• केरल में एक ही पैटर्न में नाबालिग बच्चियों की रेप के बाद हत्या के मामले, सत्तारूढ़ पार्टी के नेताओं पर आरोप भी लगे

अभिनय आकाश Jul 10, 2021 18:34

केरल में बच्चियों के साथ दुष्टकर्म के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। हालिया मामले में आरोप सत्तारूढ़ पार्टी के युवा शाखा के नेता पर लगे हैं। यह कठूवा या हाथरस रेप केस जैसा नहीं है बल्कि उससे 100 गुना ज्यादा बर्बर है क्योंकि इसे योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया।

केरल के इडुक्की जिले में इसी हफ्ते दिल को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। जहां 3 साल की बच्ची से छेड़छाड़, 3 साल तक लगातार रेप और फांसी पर लटकाने के आरोप भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की युवा शाखा के नेता पर लगे। यह कठूवा या हाथरस रेप केस जैसा नहीं है बल्कि उससे 100 गुना ज्यादा बर्बर है क्योंकि इसे योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया। बच्ची के साथ 3 साल तक रेप किया गया और बेरहमी से उसकी हत्या कर दी गई। जिससे साफ पता चलता है कि वारदात को पूरी तरह से योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया है। इस तरह की विभित्स घटना होने के बावजूद इस खबर की कवरेज बेहद ही सीमित मात्रा में हुई या फिर कहे कि इसे कवरेज मिली ही नहीं। जिसके पीछे की वजह है कि इसमें कथाकथित पत्रकारों, बुद्धिजीवियों को धर्म का वो एंगल नहीं मिला जिससे उन्हें इसे प्रचारित करने में कुछ मसाला मिल सके और इंटॉलरेंट टाइप के शब्दों के साथ सोशल मीडिया पर कैंपेन चलाने का मौका दे। वहीं लेफ्ट विंग के युवा लीडर का नाम इस घटना में आने की बात को भी दबाने की भरपूर कोशिश की गई। बता दें कि इस वक्त केरल में वाम मोर्चे की ही सरकार है। 

इसे भी पढ़ें: केरल और महाराष्ट्र में कोरोना वायररस के बढ़े केस, 24 घंटे में दोनों राज्यों में 21,000 से ज्यादा नये केस

हाईकोर्ट ने सीबीआई को दिया दो बहनों की मौत के मामले की जांच का निर्देश

केरल उच्च न्यायालय ने सीबीआई को साल 2017 में वलायार में कथित रूप से यौन उत्पीड़न के बाद अपनी झोपड़ी में मृत पाई गईं दो बहनों की मौत के मामले की जांच अपने हाथ में लेने का निर्देश दिया। इस मामले में 13 साल की बड़ी लड़की का शव 13 मार्च 2017 को जबकि उसकी नौ वर्षीय छोटी बहन का शव चार मार्च को झोपड़ी में फंदे से लटका हुआ मिला था। इस मामले में भी सत्तारूढ़ दल माकपा कार्यकर्ता के शामिल होने की बात सामने आई। विडंबना यह है कि सरकार द्वारा नियुक्त जिला बाल अधिकार आयोग पॉक्सो मामले में अधिवक्ता के रूप में न्यायालय में आरोपियों के पक्ष में पेश हुआ। इसके साथ ही आरोपी के पक्ष में केस को डायवर्ट करने के आरोप जिस एसपी पर लगे उसका भी प्रमोशन हो गया। दोनों बच्चियों की मां ने विरोध जताने के लिए केरल के सीएम पिनाराई विजयन के खिलाफ चुनाव भी लड़ा।

इसे भी पढ़ें: केरल में फिर बढ़ने लगे कोरोना के केस, केंद्र ने 8 राज्यों को किया सतर्क

महिला कार्यकर्ता के साथ दुष्कर्म के आरोप में माकपा कार्यकर्ता गिरफ्तार

केरल के कोझीकोड जिले के वडकारा में 28 जून को भारतीय सीपीआई (एम) के दो कार्यकर्ताओं को एक महिला पार्टी कार्यकर्ता से बलात्कार के मामले में गिरफ्तार किया है। महिला ने कहा कि उस पर मामले को रफा-दफा करने का जबरदस्त दबाव था और उसे झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी गई थी।  उसने अपनी शिकायत में कहा कि तीन महीने पहले बाबूराज एक चुनावी मुद्दे पर चर्चा करने की आड़ में उसके घर आया और उसने उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता ने बताया कि उन्होंने कई बार उसके साथ बलात्कार किया और धमकी दी कि अगर उसने बात नहीं मानी तो वह उसके पति को बता देगा। जिसके बाद महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज करायी।