Shillong हिंसा के बाद Meghalaya में CRPF और RAF तैनात, केंद्र ने दी मंजूरी

Central Forces
प्रतिरूप फोटो
AI-Generated

मेघालय की राजधानी शिलांग में खासी स्टूडेंट्स यूनियन की रैली के दौरान हुई हिंसा के बाद केंद्र सरकार ने राज्य में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की चार और द्रुत कार्य बल की एक कंपनी तैनात करने की स्वीकृति दी है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह बल 25 अगस्त तक राज्य पुलिस का सहयोग करेगा। मामले में पुलिस ने तोड़फोड़ और मारपीट के आरोप में संगठन के तीन शीर्ष नेताओं को गिरफ्तार भी किया है।

शिलांग में हिंसक विरोध प्रदर्शनों के दौरान कई लोगों के घायल होने, वाहनों के क्षतिग्रस्त होने और एक सरकारी वाहन को आग के हवाले किए जाने के एक दिन बाद केंद्र ने बृहस्पतिवार को मेघालय में केंद्रीय बलों की पांच कंपनियों की तैनाती को मंजूरी दे दी। गृह विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य पुलिस को कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद करने के लिए 25 अगस्त तक केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की चार कंपनियों और द्रुत कार्य बल (आरएएफ) की एक कंपनी की तैनाती को मंजूरी दी है। अधिकारी ने बताया कि राज्य के गृह विभाग ने राजधानी में कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति का हवाला देते हुए केंद्र सरकार से संपर्क किया था, जिसके बाद यह कदम उठाया गया।

इसे भी पढ़ें: Delhi Student Protests: हिंसा और पुलिस ज्यादती की जांच करेगा SC का पैनल, जस्टिस आर सुभाष रेड्डी संभालेंगे कमान

‘खासी स्टूडेंट्स यूनियन’ (केएसयू) द्वारा बुधवार को आयोजित एक रैली के दौरान शहर के कई हिस्सों - जैसे फायर ब्रिगेड चौराहे, नोंगमेनसोंग, पोलो, बारिक और मावलाई - में बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ और पथराव हुआ था। अधिकारियों के मुताबिक, कम से कम 31 वाहन (जिनमें अधिकांश सरकारी एसयूवी थीं) क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि एक सरकारी वाहन को फूंक दिया गया और कई पैदल यात्रियों के साथ मारपीट की गई। ईस्ट खासी हिल्स के पुलिस अधीक्षक (एसपी) विवेक सिएम ने नुकसान की पुष्टि की और बताया कि राहत एवं पुनर्वास कॉलोनी में स्वामी विवेकानंद और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मूर्तियों में भी तोड़-फोड़ की गई।

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बुधवार देर रात केएसयू के अध्यक्ष रेमंड खारजाना, उपाध्यक्ष प्यंकमेनलांग सनमिएत और महासचिव रूबेन नाजिआर को गिरफ्तार कर लिया। उसने बताया कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और मारपीट के आरोपों में उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई केएसयू नेतृत्व द्वारा संवाददाता सम्मेलन में हिंसा पर दुख व्यक्त करने और तोड़फोड़ में अपने सदस्यों के शामिल होने से इनकार करने के कुछ ही घंटों बाद हुई।

इसे भी पढ़ें: Hong Min Gi Controversy: इन्फ्लुएंसर ने होंग मिंगी पर लगाए मारपीट जैसे कई गंभीर आरोप, एजेंसी ने नकारा

अपनी विभिन्न मांगों को मनवाने के लिए संगठन द्वारा इस रैली का आयोजन किया था।

All the updates here:

अन्य न्यूज़