हिंद महासागर में चीन का बढ़ता प्रभाव भारत के लिए बड़ी चुनौती

china-s-growing-influence-in-the-indian-ocean-is-a-big-challenge-for-india
एडमिरल लांबा ने समुद्री क्षेत्र को लेकर रणनीति तथा हिंद-प्रशांत में उसकी भूमिका पर चर्चा के दौरान कहा कि भारत ब्रेक्जिट को चुनौती के तौर पर नहीं बल्कि ब्रिटेन के साथ नौसैन्य सहयोग की दिशा में व्यापक सहयोग के अवसर के तौर पर देख रहा है।

लंदन। नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा ने कहा है कि हिंद महासागर के उत्तरी हिस्से में चीन का बढ़ता प्रभाव भारत के लिए एक चुनौती है लेकिन इस क्षेत्र में चीनी पोतों और पनडुब्बियों की तैनाती पर नयी दिल्ली करीब से नजर रख रही है। चार दिन के दौरे पर ब्रिटेन आए एडमिरल लांबा ने यह भी कहा कि पोत निर्माण में जितना निवेश चीन ने किया है उतना किसी अन्य देश ने नहीं किया है।

इन्स्टीट्यूट ऑफ स्ट्रेटिजिक स्टडीज में बुधवार को एक परिचर्चा के दौरान उन्होंने कहा, ‘‘ पोत निर्माण में चीन जितना निवेश किसी भी देश ने नहीं किया है। यह चुनौती है, हम उनकी मौजूदगी और तैनाती पर करीबी नजर रखेंगे..।’’ एडमिरल लांबा ने हिंद महासागर में चीन की बढ़ती मौजूदगी को एक चुनौती बताया, जिसपर भारत नजर रख रहा है। उन्होंने हिंद महासागर के उत्तरी हिस्से में चीनी नौसेना के छह से आठ पोतों तथा पनडुब्बियों की मौजूदगी का हवाला दिया। 

इसे भी पढ़ें: राफेल मामले में कोर्ट ने कहा, पहले केन्द्र की प्रारंभिक आपत्तियों पर किया जायेगा फैसला

एडमिरल लांबा ने समुद्री क्षेत्र को लेकर रणनीति तथा हिंद-प्रशांत में उसकी भूमिका पर चर्चा के दौरान कहा कि भारत ब्रेक्जिट को चुनौती के तौर पर नहीं बल्कि ब्रिटेन के साथ नौसैन्य सहयोग की दिशा में व्यापक सहयोग के अवसर के तौर पर देख रहा है। 

Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

अन्य न्यूज़