फूट-फूट कर रोने लगे चंद्रबाबू नायडू, विधानसभा को बताया कौरवों की सभा, कहा- 2024 तक नहीं करूंगा प्रवेश

फूट-फूट कर रोने लगे चंद्रबाबू नायडू, विधानसभा को बताया कौरवों की सभा, कहा- 2024 तक नहीं करूंगा प्रवेश

टीडीपी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि अब हम लोगों के बीच जाएंगे और इसका समाधान ढूंढेंगे। इस दौरान चंद्रबाबू नायडू काफी भावुक दिखे और फूट-फूट कर रोने लगे।

आंध्र प्रदेश की राजनीति अपने आप में अजीबो गरीब है। वर्तमान में देखें तो चंद्रबाबू नायडू अपने आंसुओं से एक बार फिर लोगों को भावनात्मक करने की कोशिश में हैं। हालांकि यह चंद्रबाबू के आंसू ऐसे ही नहीं आए हैं। हाथ से सत्ता जाने के बाद वह लगातार राज्य में अपनी पैठ बनाने की कोशिश में है जिसमें उन्हें कामयाबी हासिल होती दिखाई नहीं दे रहे हैं। इन सब के बीच चंद्रबाबू नायडू ने बड़ा संकल्प लेते हुए कहा है कि सत्ता में लौटने तक वह आंध्रप्रदेश विधानसभा में कदम नहीं रखेंगे। इतना ही नहीं, उन्होंने विधानसभा की तुलना कौरव सभा से की है और वाईएसआरसी नेताओं पर उन्हें अपमानित करने का भी आरोप लगाया है।

टीडीपी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि अब हम लोगों के बीच जाएंगे और इसका समाधान ढूंढेंगे। इस दौरान चंद्रबाबू नायडू काफी भावुक दिखे और फूट-फूट कर रोने लगे। उन्होंने यह भी कहा कि वह वाईएसआरसी के अत्याचारी शासन के खिलाफ एक धर्म युद्ध लड़ रहे हैं। अगर लोग सहयोग करेंगे तो मैं राज्य को बचाने का प्रयास करूंगा। इससे पहले, नेता प्रतिपक्ष ने सदन में भावुक स्वर में कहा कि सत्तारूढ़ वाईएसआर कांग्रेस के सदस्यों द्वारा उनके खिलाफ लगातार इस्तेमाल किए जा रहे अपशब्दों से वह आहत हैं। नायडू ने कहा, पिछले ढाई साल से मैं लोगों के भले की वजह से अपमान सह रहा हूं, लेकिन शांत रहा। आज, उन्होंने मेरी पत्नी को भी निशाना बनाया है। मैं हमेशा सम्मान के लिए और सम्मान के साथ रहा। मैं इसे और नहीं सह सकता। 

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वाई एस जगन मोहन रेड्डी का पलटवार

सदन में पहुंचे मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि विपक्षी नेता का व्यवहार और शब्द नाटक के अलावा और कुछ नहीं हैं। रेड्डी ने कहा, चंद्रबाबू हर चीज से केवल राजनीतिक लाभ लेना चाहते हैं। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। उनका नाटक सभी को दिखाई दे रहा था, हालांकि मैं उस समय सदन के अंदर नहीं था। उन्होंने कहा, हां, चंद्रबाबू नायडू हताशा में हैं, यह न केवल मुझे, बल्कि राज्य के सभी लोगों को भी पता है। राज्य के लोगों ने उन्हें खुले तौर पर खारिज कर दिया है। यहां तक ​​कि उनके कुप्पम निर्वाचन क्षेत्र में भी, लोगों ने उन्हें अकल्पनीय रूप से खारिज कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वाईएसआरसी के विधायकों ने (नेता विपक्ष के) परिवार के सदस्यों के बारे में कुछ नहीं कहा। 





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