चुनाव आते ही BSP में एक जाति विशेष के लिए बढ़ा लगाव: डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा

चुनाव आते ही BSP में एक जाति विशेष के लिए बढ़ा लगाव: डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा

अयोध्या दौरे पर पहुंचे उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने हनुमानगढ़ी और कनक भवन मंदिर में पूजन किया। डिप्टी सीएम डॉक्टर दिनेश शर्मा ने मीडिया से रूबरू होते हुए बहुजन समाज पार्टी के द्वारा किए जा रहे नंबर सम्मेलन पर कटाक्ष किया।

अयोध्या। बहुजन समाज पार्टी द्वारा प्रदेश में शुरू हुए ब्राह्मण सम्मेलन पर उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने पलटवार करते हुए चुनावी जुमला होने का आरोप लगाया है तो वहीं कहा कि जो कभी राम के नाम से घबराहट होती थी वह अब नकली वेशधारी भी राम के नाम लेने लगे हैं। अयोध्या दौरे पर पहुंचे उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने हनुमानगढ़ी और कनक भवन मंदिर में पूजन किया। डिप्टी सीएम डॉक्टर दिनेश शर्मा ने मीडिया से रूबरू होते हुए बहुजन समाज पार्टी के द्वारा किए जा रहे नंबर सम्मेलन पर कटाक्ष किया और कहा कि जो लोग कभी इन लोगों को हनुमानगढ़ी व श्री रामलला के दरबार में दर्शन करते कभी देखा है नहीं देखा होगा।इसका कारण है कि इनको लगता था कि वह कहीं अगर गए तो सप्रदायिकता का उन पर कोई आरोप ना लग जाए और इसी भय से राम जी का नाम लेने से भी डरा करते थे, लेकिन राम जी की महिमा देखकर जो लोग कोई भी हिमाकत नहीं कर सकते है कि बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक के बीच मतभेद पैदा करने राम मंदिर निर्माण में बाधा डालने वाले तत्व थे। आज उनको राम भक्तों की शक्ति का एहसास हो गया है इसलिए अब उसे कोई नजर अंदाज नहीं कर सकते आज हर व्यक्ति नाम क्यों ले रहे हैं जो विपक्ष के लोग हमेशा कहा करते थे कि राम लला हम आएंगे मंदिर वहीं बनाएंगे तारीख नहीं बताएंगे यह आरोप हम पर लगा करते थे। और आज सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद वह तारीख भी पीएम नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ ने बता दी है। और मंदिर का निर्माण भी शुरू हो गया है अयोध्या आज विश्व स्तरीय एक भव्य नगरी के रूप में विकसित हो।

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इसकी परिकल्पना को भी हमारी सरकार ने शुरू कर दी है घबराहट है विपक्ष में इसलिए अब विपक्ष अब क्षदम वेशधारी उपक्रम के माध्यम से जो भक्ति भाव में आना चाहते हैं उनका स्वागत है किसी को रोक नहीं सकते हैं और हर पार्टी को अपने प्रचार करने और नीति तय करने का अधिकार है। लेकिन हम कह सकते हैं कि यह जो उनका मानक है राम के प्रति भक्ति का भाव और किसी एक जाति के प्रति लगाव अचानक चुनाव आते ही जग जाता है और चुनाव के बाद फिर चला जाता है वह जागा रहे तो ज्यादा अच्छा है।





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