पूर्वांचल एक्सप्रेस वे से बिहार को होगा बड़ा फायदा, पैसे और समय की होगी बचत

पूर्वांचल एक्सप्रेस वे से बिहार को होगा बड़ा फायदा, पैसे और समय की होगी बचत

एक्सप्रेस वे के उद्घाटन के समय खुद प्रधानमंत्री ने भी इस बात का जिक्र किया कि यह पूर्वांचल एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के साथ-साथ बिहार को भी काफी फायदा पहुंचाने वाला है। बिहार से उत्तर प्रदेश की दूरी भी कम होगी। उत्तर प्रदेश से बिहार में प्रवेश के नए विकल्प पर भी खुलेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पूर्वांचल एक्सप्रेस वे को राष्ट्र को समर्पित किया। उत्तर प्रदेश का यह चौथा एक्सप्रेस वे है जिसकी लंबाई 340 किलोमीटर है। यह एक्सप्रेस वे लखनऊ से होकर गाजीपुर तक जाएगा जो कि सुल्तानपुर, फैजाबाद, अंबेडकरनगर, आजमगढ़, बाराबंकी, अमेठी और मऊ तथा बलिया जिला होते हुए जाएगा। इस एक्सप्रेस-वे के शुरू होने के साथ ही दिल्ली से उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल की दूरी कम होगी और आवाजाही में सहूलियत मिलेगी। पूर्वांचल एक्सप्रेस वे  के शुरू हो जाने से बिहार को भी बड़ा फायदा हो रहा है। दिल्ली से बिहार आने और जाने के लिए एक और रास्ता मिल रहा है जिससे कि समय के साथ-साथ पैसे की भी बचत होगी। 

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लखनऊ से गाजीपुर तक बन रहे पूर्वांचल एक्सप्रेस वे में कुल 6 लेन होंगे। यह एक्सप्रेसवे गाजीपुर के हैदरिया गांव के पास खत्म होगा। यह एक्सप्रेस वे राष्ट्रीय राजमार्ग 31 पर भी खत्म होगा। राजमार्ग 31 उत्तर प्रदेश और बिहार को जोड़ता है। हैदरिया से बिहार के बक्सर जिले की दूरी सिर्फ 18 किलोमीटर है। इसके साथ ही बलिया से बिहार के छपरा की दूरी भी काफी कम है। बक्सर और पटना के बीच फोरलेन सड़क का निर्माण कार्य पहले ही शुरू हो चुका है। 

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एक्सप्रेस वे के उद्घाटन के समय खुद प्रधानमंत्री ने भी इस बात का जिक्र किया कि यह पूर्वांचल एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के साथ-साथ बिहार को भी काफी फायदा पहुंचाने वाला है। बिहार से उत्तर प्रदेश की दूरी भी कम होगी। उत्तर प्रदेश से बिहार में प्रवेश के नए विकल्प पर भी खुलेंगे। अगर दिल्ली से कोई बिहार जाना चाहता है तो पहले यमुना एक्सप्रेसवे, फिर आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे होते हुए लखनऊ पहुंच जाएगा। इसके बाद पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के रास्ते वह बिहार में दाखिल हो सकता है। माना जा रहा है कि दिल्ली से पटना की दूरी तकरीबन 1000 किलोमीटर रह जाएगी। पहले यह दूरी तय करने में लगभग 20 घंटे लगता था। लेकिन एक्सप्रेसवे के पूरा हो जाने के बाद 10 से 12 घंटे में से पूरा कर लिया जा सकता है। 





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