केंद्र ने महाराष्ट्र व बंगाल की झांकियों के लिए स्वकृति नहीं दी: सुप्रिया सुले

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 2, 2020   18:48
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केंद्र ने महाराष्ट्र व बंगाल की झांकियों के लिए स्वकृति नहीं दी: सुप्रिया सुले

बारामती से सांसद सुले ने एक समाचार रिपोर्ट भी साझा की जिसमें दावा किया गया है कि रक्षा मंत्रालय ने गणतंत्र दिवस परेड (26 जनवरी) के लिए पश्चिम बंगाल की झांकी को अस्वीकार कर दिया है।

मुंबई। राकांपा सांसद सुप्रिया सुले ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि केंद्र ने गणतंत्र दिवस परेड के लिए गैर-भाजपा शासित महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल की झांकियों को अनुमति देने से इनकार कर दिया है। उन्होंने केंद्र सरकार पर पूर्वाग्रह से ग्रस्त होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों ने स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और उनकी झांकियों को अनुमति नहीं देना लोगों का ‘अपमान’ जैसा है।

सुले ने ट्वीट किया, “केंद्र ने गणतंत्र दिवस पर परेड के लिए महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल की झांकियों को अनुमति नहीं दी है। यह देश का त्योहार है और केंद्र से सभी राज्यों को प्रतिनिधित्व देने की उम्मीद है। लेकिन सरकार पक्षपातपूर्ण तरीके से व्यवहार कर रही है और विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्यों से सौतेला व्यवहार कर रही है।’’ बारामती से सांसद सुले ने एक समाचार रिपोर्ट भी साझा की जिसमें दावा किया गया है कि रक्षा मंत्रालय ने गणतंत्र दिवस परेड (26 जनवरी) के लिए पश्चिम बंगाल की झांकी को अस्वीकार कर दिया है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


मायावती आरपीआई में शामिल हों तो उन्‍हें अध्‍यक्ष बनाकर खुद उपाध्‍यक्ष बन जाऊंगा: रामदास आठवले

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 27, 2021   14:44
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मायावती आरपीआई में शामिल हों तो उन्‍हें अध्‍यक्ष बनाकर खुद उपाध्‍यक्ष बन जाऊंगा: रामदास आठवले

किसान आंदोलन के बारे में पूछे जाने पर आठवले ने कहा हमारी सरकार किसानों के खिलाफ नहीं है बल्कि किसानों को समर्थन देने वाली सरकार है लेकिन एक भी कानून वापस लिया जाएगा तो संसद में हर कानून को वापस लेने का दबाव बढ़ेगा।

लखनऊ। रिपब्लिकन पार्टी आफ इंडिया (आरपीआई)के अध्‍यक्ष और केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने शनिवार को कहा कि अगर बहुजन समाज पार्टी की अध्‍यक्ष मायावती उनकी पार्टी में शामिल हो जाएं तो वह अपनी पार्टी के अध्‍यक्ष का पद मायावती को दे देंगे और खुद उपाध्‍यक्ष बन जाएंगे। शनिवार को यहां दौरे पर आये रामदास आठवले ने अति विशिष्‍ट अतिथि गृह में संवाददाताओं से कहा भीम आर्मी के संस्‍थापक चंद्रशेखर आजाद अगर मेरी पार्टी में आएं तो मैं उन्हें महत्‍वपूर्ण पद दूंगा और अगर मायावती आरपीआई में आ जाएं तो उन्‍हें अध्‍यक्ष का पद देकर खुद उपाध्‍यक्ष बन जाऊंगा, क्‍योंकि यह बाबा साहेब (डाक्‍टर भीम राव आंबेडकर) की पार्टी है। संवाददाताओं ने भीम आर्मी के संस्‍थापक चंद्रशेखर आजाद के साथ तालमेल को लेकर आठवले से सवाल पूछा था। इस पर उन्होंने आजाद के साथ ही मायावती को भी पार्टी में शामिल होने का न्योता दिया। 

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आठवले ने कहा उत्‍तर प्रदेश में लोगों की बसपा से नाराज़गी बढ़ रही है और लोग आरपीआई की तरफ आ रहे हैं। अगर भाजपा यहां हमारी पार्टी के लिए आठ-दस सीटें छोड़ दे तो आरपीआई बसपा को झटका दे सकती है। उन्‍होंने कहा कि उत्‍तर प्रदेश में 2022 के विधानसभा चुनाव के लिए हम भाजपा के साथ समझौता करना चाहते हैं और आज शाम को इस बारे में मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ से हमारी बातचीत होगी। इसके बाद भाजपा अध्‍यक्ष जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी बातचीत होगी। यह पूछे जाने पर कि पांच वर्ष से आप बातचीत कर रहे हैं लेकिन भाजपा आपको एक भी सीट नहीं दे रही है,केंद्रीय मंत्री ने कहा अभी हमारा संगठन बहुत मजबूत नहीं है लेकिन अब जिलों में भी ह‍म संगठन को मजबूत कर रहे हैं। उन्‍होंने मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यों की सराहना की। आरपीआई अध्‍यक्ष ने कहा कि देश के पांच राज्‍यों में होने वाले विधानसभा चुनाव हम भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ मिलकर लड़ना चाहते हैं और अगर भाजपा नेसमझौते में सीटें नहीं दी तो भी कुछ सीटों पर अपने उम्‍मीदवार उतारेंगे और बाकी जगह भाजपा का समर्थन करेंगे। 

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उन्‍होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में 36 प्रतिशत दलित हैं और अगर आरपीआई भाजपा के साथ रहेगी तो उसका फायदा मिलेगा। पश्चिम बंगाल में भाजपा को दो सौ से अधिक सीटें मिलने का दावा करते हुए आठवले ने कहा कि वहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्‍व में भाजपा को बड़ी सफलता मिलने जा रही है। केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि चार राज्‍यों में राजग की सरकार आएगी और केरल में भी सफलता मिल सकती है क्‍योंकि वहां के लोग भी भाजपा को सत्‍ता सौंपने का मन बना रहे हैं। किसान आंदोलन के बारे में पूछे जाने पर आठवले ने कहा हमारी सरकार किसानों के खिलाफ नहीं है बल्कि किसानों को समर्थन देने वाली सरकार है लेकिन एक भी कानून वापस लिया जाएगा तो संसद में हर कानून को वापस लेने का दबाव बढ़ेगा। उन्‍होंने कहा कि कृषि कानूनों में संशोधन के लिए सरकार तैयार है।





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ममता के कुशासन के खिलाफ खड़ी हो गई बंगाल की जनता, भाजपा शानदार जीत हासिल करेगी: शिवराज सिंह चौहान

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 27, 2021   14:41
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ममता के कुशासन के खिलाफ खड़ी हो गई बंगाल की जनता, भाजपा शानदार जीत हासिल करेगी: शिवराज सिंह चौहान

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा, ‘‘ मैं आज रात कोलकाता पहुंचूंगा और कल वहां परिवर्तन रैली में हिस्सा लूंगा। मैं वहां तीन सार्वजनिक सभाओं को भी संबोधित करुंगा।’’

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा ‘‘शानदार’’ जीत हासिल करेगी और सत्ता में आयेगी क्योंकि वहां के लोग अब ममता बनर्जी के ‘‘कुशासन’’ के खिलाफ खड़े हो रहे हैं। चौहान ने यह भी कहा कि वह रविवार को पश्चिम बंगाल में होने वाली परिवर्तन यात्रा में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री चौहान ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘ मैं आज रात कोलकाता पहुंचूंगा और कल वहां परिवर्तन रैली में हिस्सा लूंगा। मैं वहां तीन सार्वजनिक सभाओं को भी संबोधित करुंगा।’’ 

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गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने 27 मार्च से 29 अप्रैल तक पश्चिम बंगाल में आठ चरणों में मतदान कराने की घोषणा की है। उन्होंने कहा, ‘‘ पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है, वहां भाजपा की लहर चल रही है, इससे ममता दीदी भयभीत और उग्र हैं।’’ चौहान ने कहा, ‘‘इसलिये परिवर्तन रैलियों पर हमले किये जा रहे हैं और भाजपा के कार्यकर्ता मारे गये हैं। लेकिन उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जायेगा। पश्चिम बंगाल में लोग ममता दीदी के कुशासन के खिलाफ हो गये हैं।’’ उन्होंने कहा कि भाजपा पश्चिम बंगाल में शानदार सफलता हासिल करने जा रही है और चुनाव के बाद वहां भाजपा की सरकार बनेगी।





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असम में महागठबंधन की सरकार बनी तो सोनोवाल एवं हिमंत के खिलाफ आरोपों की जांच होगी: बघेल

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 27, 2021   14:18
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असम में महागठबंधन की सरकार बनी तो सोनोवाल एवं हिमंत के खिलाफ आरोपों की जांच होगी: बघेल

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं राहुल गांधी के करीबी बघेल को अखिल भारतीय कांग्रेस समिति ने आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी की असम इकाई का पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। इस राज्य में मार्च-अप्रैल में विधानसभा चुनाव होंगे।

गुवाहाटी। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि अगर कांग्रेस नीत ‘महागठबंधन’ की सरकार असम में बनती है तो मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल और वित्तमंत्री हिमंत बिस्व सरमा सहित भाजपा सरकार एवं उसके मंत्रियों पर लगे भ्रष्टाचार के सभी आरोपों की जांच कराई जाएगी। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं राहुल गांधी के करीबी बघेल को अखिल भारतीय कांग्रेस समिति ने आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी की असम इकाई का पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। इस राज्य में मार्च-अप्रैल में विधानसभा चुनाव होंगे। बघेल से जब पूछा गया कि क्या महागठबंधन निवर्तमान सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच, सत्ता में आने पर कराएगा? इस पर उन्होंने कहा, ‘‘निश्चित तौर पर आरोपों की जांच कराई जाएगी और संविधान एवं कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।’’ 

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने हालांकि, कहा कि सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सदस्यों के खिलाफ ‘बदले की भावना’ से कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘ गलत हमेशा गलत होता है। भ्रष्टाचार के सभी आरोपों की जांच कराई जाएगी। जब हमारी पार्टी की सरकार आएगी तो संविधान का पालन किया जाएगा। हम संविधान का पालन करेंगे और किसी के खिलाफ व्यक्तिगत द्वेष की भावना से काम नहीं करेंगे। अगर किसी ने गलत किया होगा तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।’’ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने अपने असमी समकक्ष पर आरोप लगाया कि वह लगभग सभी प्रमुख क्षेत्रों जैसे मवेशी, कोयला, मछली, अंडा और सुपारी का सिंडिकेट चलाने में सीधे तौर पर शामिल हैं। बघेल ने आरोप लगाया, ‘‘ सर्वानंद सोनोवाल सिंडिकेट चला रहे हैं। वह मुख्यमंत्री बनने से पहले सिंडिकेट में शामिल थे और सत्ता में आने के बाद भी उसे जारी रखा। वह सीधे तौर पर सिंडिकेट में शामिल है और उनके संरक्षण में यह हो रहा है।’’ 

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अपने पूर्व पार्टी सहकर्मी रहे सरमा को इंगित करते हुए बघेल ने कहा कि भाजपा ने उन पर तमाम भ्रष्टचार के आरोप लगाए थे जब वह तरुण गोगोई सरकार में थे। उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा में शामिल होते ही उनके सभी पाप धुल गए। क्यों पिछले पांच साल से सीबीआई (शारदा चिट फंड घोटाला मामले में)उनकी जांच नहीं करती?’’ बघेल ने दावा करते हुए कहा, ‘‘भाजपा की नीति ‘पहले धमकाओं और फिर पार्टी में शामिल करो’ है। यह वह परिपाटी है जो भाजपा पूरे देश में और सभी के साथ कर रही है। जो भयभीत हो जाते हैं वे उनसे जुड़ जाते हैं और फिर उन्हें संरक्षण मिल जाता है।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि सरमा ने शारदा चिट फंड एवं लुइस बर्जर रिश्वत कांड मामलों में अपने बचाव के लिए कांग्रेस छोड़ी और भाजपा में शामिल हुए। पिछले महीने से चौथी बार असम में कांग्रेस की चुनावी तैयारियों का मुआयना करने आए बघेल भाजपा सरकार के खिलाफ, खासतौर पर सोनोवाल के खिलाफ भ्रष्टाचार के मुद्दे पर मुखर हैं। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस इस बार असम विधानसभा चुनाव में महागठबंधन के साथ उतर रही है जिसमें एआईडीयूएफ, माकपा, भाकपा, आंचलिक गण मोर्चा शामिल हैं।





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