भाजपा ने राम मंदिर निर्माण के लिए पारित किया था राजनीतिक प्रस्ताव: महेन्द्र नाथ पाण्डेय

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 21, 2018   15:10
भाजपा ने राम मंदिर निर्माण के लिए पारित किया था राजनीतिक प्रस्ताव: महेन्द्र नाथ पाण्डेय

उन्होंने कहा कि भाजपा उस प्रस्ताव पर मजबूती से कायम है। भाजपा के लिए राम मंदिर आस्था और भक्ति का मामला है। भाजपा कानून के तहत राम मंदिर निर्माण की मजबूत पक्षधर है।

लखनऊ। अयोध्या में 25 नवंबर को होने वाली धर्म सभा से पहले भाजपा ने आज दावा किया कि वह देश की एकमात्र राजनीतिक पार्टी है, जिसने राम मंदिर निर्माण के लिए राजनीतिक प्रस्ताव पारित किया और उस पर मजबूती से कायम है। भाजपा की उत्तर प्रदेश ईकाई अध्यक्ष महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने कहा कि भाजपा देश की एकमात्र पार्टी है, जिसने 1989 में अपनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक (पालमपुर, हिमाचल प्रदेश) में राजनीतिक प्रस्ताव पारित कर अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का समर्थन किया था।

उन्होंने कहा कि भाजपा उस प्रस्ताव पर मजबूती से कायम है। भाजपा के लिए राम मंदिर आस्था और भक्ति का मामला है। भाजपा कानून के तहत राम मंदिर निर्माण की मजबूत पक्षधर है। जहां तक धर्मसभा का प्रश्न है, भाजपा साधु संत समाज का सम्मान करती है। इस सवाल पर कि क्या आगामी लोकसभा चुनाव में राम मंदिर मुददा होगा, पाण्डेय ने कहा कि भाजपा राम मंदिर को चुनावी मुद्दा नहीं बनाएगी। राम मंदिर निर्माण आस्था और भक्ति का मामला है।

उन्होंने कहा कि हम चुनाव 'सबका साथ सबका विकास' और 'साफ नीयत सही विकास' के नारे के साथ लडेंगे। पाण्डेय ने कहा कि 2014 में भारत की जनता को पता था कि मोदी को गुजरात में कार्य करने से रोका गया था इसलिए जनता ने तय किया कि गुजरात से ही किसी को देश का नेता बनाया जाए। आज जनता देख सकती है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उनके लिए काम कर रहे हैं लेकिन निहित स्वार्थी तत्व और भ्रष्टाचारी लोग उन्हें (मोदी) रोक रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा 2014 के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन करेगी।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।