राम मंदिर पर भाजपा का आंदोलन निरर्थक, अध्यादेश लाना जरूरी: शंकराचार्य

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 27, 2018   17:40
राम मंदिर पर  भाजपा का आंदोलन निरर्थक, अध्यादेश लाना जरूरी: शंकराचार्य

शंकराचार्य ने यहां सोमवार को कहा, ‘‘अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए अब रास्ता यह है कि या तो शीर्ष अदालत में लंबित कार्यवाही शीघ्र गति से आगे बढे या अध्यादेश लाया जाए।’

 मथुरा। शंकराचार्य अधोक्षजानंद ने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए भाजपा और अन्य संगठनों के आंदोलन को ‘‘निरर्थक कोशिश’’ करार देते हुए इसके लिए अध्यादेश लाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मुस्लिम विरोधी माहौल ‘‘पैदा करने’’ या उच्चतम न्यायालय के अधिकारों को चुनौती देने का प्रयास नहीं होना चाहिए। शंकराचार्य ने यहां सोमवार को कहा, ‘‘अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए अब रास्ता यह है कि या तो शीर्ष अदालत में लंबित कार्यवाही शीघ्र गति से आगे बढे या अध्यादेश लाया जाए।’’

यह भी पढ़ें: राममंदिर निर्माण के लिए कानून के समर्थन में VHP करेगी सभाएं आयोजित

उन्होंने कहा कि शीर्ष अदालत राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि मालिकाना हक विवाद की सुनवाई रोजाना नहीं कर रही है और इसलिए एकमात्र रास्ता अध्यादेश लाना है। शंकराचार्य ने दावा किया कि जनता ने 2014 के लोकसभा चुनाव में पार्टी तथा इससे जुड़े संगठनों के बयानों के आधार तथा विश्वास पर भाजपा को बड़ा जनादेश दिया था।

यह भी पढ़ें: भाजपा चाहती है कि राम जन्मभूमि पर जल्द भव्य मंदिर बने: अमित शाह

उन्होंने कहा कि भाजपा और इससे जुड़े संगठनों को अयोध्या को आंदोलन का केन्द्र बनाने तथा माहौल खराब करने से दूर रहना चाहिए। बल्कि उन्हें अपनी ऊर्जा प्रधानमंत्री आवास में लगानी चाहिए। मंदिर को लेकर उनके बयान और आंदोलन निरर्थक प्रयास हैं। उन्होंने कहा कि अध्यादेश के लिए आरएसएस, भाजपा, विहिप और अन्य को अध्यादेश लाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दबाव बनाना चाहिए।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।