर, अधीक्षण अभियन्ता सीके मंगलम, अधिशासी अभियन्ता अखिलेश कुमार गौतम, परियोजना प्रबन्धक पंकज वर्मा आदि उपस्थित रहे।

उपमुख्यमंत्री ने जनपद रायबरेली में कोविड-19 के गंभीर मरीजों को स्वास्थ्य संबंधी बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराए जाने के दृष्टिगत केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री को लिखे पत्र के माध्यम से किया आग्रह

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने जनपद रायबरेली में कोविड-19 के गंभीर मरीजों को स्वास्थ्य संबंधी बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराए जाने के दृष्टिगत केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री भारत सरकार, डॉ हर्षवर्धन को पत्र लिखकर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायबरेली को शीघ्र ही पूर्ण स्थापित क्षमता से कार्य किए जाने  तथा आर०टी० पी०सी०आर० जांच 300 प्रतिदिन क्षमता से बढ़ाकर 5000 प्रतिदिन किए जाने तथा एम्स में उपयुक्त ऑक्सीजन क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट भी स्थापित किए जाने के संबंध में पत्र के माध्यम से आग्रह किया है। इस संबंध में डॉ दिनेश शर्मा ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जी से फोन पर आग्रह किया है।

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उपमुख्यमंत्री तथा जनपद रायबरेली के प्रभारी मंत्री डॉ. शर्मा को जनपद रायबरेली की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी रायबरेली ने अवगत कराया कि एम्स रायबरेली में प्रस्तावित क्षमता से कार्य प्रारम्भ नहीं हुआ है। उल्लेखनीय है कि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायबरेली जिसकी प्रस्तावित क्षमता 610 बेड की है। वर्तमान में विशेष प्रयत्न करते हुए एम्स रायबरेली द्वारा 28 बेड का कोविड एलदृ3 हॉस्पिटल संचालित किया जा चुका है, जिसमें 10 बेड आई०सी०यू० के हैं तथा शेष 18 बेड सामान्य ऑक्सीजन के हैं। एम्स प्रशासन के डाक्टर एवं पैरामेडिकल स्टाफ की कमी के संबंध में जिला प्रशासन द्वारा यह प्रस्ताव दिया गया है कि जिला प्रशासन द्वारा एम्स में अपने मानव संसाधन एवं उपकरणों द्वारा 400 बेड का का कोविड एलदृ2 स्तर का हॉस्पिटल संचालित कर सकते हैं एवं शेष बेड्स को एम्स प्रशासन द्वारा स्वयं के प्रबंधन पर कोविड स्तर का हॉस्पिटल संचालित करने का सुझाव दिया है, जिसके लिए जिला प्रशासन द्वारा एम्स प्रशासन को पूर्ण सहयोग प्रदान किया जाएगा।

डॉ. महेन्द्र सिंह ने बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर प्रदेशवासियों को दी हार्दिक बधाई एवं शुभकामना

उत्तर प्रदेश के जलशक्ति मंत्री डॉ. महेन्द्र सिंह ने भगवान बुद्ध की कल 2565 वीं जयन्ती बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर प्रदेशवासियों खासतौर से बौद्ध धर्म के अनुयायियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। एक बधाई सन्देश में उन्होंने कहा है कि भगवान बुद्ध के सत्य, अहिंसा, करूणा, दया, मैत्री एवं विश्व बन्धुत्व के कालजयी सन्देश आज के दौर में और भी प्रासंगिक हैं। उनके द्वारा बताये हुए मार्ग पर चलकर ही पीड़ित मानवता का कल्याण सम्भव है।

डॉ. सिंह ने अपने शुभकामना संदेश में यह भी कहा है कि भगवान बुद्ध ने प्राणियों पर दया करने का जो संदेश दिया था, उसके अन्तर्गत पर्यावरण संरक्षण एवं प्रकृति का सम्मान करने की भी भावना अन्तर्निहीत है। वर्तमान समय में प्रकृति संरक्षण एवं पर्यावरण को बचाने के लिए हर सम्भव प्रयास किया जाना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ी को हम एक स्वस्थ पर्यावरण प्रदान कर सकें। उन्होंने भगवान बुद्ध की जयन्ती को कोरोना के प्रोटोकाल का कड़ाई से अनुपालन करते हुए मनाये जाने की कामना की है। जलशक्ति राज्यमंत्री बीएस औलख ने भी बुद्ध पूर्णिमा पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई दी है।

जलशक्ति मंत्री हरदोई, मुरादाबाद तथा पीलीभीत के भ्रमण पर

उत्तर प्रदेश के जलशक्ति मंत्री डॉ. महेन्द्र सिंह आज से हरदोई, मुरादाबाद तथा पीलीभीत जनपदों में कराये जा रहे बाढ़ कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करने 3 दिवसीय दौरे पर रहेंगे। कार्यक्रम के अनुसार डॉ. महेन्द्र सिंह ने आज जनपद हरदोई पहुंचकर दोपहर 12 बजे राजघाट कटरी बिछुईया जनपद हरदोई में गंगा नदी पर कराये जा रहे बाढ़ से बचाव हेतु डेजिंग एवं चैनलाइजेशन तथा ईसी तथा जिओ बैग स्पर के कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करते हुए मानीमऊ में बाढ़ कार्यों का निरीक्षण किया। इसके पश्चात शाम को 07 बजे मुरादाबाद जनपद पहुंचेंगे।

कल 26 मई, 2021 को जलशक्ति मंत्री पूर्वान्ह 10 बजे मुरादाबाद में टीकाकरण केन्द्र का निरीक्षण करेंगे तथा पं0 दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय मुरादाबाद, एम0सी0एच0 विंग महिला चिकित्सालय एल-2 कोविड अस्पताल का भी निरीक्षण करेंगे। इसके उपरान्त 12 बजे सर्किट हाउस मुरादाबाद में जन प्रतिनिधियों, जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी तथा कोविड-19 की टीम के साथ बैठक करेंगे। इसके पश्चात अपरान्ह डिलरा, रायपुर में निगरानी समिति एवं आइसोलेशन में रह रहे मरीजों से वार्ता करके उनको उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे।

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इसके उपरान्त 27 मई, 2021 को जनपद पीलीभीत में नगरिया काॅलोनी के समीप देवहा नदी पर कराये जा रहे बाढ़ कार्यों का निरीक्षण, इसके पश्चात 12ः30 बजे सनेढ़ी तटबन्ध पीलीभीत स्थित शारदा नदी पर स्थित तटबंध पर संचालित बाढ़ परियोजना के कार्यों का भी निरीक्षण करेंगे। अपरान्ह 04ः15 बजे ढुकिया खुर्द लखीमपुर खीरी में शारदा नदी पर चल रहे बाढ़ कार्यों एवं डेªजिंग के कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करेंगे और देर शाम तक लखनऊ लौटेंगे।

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बुद्ध पूर्णिमा पर देश व प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर देश व प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने बुद्ध पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर अपने शुभकामना संदेश में कहा है कि भगवान बुद्ध का जीवन दर्शन आज भी प्रासंगिक है। समाज में शांति, सद्भाव व सदाचार का वातावरण बनाए रखने में उनके आदर्शों से हम सबको प्रेरणा मिलती है।

मौर्य ने कहा कि भगवान बुद्ध ने अपने ज्ञान का प्रकाश पूरी दुनिया में फैलाया। विश्व के कई देशों में बुद्ध पूर्णिमा मनाई जाती है। महात्मा बुद्ध ने कहा था कि ईष्या व्यक्ति के मन की शांति को खत्म कर देती है। उन्होने सदाचार व शांति के सन्मार्ग पर चलने का संदेश पूरे समाज को दिया। उनके जीवन दर्शन से न केवल हमें सीख लेनी चाहिए, बल्कि हमें उनका जीवन दर्शन आत्मसात भी करना चाहिए।

कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण बनाने रखने के लिए स्वंयसेवी संगठनों ने किया प्रशंसनीय कार्य

वरिष्ठ नोडल अधिकारी कोविड 19 लखनऊ डॉ. रोशन जैकब द्वारा बताया गया कि समाज में कोविड की तीसरी लहर और बच्चों में संक्रमण फैलने जैसी भ्रामक बाते फैली हुई हैं जो कि एकदम निराधार है। बच्चों में संक्रमण फैलने के कोई भी ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नही है, उन्होंने बताया कि जनपदवासीध्अभिभावक बिल्कुल भी इन बातों को लेकर न घबराए। विशेषज्ञों की माने तो पहली और दूसरी लहर की पैटर्न के अनुसार बच्चे बहुत ही कम संक्रमित होते है और अगर होते भी है तो उनके लक्षण हल्के (माइल्ड) ही रहते है। उन्होंने बताया कि अभी तक कोई भी ऐसा संकेत नही प्राप्त हुआ है जिसमे बच्चों पर ज्यादा असर हो या लक्षण गंभीर (सीवियर) हो। सभी सम्भावनाओ को लेकर सरकार व प्रशासन  द्वारा किसी भी आपातस्थिति से निपटने के लिए सभी तैयारियां की जा रही है। उन्होंने बताया कि कोविड संक्रमण और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के मद्देनजर सरकार व प्रशासन द्वारा सभी व्यवस्थाएं जैसे मेडिकल उपकरण, संसाधन, मूलभूत सुविधाएं, बच्चों व महिलाओ के लिए अलग से स्पेशिलिटी वार्ड आदि व्यवस्थाए कराई जा रही है। लोगों को जरा भी घबराने की आवश्यकता नही है।

सरकार व प्रशासन द्वारा लोगो की सभी प्रकार की मदद की जाएगी। प्रशासन जनपदवासियों की सुविधाओं/मदद के लिये निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि संकट की इस घड़ी में जनपदवासियों द्वारा अद्भुत साहस और संयम का परिचय दिया गया। अपनो को खोने के बावजूद भी लोगो ने एक दूसरे की मदद करते हुए एक दूसरे को सम्हाला। जनपदवासियों की सतर्कता और जागरूकता के फलस्वरूप जहां पर एक समय संक्रमण की दर 30 प्रतिशत थी वह घट कर वर्तमान में 1.3 प्रतिशत ही रह गई और प्रतिदिन नए केस की संख्या लगभग 200 के करीब हो गई है। साथ ही साथ सक्रिय केसों की संख्या 58000 से घट कर अब सिर्फ 4643 ही बची है। जनपदवासियों के साथ साथ विभिन्न समाजसेवी संगठनो व अन्य समूहों ने आगे आ कर कोविड प्रबन्धन एवं लोगो की मदद करते हुए प्रशंसनीय कार्य किया।

मंत्रिगणों ने बुद्ध पूर्णिमा पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण मंत्री अनिल राजभर, व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल तथा महिला कल्याण एवं बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्वाती सिंह ने प्रदेशवासियों को बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं और कहा कि समाज में शांति, सद्भाव व सदाचार का वातावरण बनाए रखने में उनके आदर्श से प्रेरणा मिलती है।

कोविड-19 महामारी से लड़ाई में उत्तर प्रदेश को ओप्पो मोबाइल्स एवं सैमसंग इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी द्वारा सहयोग

वर्तमान समय में जब पूरा देश एवं प्रदेश कोरोना की दूसरी लहर की चपेट में है, माननीय मुख्यमंत्री  के नेतृत्व में सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रानिक्स विभाग उत्तर प्रदेश की पहल पर प्रदेश में स्थापित औद्योगिक इकाइयों द्वारा भी इस लड़ाई में बढ़-चढ़ कर राज्य सरकार के साथ सहयोग किया जा रहा है और आर्थिक मदद के साथ-साथ आवश्यक उपकरणों के रूप में सहायता प्रदान की जा रही है। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री तथा सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रानिक्स मंत्री डा0 दिनेश शर्मा ने बताया है कि सहयोग की इस कड़ी में जनपद गौतमबुद्ध नगर में स्थापित मेसर्स ओप्पो मोबाइल्स इण्डिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्रदेश सरकार को 1,000 ऑक्सीजन कन्सेन्ट्रेटर्स उपलब्ध कराये गये हैं। इन ऑक्सीजन कन्सेन्ट्रेटर्स को उत्तर प्रदेश के अधिक कोरोना केसेज वाले जनपदों गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ, बागपत, बुलन्दशहर, शामली, आगरा, लखनऊ, हरदोई, सुल्तानपुर, रायबरेली, कानपुर नगर, कानपुर देहात तथा बाराबंकी के जिलाधिकारियों से समन्वय कर पहुंचाया जा चुका है। 

ये ऑक्सीजन कन्सेन्ट्रेटर्स ऐसे मरीजों को जीवन-रक्षक ऑक्सीजन सहायता प्रदान करेंगे जिन्हें इसकी तत्काल आवश्यकता है। इनसे जनपदों के चिकित्सकीय अवसंरचना में महत्वपूर्ण सहयोग होगा।

इससे पूर्व नोएडा में मोबाइल और आईटी डिस्प्ले उत्पादों के विनिर्माण हेतु अपनी इकाई की स्थापना कर रहे सैमसंग इण्डिया इलेक्ट्रानिक्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 07.50 करोड़ की धनराशि उ0प्र0 राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण को उपलब्ध कराई गई है। सैमसंग द्वारा 1900 से अधिक ऑक्सीजन सिलिण्डर्स, 60 से अधिक ऑक्सीजन कॉन्सेन्ट्रेटर तथा 06.50 लाख विशेष एल.डी.एस. सिरींजेस भी उपलब्ध कराये गये हैं। उप मुख्यमंत्री डा0 दिनेश शर्मा ने उत्तर प्रदेश में निजी एवं सामाजिक संस्थाओं से कोरोना महामारी में जनता के सहयोग की अपील की।

                                                           

प्रदेश में संघटित समस्त ग्राम पंचायतों की प्रथम बैठक 27 मई, 2021 को आहूत की जाये

उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायतों के सामान्य निर्वाचन के पश्चात प्रदेश में संघटित समस्त ग्राम पंचायतों के कार्यकाल में समानता लाने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि प्रदेश में संघटित समस्त ग्राम पंचायतों की प्रथम बैठक 27 मई, 2021 को आहूत की जाये। अपर मुख्य सचिव पंचायती राज मनोज कुमार सिंह द्वारा प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को इस सम्बध में आवश्यक निर्देश जारी कर दिये गये है, जारी निर्देश में कहा गया है उत्तर प्रदेश पंचायत राज नियमावली के नियम-31 तथा 32 में दी गयी व्यवस्थाओं के अनुसार ग्राम पंचायत प्रधान द्वारा शपथ ग्रहण के बाद ग्राम पंचायत की 27 मई, 2021 को बैठक हेतु समय व स्थान (यथासंभव पंचायत भवन/सामुदायिक भवन) उल्लिखित करके प्रथम बैठक की नोटिस जारी करते हुए समस्त ग्राम पंचायत सदस्यों को लिखित रूप से नोटिस तामिल करा दी जाए तथा नोटिस की एक प्रति पंचायत भवन जैसे सार्वजनिक स्थान पर भी चस्पा कर दी जाये। 

इस बैठक में मुख्य रूप से कोविड़-19 के दृष्टिगत उत्पन्न परिस्थितियों व कारगर तरीके से इसके समाधान के विषय पर चर्चा की जाय। चर्चा में आए मुख्य बिन्दु व सुझाव को संकलित कर पंचायतीराज निदेशालय के माध्यम से शासन को उपलब्ध कराया जाय। प्रथम बैठक के एजेण्डा में ग्राम पंचायत की 6 समितियों के गठन की कार्यवाही का बिन्दु भी रखा जाए और यथासम्भव प्रथम बैठक में ही समितियाँ गठित करा दी जाए बैठक में कोविड़-19 के प्रोटोकाल का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। दिनांक 27 मई, 2021 को जनपद की समस्त संघटित ग्राम पंचायतों की प्रथम बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित कराते हुए अनुपालन आख्या निदेशक, पंचायती राज, उ0प्र0 को 28 मई, 2021 तक उपलब्ध कराने का कष्ट करें।

विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह ने बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर प्रदेशवासियों को दी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं

उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह ने  बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। सभापति विधान परिषद ने अपने संदेश में कहा कि महात्मा बुद्ध ने अपने दार्शनिक विचारों से भारत ही नहीं समूचे विश्व को प्रभावित किया। गौतम बुद्ध ने मानवता  अहिंसा का जो संदेश दिया वह आज भी प्रासंगिक है उनके दर्शन व आदर्शों से हम सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए।


विधान सभा के अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर प्रदेशवासियों को दी हार्दिक बधाई

उत्तर प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई देते हुए उनके सुख-समृद्धि की कामना की है। अध्यक्ष, विधान सभा ने अपने संदेश में कहा है कि महात्मा गौतम बुद्ध ने अपने दार्शनिक एवं सांस्कृतिक विचारों से भारत ही नहीं बल्कि विश्व को प्रभावित किया। चीन, जापान, श्री लंका, कोरिया सहित अनेक देशों में बौद्ध अनुयायी हैं। गौतम बुद्ध ने मानवता, अहिंसा व भारतीय संस्कृति  का जो संदेश दिया था, वह आज भी प्रासंगिक है। दीक्षित ने कहा कि महात्मा बुद्ध जी की जयन्ती के अवसर पर उनके दर्शन व आदर्शों से हम सभी को सीख लेनी चाहिए।

डॉ. नवनीत सहगल ने ओडीओपी कार्यक्रम तहत स्थापित होने वाले 39 सीएफसी की समीक्षा

अपर मुख्य सचिव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम डॉ. नवनीत सहगल ने एक जिला-एक उत्पाद (ओ0डी0ओ0पी0) कार्यक्रम तहत संचालित सामान्य सुविधा केन्द्र (सीएफसी) की समीक्षा करते हुए कहा कि जिन जनपदों में सीएफसी भवन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है, वहां तत्काल मशीनों/उपकरणों के टेण्डर प्रक्रिया शुरू कर दी जाय। उन्होंने कहा कि ओडीओपी कार्यक्रम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महत्वाकांक्षी योजना है। इसलिए इसके क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। डॉ. सहगल ने आज लोक भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में वर्चुअल माध्यम से 29 जनपदों में स्थापित हो रहे 39 सीएफसी की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि 15 सीएफसी कार्यान्वयन चरण में हैं, इनमें से सात प्रोजेक्ट में कार्य शुरू हो चुका है, जबकि शेष आठ प्रोजेक्ट टेण्डर/मैप अप्रूवल की अंतिम स्थति में है। इसके अतिरिक्त 07 प्रोजेक्ट के लिए सेंक्शन लेटर जल्द निर्गत कर दिया जायेगा। उन्होंने निर्देश दिए अन्य 06 प्रोजेक्ट को अंतिम निर्णय हेतु एसएलसी की मीटिंग में प्रस्तुत किया जाय। उन्होंने यह भी कहा कि छः प्रोजेक्ट पर सैधांतिक सहमति के लिए प्राप्त हो चुके है। शेष बचे 11 प्रोजेक्ट पर अंतिम अपू्रवल प्राप्त करने की कार्यवाही में तेजी लाई जाय। अगले माह तक सभी 39 सीएफसी का कार्य शुरू हो जाना चाहिए।

अपर मुख्य सचिव ने कहा कि सीएफसी योजना के तहत जनपद सिद्धार्थनगर में 6.96 करोड़ की लागत से राइस प्रोसेस मिल तथा कालानमक चावल के वेयअरहाउस की स्थापना कराई जा रही है। मुरादाबाद में 9.96 करोड़ रुपये की लागत से फिजिकल वेपर डिस्पोसीजन सीएफसी स्थापित होगी। सीतापुर में 2.25 करोड़ रुपये की लागत से डिजाइन एण्ड सैम्पलिंग फैसेलिटी, एक्जीविशन एवं सेलिंग संेटर, टेªडिंग इंस्टीट्यूट तथा कामन प्रोडेक्शन सेंटर की स्थापना होगी। इनके अलावा आगरा में 13.18 करोड़ रुपये से लेदर गुड्स ट्रेनिंग सेंटर तथा प्रोडेक्ट डेवलेपमेंट एवं कामन प्रोडेक्शन संेटर का निर्माण कराया जा रहा है। सम्भल में 9.91 करोड़ रुपये की लागत से बटन प्रोसेसिंग यूनिट, लकड़ी मसाला संयंत्र तथा एन्सेलरी प्लांट की स्थापना होगी। डॉ. सहगल ने कहा कि इसी प्रकार सहारनपुर में 9.90 करोड़ की लागत से केमिकल ट्रीटमेंट प्लांट, वुड सिजोनिंग प्लांट तथा कटिंग मशीन के लिए सीएफसी स्थापित कराई जा रही है। आजमगढ़ में 1.81 करोड़ रुपये से ब्लैक पाटरी के लिए नई तकनीक पर आधारित मशीन स्थापित होगी, अम्बेडकर नगर में 4.50 करोड़ रुपये रॉ-मटेरियल बैंक तथा काॅमन प्रोसेसिंग सेंटर से संबंधित सीएफसी का निर्माण होगा। उन्होंने कहा कि इनके अतिरिक्त उन्नाव में 3.15 करोड़ रुपये, मुरादाबाद में 19.52 करोड़ रुपये की लागत से दो सीएफसी की स्थापना होगी। वाराणसी में 9.74 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित होने वाली सीएफसी में आटोमेटेड स्क्रीन प्रिंटिंग तथा डिजिटल प्रिंटिंग की सुविधा उपलब्ध होगी। इसी प्रकार लखनऊ में 3.88 करोड़ रुपये से तैयार हो रही सीएफसी में रॉ़-मटेरियल बैंक एवं कामन प्रोसेसिंग सेंटर होगा।

अपर मुख्य सचिव ने कहा कि बरेली में 6.82 करोड़ रुपये, भदोही में 8.68 करोड़ रुपये, गाजियाबाद में 14.88 करोड़ रुपये मैनपुरी में 1.00 करोड़ रुपये, मऊ में 6.84 करोड़ रुपये, मिर्जापुर में 7.58 करोड़ रुपये, मुजफ्फरनगर में 5.10 करोड़ रुपये तथा बिजनौर में 9.96 करोड़ रुपये की लागत से ओडीओपी उत्पाद को बढ़ावा देने के लिए सीएफसी की स्थापना कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि यह 22 सीएफसी अंडर इम्पलीमेंटेशन है। इनके अलावा 17 अन्य सीएफसी के स्थापना संबंधी कार्यवाही तीव्र गति से चल रही है। शीघ्र ही इन पर भी कार्य शुरू हो जायेगा।

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डा0 सहगल ने जनपदीय अधिकारियों को निर्देश भी दिये कि सीएफसी स्थापना से जुड़े उद्यमियों की हर सम्भव मदद की जाय। जिन जनपदों में एसपीवी कागजी कार्यवाही पूर्ण करने में विलम्ब कर रही है, उनके साथ बैठकर आवश्यक दस्तावेजों को यथाशीघ्र पूरा कराया जाय। उन्होंने कहा कि यह कम्यूनिटी डेवलेपमेंट का काम है और मुख्यमंत्री जी की प्राथमिकता में शामिल है। इसलिए इस योजना को आगे बढ़ाने में उद्यमियों को पूरी मदद की जाय। समीक्षा के दौरान उन्होंने समस्त 39 जनपदों के सीएफसी स्थापित करने वाली एसपीवी एवं उद्यमियों संवाद भी किया। बैठक में आयुक्त एवं निदेशक गोविन्द राजू एन0एस0, संयुक्त आयुक्त उद्योग सुनील कुमार सहित जनपदीय अधिकारी ने वर्चुअल हिस्सा लिया।

कृषि मंत्री ने कोविड-19 की विषम परिस्थितियों में प्रदेश में कृषि क्षेत्र को गति प्रदान करने हेतु 6288.41 लाख रुपये की स्वीकृतियां जारी की

उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री, सूर्य प्रताप शाही ने कोविड-19 की विषम परिस्थितियों में प्रदेश में कृषि क्षेत्र को गति प्रदान करने के उद्देश्य से आज विभिन्न योजनान्तर्गत 6288.41 लाख की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की। शाही ने बताया कि औपचारिक आदेश निर्गत करने हेतु कृषि अनुभाग को निर्देशित कर दिया गया है। कृषि मंत्री ने बताया कि स्वीकार की गई धनराशि में से नेशनल मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन एण्ड टेक्नोलॉजी एवं सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन (कृषि यंत्रीकरण) के अंतर्गत 4050.05 लाख रुपये, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजनान्तर्गत पर-ड्राप-मोर-क्रॉप योजना हेतु 1682.82 लाख रुपये तथा खेत तालाब योजना हेतु 555.54 लाख रुपये स्वीकृत किये गए हैं।

शाही ने बताया कि कोरोना संक्रमण से स्वस्थ्य होने के उपरांत प्रभार वाले जनपदों में कोरोना मरीजों के इलाज की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कराने एवं गेहूं खरीद तथा किसानों के भुगतान की स्थिति का जायजा लेने के बाद आज लगभग डेढ़ माह उपरांत विधान भवन स्थित अपने कार्यालय में महत्वपूर्ण पत्रावलियों का निस्तारण किया।





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