अयोध्या में पहली बार एक मंच पर साथ आए ब्राह्मण सनातन धर्म से जुड़े लोग

अयोध्या में पहली बार एक मंच पर साथ आए ब्राह्मण सनातन धर्म से जुड़े लोग

अयोध्या में आयोजित सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कहा राम हमारे हैं सभी को अब कहने की आवश्यकता पड़ी

अयोध्या। राम नगरी अयोध्या के रामकथा पार्क में ब्रह्म सागर सनातन धर्म, विशेष रुप से ब्राह्मणों की एकता व उत्थान के लिए शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि सरकार, राजनीति और समाज को दिशा देने का कार्य ब्राह्मणों का है। शंकराचार्य ने ब्राह्मणों से संगठित होकर सनातन धर्म को समृद्ध करने का आवाहन किया। उन्होंने कहा कि आज की राजनीति के मायने बदल चुके हैं और ब्राह्मणों को समाज और राजनीति में शुचिता लाने के हर संभव प्रयास करने होंगे. उन्हें अपने आप को पहचानना होगा और खुद की प्रासंगिकता बतानी होगी। 

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अयोध्या धाम पहुंचे जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद ने राम मंदिर के फैसले पर कहा हमारी नजर में राजनीतिक दल सफल नहीं हुए। रामलला पर हो रही राजनीति ही राज धर्म है।दंड नीति है।अर्थनीति है। धर्म की सीमा के बाहर राजनीति ही नहीं है।अधर्म सत्ता लोलुपता अदूरदर्शिता राजनीति का पर्याय बन गई है।नेताओं में राजनीति का कोई लक्षण नहीं है।आजकल के राजनीति में राजनेताओं में चरितार्थ नहीं है। अपवाद की दृष्टि से एक दो नेता हो सकते हैं। सभी पार्टियों के अयोध्या आने पर बोले स्वामी निश्चलानंद।वही कहा राम हमारे हैं सभी को अब कहने की आवश्यकता पड़ रही है।हम ब्राह्मण क्षत्रिय वैश्य सभी को सनातन वैदिक आर्य सिद्धांत पर सभी को जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।इसी प्रयास से काम कर रहे हैं ताकि सारा विश्व इससे प्रभावित हो सके।कम से कम सभी इस तथ्य को माने कि सभी के पूर्वज सनातन है।





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