भाजपा और RSS नेताओं ने देव से की मुलाकात, विवादित टिप्पणी के संबंध में हुई चर्चा

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 19, 2021   10:19
भाजपा और RSS नेताओं ने देव से की मुलाकात, विवादित टिप्पणी के संबंध में हुई चर्चा

भाजपा के एक सूत्र ने बताया कि वरिष्ठ नेताओं ने विवादित टिप्पणी के संबंध में देव के साथ चर्चा की। बैठक के दौरान सांगठनिक मुद्दों पर भी चर्चा की गयी।

अगरतला। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देव के ‘‘नेपाल और श्रीलंका तक भाजपा का विस्तार करने’’ संबंधी बयान पर विवाद के बीच क्षेत्र में भाजपा और आरएसएस के वरिष्ठ नेताओं ने बृहस्पतिवार को उनसे मुलाकात की। भाजपा नेता अजय जमवाल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के क्षेत्रीय प्रभारी उल्लास कुलकर्णी और प्रदेश प्रभारी निखिल निवासकर ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। भाजपा के एक सूत्र ने बताया कि वरिष्ठ नेताओं ने विवादित टिप्पणी के संबंध में देव के साथ चर्चा की। बैठक के दौरान सांगठनिक मुद्दों पर भी चर्चा की गयी। 

इसे भी पढ़ें: श्रीलंका और नेपाल में बीजेपी की सरकार बनाने का क्या है अमित शाह का प्लान, त्रिपुरा CM ने किया खुलासा 

देव ने ट्वीट किया, ‘‘भाजपा के क्षेत्रीय महासचिव, अजय जमवाल जी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उल्लास जी और प्रांत प्रचारक श्री निखिल जी से भेंट हुई।’’ वहीं, राज्य के कानून मंत्री रतन लाल नाथ ने दावा किया कि भाजपा दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी है और श्रीलंका तथा अमेरिका समेत कई देशों के लोग इसकी विचारधारा को अपनाना चाहते हैं। नाथ ने एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘हमारे मुख्यमंत्री यह कहना चाहते थे कि भाजपा की विचारधारा का विश्व में प्रसार होगा और लोग इससे प्रभावित होंगे। लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि भाजपा वहां अपना विस्तार करेगी। उनके बयान की गलत व्याख्या की गयी।’’ 

इसे भी पढ़ें: त्रिपुरा के सीएम बिप्लब कुमार देब ने कहा- सुशासन के लिए अच्छी पत्रकारिता की आवश्यकता 

उन्होंने कहा कि हमें लगता है कि समूचा विश्व भाजपा के विचार को अपनाएगा। श्रीलंका में जो लोग हैं वे अब भाजपा के विचार को स्वीकार करने की सोच रहे हैं। अमेरिका भी इसे अपनाने की सोच रहा है। समूचा विश्व इस तर्ज पर सोच रहा है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।