छठ पर रोक के खिलाफ केजरीवाल के आवास के बाहर बीजेपी का प्रदर्शन, पानी की बौछार से घायल मनोज तिवारी अस्पताल में भर्ती

छठ पर रोक के खिलाफ केजरीवाल के आवास के बाहर बीजेपी का प्रदर्शन, पानी की बौछार से घायल मनोज तिवारी अस्पताल में भर्ती

छठ पूजा पर दिल्ली सरकार के रोक के बाद सीएम के आवास के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे थे। प्रदर्शन के दौरान मनोज तिवारी बैरिकेड पर चढ़ गए और लांघने की कोशिश करने लगे। तभी पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछार की। मनोज तिवारी इसकी चपेट में आ गए।

दिल्ली में बीजेपी सांसद मनोज तिवारी घायल हो गए हैं। मनोज तिवारी अरविंद केजरीवाल के घर के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे। छठ पूजा पर रोक का विरोध करने के लिए मनोज तिवारी सीएम आवास के बाहर पहुंचे थे। इस दौरान वो घायल हो गए। छठ पूजा पर दिल्ली सरकार द्वारा रोक लगाए जाने के बाद बीजेपी के नेता बड़ी तादाद में सीएम के आवास के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे थे। इस प्रदर्शन में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता भी उनके साथ थे।

पुलिस ने की पानी की बौछार

प्रदर्शन के दौरान मनोज तिवारी बैरिकेड पर चढ़ गए और लांघने की कोशिश करने लगे। तभी पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछार की। मनोज तिवारी इसकी चपेट में आ गए। वह बैरिकेड से गिरकर बेसुध हो गए। इस दौरान उन्‍हें चोट आ गई। इसके बाद उन्‍हें तुरंत सफदरजंग अस्‍पताल के इमर्जेंसी विंग में भर्ती कराया गया।

इसे भी पढ़ें: भाजपा ने दिल्ली सरकार से छठ पूजा के आयोजन पर लगा प्रतिबंध हटाने की मांग की

गौरतलब है कि दिल्ली में बिना किसी परहेज़ के शराब के ठेके तक खोल दिए गए हैं लेकिन छठ की पूजा जो नवंबर में है उसको रोकने का निर्णय 1.5 महीना पहले ही ले लिया गया।  दिल्ली सरकार ने रामलीला के आयोजन का फैसला लिया है। लेकिन वहीं सार्वजनिक स्थानों और नदी के किनारे छठ का त्योहार मनाने पर रोक लगा दी गई है। यह घोषणा दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की तरफ से की गई है। जिस पर मनोज तिवारी ने कहा था कि छठ पूजा पर जो रोक लगाई गई है उसके खिलाफ वो आंदोलन करेंगे और उसी के तहत आज सीएम हाउस के बाहर ये प्रदर्शन का कार्यक्रम था।  





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।