West Bengal: चुनाव बाद हिंसा को लेकर राज्यपाल से मिला भाजपा प्रतिनिधिमंडल, पीड़ित परिवार के लोग भी रहे मौजूद

West Bengal: चुनाव बाद हिंसा को लेकर राज्यपाल से मिला भाजपा प्रतिनिधिमंडल, पीड़ित परिवार के लोग भी रहे मौजूद
ANI

भाजपा के प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष सुकांता मजूमदार, सांसद सौमित्र खान, नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी, प्रियंका टिबरेवाल और अग्निमित्र पॉल शामिल रही। भाजपा प्रतिनिधिमंडल के साथ पीड़ित परिवार के सदस्य भी मौजूद रहे। पीड़ित परिवार के सदस्यों ने राज्यपाल को अपनी दुखड़ा सुनाई।

पश्चिम बंगाल में लगातार भाजपा राजनीतिक हिंसा का आरोप लगा दे रही है। इन सब के बीच पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव के बाद वहां जबरदस्त राजनीतिक तनाव देखने को मिला जिसमें दो पक्षों में कई जगह हिंसा की खबर भी आई। आज इसी को लेकर भारतीय जनता पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनकड़ से मुलाकात की। भाजपा के प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष सुकांता मजूमदार, सांसद सौमित्र खान, नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी, प्रियंका टिबरेवाल और अग्निमित्र पॉल शामिल रही। भाजपा प्रतिनिधिमंडल के साथ पीड़ित परिवार के सदस्य भी मौजूद रहे। पीड़ित परिवार के सदस्यों ने राज्यपाल को अपनी दुखड़ा सुनाई।

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पश्चिम बंगाल हिंसा में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को इंसाफ मिलने में देरी को लेकर राज्यपाल ने रोष भी व्यक्त किया। राज्यपाल ने मामले को गंभीरता से देखने का आश्वासन भी दिया। साथ ही साथ पीड़ित परिजनों के साथ पूरी हमदर्दी दिखाई। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान में बहुत ताकत है और इन्हें न्याय जरूर मिलेगा। उन्होंने कहा कि मैं इस बारे में ममता बनर्जी से बात करूंगा और उनसे इस मामले में दखल की गुजारिश भी करूंगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन बिना किसी भेदभाव के सभी को उचित सुविधा उपलब्ध कराएगा। इसके बाद भाजपा नेताओं ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। 

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भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा कि एक साल बाद भी, दोषियों को दंडित नहीं किया गया है और प्रभावितों को पश्चिम बंगाल सरकार से कोई मदद नहीं मिली है ... अगर उन्हें मुआवजा नहीं मिलता है, तो ममता बनर्जी को स्वीकार करना चाहिए कि वह पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री नहीं बल्की टीएमसी की सीएम हैं। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि रामपुरहाट हिंसा मामले में मिला समान मुआवजा चुनाव के बाद हुई हिंसा के सभी पीड़ितों को दिया जाना चाहिए। पिछले 18 सालों में कुल 204 बीजेपी कार्यकर्ताओं की मौत हुई। वहीं, अग्निमित्र पॉल ने कहा कि सीबीआई जांच कर रही है और केंद्र सरकार ने कुछ लोगों के लिए नौकरी की व्यवस्था की है। लेकिन राज्य सरकार क्या कर रही है? घटना यहीं हुई, क्या यह सीएम की जिम्मेदारी नहीं है? हमें न्याय चाहिए।





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