आरक्षण के मुद्दे पर राज्यसभा में हंगामा, बैठक पूरे दिन के लिए स्थगित

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Publish Date: Feb 6 2019 3:41PM
आरक्षण के मुद्दे पर राज्यसभा में हंगामा, बैठक पूरे दिन के लिए स्थगित
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राज्य सभा में सपा और बसपा सहित विभिन्न दलों के भारी हंगामे के कारण उच्च सदन की बैठक एक बार के स्थगन के बाद दोपहर करीब दो बजे दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।

नयी दिल्ली। उच्च शिक्षण संस्थाओं में आरक्षण संबंधी रोस्टर प्रणाली के विरोध में बुधवार को राज्य सभा में सपा और बसपा सहित विभिन्न दलों के भारी हंगामे के कारण उच्च सदन की बैठक एक बार के स्थगन के बाद दोपहर करीब दो बजे दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। एक बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजे उच्च सदन की बैठक शुरु होने पर सपा के रामगोपाल यादव ने आरक्षण मुद्दे पर सदन में चर्चा कराने की मांग की। इसी दौरान सपा, बसपा, राजद और तृणमूल कांग्रेस आदि के सदस्य नारेबाजी करते हुये आसन के समीप आ गये। हंगामे के दौरान ही गृह राज्य मंत्री किरण रिजीजू ने आसन की अनुमति से संविधान 125वां संशोधन विधेयक 2019 सदन पटल पर पेश किया।

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हंगामे के बीच ही उपसभापति हरिवंश ने रामगोपाल यादव से आरक्षण का मुद्दा गुरुवार को शून्यकाल में उठाने का अनुरोध करते हुये राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा में हिस्सा लेने की अपील की। यादव ने कहा कि यह देश की 85 प्रतिशत आबादी से जुड़ा मुद्दा है और यह दुख की बात है कि सरकार में पिछड़ी जातियों के ही लोग इस में अड़ंगा लगा रहे हैं। बसपा के सतीश चंद्र मिश्रा और कई अन्य सदस्यों ने कहा कि सरकार ने रोस्टर प्रणाली को लागू नहीं करने का आश्वासन दिया था लेकिन इसके बावजूद पिछले कुछ दिनों में शिक्षण संस्थाओं में विवादित आरक्षण पद्धति से ही रिक्त पदों को भरने के लिये आवदेन जारी किये गये हैं। 

इसके जवाब में मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने स्थिति को स्पष्ट करते हुये कहा कि यह मामला अभी अदालत के समक्ष विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा विशेष अनुमति याचिका और पुनर्विचार याचिका दायर की जायेगी। जावड़ेकर ने कहा कि सरकार अनुसूचित जाति, अनसूचित जनजाति और अन्य पिछड़े वर्गों के आरक्षण पर आंच नहीं आने देगी। इसके बाद भी नारेबाजी नहीं थमने पर उपसभापति ने कहा कि हंगामे के कारण सदन की बैठक का सुचारु हो पाना संभव नहीं है। उन्होंने बैठक को दिन भर के लिए स्थगित कर दिया।

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इससे पहले सुबह 11 बजे बैठक शुरू होने सभापति एम वेंकैया नायडू ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए। उन्होंने सदन को सूचित किया कि सपा के बेनी प्रसाद वर्मा और केरल कांग्रेस के जोस के मणि ने वर्तमान सत्र से अवकाश मांगा है। सदन की अनुमति से उन्होंने दोनों सदस्यों को अवकाश की मंजूरी दे दी। उन्होंने सदन को सूचित किया कि उन्हें विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करने के लिए सपा के रामगोपाल यादव, राजद के मनोज झा, कांग्रेस के रिपुन बोरा सहित पांच सदस्यों के नोटिस मिले हैं। 

इसी दौरान सपा सदस्यों ने उच्च शिक्षण संस्थाओं में आरक्षण संबंधी रोस्टर प्रणाली का मुद्दा उठाया। सभापति ने सपा सदस्यों से कहा कि उनकी बात रिकॉर्ड में नहीं जाएगी। कांग्रेस के रिपुन बोरा ने नागरिकता (संशोधन) विधेयक का मुद्दा उठाया। पार्टी के सदस्यों ने उनकी बात का समर्थन किया। सभापति ने सदस्यों से शांत रहने और सदन की बैठक चलने देने का अनुरोध किया। लेकिन हंगामा थमते न देख उन्होंने 11 बज कर करीब छह मिनट पर ही बैठक को दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। हंगामे की वजह से उच्च सदन में आज भी शून्यकाल और प्रश्नकाल नहीं हो पाया।

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