मध्य प्रदेश में एक बार फिर मंत्रिमंडल विस्तार टला

मध्य प्रदेश में एक बार फिर मंत्रिमंडल विस्तार टला

शनिवार शाम से लेकर मंगवार शाम तक बस मंत्रिमंडल बिस्तार की चर्चाएँ ही गरम रही। दिल्ली पहुँचे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जहाँ राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, गृहमंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात कर प्रदेश की स्थिति से उन्हें अवगत करवाया। वही मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर उनसे चर्चा भी की। इस दौरान वह राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया से भी मिले।

भोपाल। मध्य प्रदेश में शिवराज सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार एक बार फिर टल गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगवार शाम को मंत्रिमंडल विस्तार को लगाए जा रहे कयासो पर विराम लगाते हुए कहा है मंत्रिमंडल विस्तार तो होगा लेकिन अभी नहीं। वही 24 जून को मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल विस्तार की बात कही थी और आखिरी फैसला केन्द्रीय नेतृत्व पर छोड़ दिया था। वही शनिवार शाम से लेकर मंगवार शाम तक बस मंत्रिमंडल बिस्तार की चर्चाएँ ही गरम रही। दिल्ली पहुँचे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जहाँ राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, गृहमंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात कर प्रदेश की स्थिति से उन्हें अवगत करवाया। वही मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर उनसे चर्चा भी की। इस दौरान वह राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया से भी मिले। 

 

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 वही दूसरी ओर मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर जारी चर्चाओं के बीच मध्य प्रदेश में प्रभारी राज्यपाल की नियुक्ति भी राष्ट्रपति भवन से कर दी गई। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को प्रभारी राज्यापल के तौर पर मध्य प्रदेश भेजा गया है। लेकिन आदेश जारी होने के बाद भी राज्यपाल आनंदीबेन पटेल मंगलवार शाम तक भोपाल नहीं पहुँची थी। मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन का स्वास्थ्य खराब होने के चलते उन्हें लखनऊ स्थिति एक निजि अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। जहाँ उनका इलाज चल रहा है, बताया जा रहा है कि उनकी स्थिति भी गंभीर बनी हुई है। 

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मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर बीजेपी संगठन भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहा है। भाजपा अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा और प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ दिल्ली गए थे। वही दिल्ली से लौटने के बाद मंगलवार को एक बार फिर प्रदेश भाजपा कार्यालय में इन तीनों नेताओं की बैठक हुई और मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चा हुई। जिसके बाद प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि भाजपा अपने संगठन तंत्र के आधार पर काम करती है। हमारा नेतृत्व इसका निर्णय जल्द ही करेगा। उन्होनें कहा कि प्रक्रिया में समय लगता है जैसे ही प्रक्रिया पूरी हो जाएगी मंत्रिमंडल विस्तार होगा। वही सूत्रों की मानें तो मंत्रिमंडल विस्तार 20 से 24 जुलाई  तक होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र के बाद ही होने के आसार लग रहे है। 

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बहरहाल प्रदेश बीजेपी में सरकार और संगठन में अंदरूनी उठापटक के बीच मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अभी सामंजस्य नहीं बैठ पा रहा है। राजनीतिक गलियारों में चल रही चर्चाओं के आधार पर सिंधिया समर्थकों और बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह देने और नए चेहरों को लेकर सहमति अभी नहीं बन सकी है। जिसको लेकर पार्टी में माथापच्ची जारी है। वही अगर दो या तीन दिन में मंत्रिमंडल विस्तार नहीं होता तो यह विधानसभा सत्र के बाद होने का अनुमान लगाया जा रहा है। इसके पीछे पार्टी के अंदर मची घमासान सबसे बड़ी वजह बताई जा रही है।  





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