महान शहीदों के योगदान पर सवाल उठाने का अधिकार किसी को नहीं : मुख्यमंत्री मान

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शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के अध्यक्ष सिमरनजीत सिंह मान द्वारा स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह को ‘आतंकवादी’ कहे जाने के कुछ दिनों बाद, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को कहा कि किसी को भी मातृभूमि के महान शहीदों के योगदान पर सवाल उठाने का कोई अधिकार नहीं है।

संगरूर (पंजाब),  1 अगस्त। शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के अध्यक्ष सिमरनजीत सिंह मान द्वारा स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह को ‘आतंकवादी’ कहे जाने के कुछ दिनों बाद, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को कहा कि किसी को भी मातृभूमि के महान शहीदों के योगदान पर सवाल उठाने का कोई अधिकार नहीं है। शिअद(अमृतसर) के प्रमुख और संगरूर से सांसद सिमरनजीत अपनी विवादित टिप्पणी के लिए आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं।

उन्होंने भगत सिंह पर अपनी टिप्पणी का बचाव भी किया था। मुख्यमंत्री मान ने रविवार को यहां शहीद उधम सिंह के शहादत दिवस के उपलक्ष्य में राज्य स्तरीय समारोह के दौरान सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सत्ता का आनंद लेने के लिए संविधान की शपथ लेने वालों द्वारा शहीदों के सर्वोच्च बलिदान पर सवाल उठाए जाते हैं।

आम आदमी पार्टी (आप) के नेता ने कहा कि ‘‘जब हमारे महान राष्ट्रीय नायक और शहीद क्रूर ब्रिटिश शासन के खिलाफ युद्ध लड़ रहे थे, कुछ गद्दार साम्राज्यवादी ताकतों के साथ थे।’’ एक आधिकारिक विज्ञप्ति में मुख्यमंत्री के हवाले से कहा गया है कि जिन लोगों ने अंग्रेजों का अभिनंदन किया था उन्होंने हर स्वतंत्रता सेनानी और शहीद के मानस को ठेस पहुंचाई थी। उन्होंने कहा, ‘‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि ऐसे गद्दारों के वंशज अब शहीदों की साख पर सवाल उठा रहे हैं।’

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘अंग्रेजों के अत्याचारों की प्रशंसा करने के लिए शहीदों की साख पर सवाल उठाना पाप है और इस तरह के जघन्य कृत्यों में शामिल लोग अक्षम्य अपराध कर रहे हैं।’’ भगवंत मान ने कहा कि शहीद भगत सिंह जैसे महान शहीदों को किसी से मान्यता की आवश्यकता नहीं है क्योंकि उनका नाम ही लाखों लोगों को देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने को लेकर प्रेरित करने के लिए काफी है।

स्वतंत्रता संग्राम में भगत सिंह के नाम और योगदान पर किसी भी विवाद को ‘‘अवांछनीय’’ बताते हुए उन्होंने कहा कि इन शहीदों ने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया था और किसी को भी स्वतंत्रता आंदोलन में उनकी भूमिका पर सवाल उठाने का कोई अधिकार नहीं है। भगवंत मान ने पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह पर भी निशाना साधा जो तत्कालीन पटियाला शाही परिवार के वंशज हैं।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया, ‘‘पटियाला के शाही परिवार का पंजाब विरोधी रुख रहा है।’’ मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया, ‘‘जब भगत सिंह, उधम सिंह और अन्य देश के लिए लड़ रहे थे, उस समय अंग्रेजों से हाथ मिलाने वाले इन लोगों से पंजाब की भलाई की क्या उम्मीद की जा सकती है।’’ शहीद उधम सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘इस धरती के सच्चे सपूत ने 1919 के जलियांवाला बाग हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ता माइकल ओ डायर को मारकर एक वीरतापूर्ण कार्य में अनुकरणीय साहस का प्रदर्शन किया था।

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