सतना में जुड़वां भाईयों का अपहरण और हत्या मामले में भाजपा ने किया प्रदर्शन

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 25, 2019   19:35
सतना में जुड़वां भाईयों का अपहरण और हत्या मामले में भाजपा ने किया प्रदर्शन

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस जांच में इस मामले में लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिये क्योंकि बच्चे 12 दिन तक अपहर्ताओं के कब्जे में थे तथा उनकी जान बचाई जा सकती थी।

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी ने चित्रकूट में छह वर्षीय दो जुड़वां भाईयों की अपहरण के बाद हत्या की घटना की जांच में लापरवाही बरतने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर सोमवार को सतना सहित प्रदेश के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन किया। सतना के सिविल लाइंस इलाके में भाजपा कार्यकर्ताओं के मौन विरोध मार्च का नेतृत्व पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया। चौहान ने मार्च के बाद संवाददाताओं से कहा कि प्रदेश सरकार को भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिये कदम उठाने चाहिये। उन्होंने कहा कि स्कूल और कॉलेजों में सुरक्षा बन्दोबस्त कड़े किये जाने चाहिये तथा अपहरण और हत्या की इस वारदात के आरोपियों की फास्ट ट्रैक अदालत में सुनवाई कर शीघ्र ही कड़ी सजा दिलाई जानी चाहिये। 

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस जांच में इस मामले में लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिये क्योंकि बच्चे 12 दिन तक अपहर्ताओं के कब्जे में थे तथा उनकी जान बचाई जा सकती थी। इससे पहले चौहान ने बीती रात बच्चों के पिता ब्रजेश रावत से मुलाकात करके उन्हें सांत्वना दी।प्रदेश कांग्रेस ने कहा कि इस मामले में राजनीति नहीं की जाना चाहिये।प्रदेश कांग्रेस के मीडिया सेल के समन्वयक नरेन्द्र सलूजा ने कहा, ‘‘सतना जिले में बच्चों के अपहरण और हत्या की घटना बेहद दुखद है। यह राजनीति करने का मुद्दा नहीं है। लेकिन विपक्ष को आईना देखने की जरुरत है। हाल ही में मंदसौर, रतलाम, बड़व़ानी और इसी प्रकार सतना जिले की इस वारदात में भी भाजपा से जुड़े लोगों की संलिप्तता सामने आ रही है।’’

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गौरतलब है कि धार्मिक नगरी चित्रकूट के प्रसिद्ध सदगुरु पब्लिक स्कूल में यू.के.जी में पढ़ने वाले दो जुड़वां भाइयों का अपहरण मोटरसाइकिल सवार दो लोगों ने 12 फरवरी को उस वक्त स्कूल परिसर से ही कर लिया था, जब वे स्कूल की छुट्टी होने के बाद अपने घर वापस आने के लिए अन्य बच्चों के साथ स्कूल बस में बैठे हुए थे। अपहर्ताओं ने दोनों भाइयों प्रियांश और श्रेयांश की बाद में हत्या कर उनके शव यमुना नदी में फेंक दिये। पुलिस ने बच्चों के अपहरण और हत्या के आरोप में रविवार को पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया।





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