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सरकारी स्कूल में सुरक्षित नहीं है बच्चियां! अब दूसरी में पढ़ रही बच्ची का रेप

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Publish Date: Aug 11 2018 8:34AM

सरकारी स्कूल में सुरक्षित नहीं है बच्चियां! अब दूसरी में पढ़ रही बच्ची का रेप
Image Source: Google

नयी दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में नयी दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) के एक स्कूल के परिसर में एक इलेक्ट्रिशियन ने दूसरी कक्षा की एक छात्रा से कथित रूप से बलात्कार किया। पुलिस ने यह जानकारी दी। घटना के बाद दिल्ली महिला आयोग और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी करके मामले की जानकारी मांगी।

एनडीएमसी ने भी स्कूल प्राधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की है। पुलिस ने बताया कि बुधवार को जब बच्ची घर जा रही थी तब आरोपी राम आसरे (37) कथित रूप से उसे स्कूल परिसर स्थित पंप रूम में ले गया और वहां बच्ची के साथ जबरदस्ती की। पुलिस ने बताया कि उसने बच्ची को इस बारे में कुछ नहीं बताने को लेकर धमकाया भी।

बच्ची के घर पहुंचने पर उसकी मां ने उसके निजी अंग से खून आता देखा तो वह उसे अस्पताल ले गई जहां चिकित्सकों ने बताया कि उसका यौन उत्पीड़न हुआ है। बच्ची के माता-पिता कल पुलिस के पास गए और इस बारे में सूचना दी, जिसके बाद मामला दर्ज करके आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपी एनडीएमसी में स्थायी कर्मचारी है और इलेक्ट्रिशियन के तौर पर काम करता है।

पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबद्ध धाराओं तथा यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस उपायुक्त (नयी दिल्ली) मधुर वर्मा ने कहा कि आरोपी करीब दो महीने से स्कूल के साथ काम कर रहा था और पीड़िता द्वारा पहचाने जाने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया कि जिस स्थान पर यह घटना हुई वहां सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं।

उधर, एनडीएमसी ने चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। उसमें आरोपी राम आसरे, प्रधान अध्यापिका संतोष रावत, सहायक इंजीनियर (बिजली विभाग) तुलसी राम और सहायक शिक्षिका शिखा शामिल हैं। एनडीएमसी ने उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के साथ ही कनिष्ठ अभियंता सौरभ बिष्ट का ठेका भी रद्द कर दिया है जो कि राम आसरे का सुपरवाइजर था।

डीसीडब्ल्यू ने पुलिस और स्कूल प्राधिकारों को नोटिस भेजा और उनसे संस्थान में सुरक्षा उपायों के बारे में एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी। स्कूल के एक प्रतिनिधि ने बताया कि पीड़ित बच्ची के माता-पिता ने कल सुबह दस बजे उन्हें घटना की जानकारी दी। प्रतिनिधि ने दावा किया कि आरोपी उनके स्कूल का कर्मचारी नहीं है। उन्होंने बताया, ‘जहां तक हमें पता चला है, घटना स्कूल खत्म होने के बाद दोपहर डेढ़ बजे के बाद की है। इसमें हमारे स्कूल का कर्मचारी लिप्त नहीं है। जांच जारी है और बच्ची की हालत ठीक है। हम उसके माता-पिता के संपर्क में हैं।’

पीड़ित के अभिभावकों को सोमवार को एक काउंसलिंग सत्र के लिए बुलाया गया है ताकि उन्हें उनके बच्चे की सुरक्षा के बारे में भरोसा दिलाया जा सके। स्कूल के एक अन्य कर्मचारी ने कहा कि स्कूल परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाये गए हैं और चार सुरक्षा गार्ड हमेशा स्कूल के प्रवेशद्वार पर रहते हैं क्योंकि यह एक बालिका विद्यालय है। घटना के विरोध में काफी संख्या में अभिभावकों ने स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया और संस्थान में अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाया।

एक अभिभावक ने कहा, ‘स्कूल परिसर में हमारे बच्चे की सुरक्षा का क्या भरोसा है? प्राचार्य एक सप्ताह से छुट्टी पर है। क्या शिक्षकों और उप प्रधानाचार्य को अधिक जवाबदेही नहीं दिखानी चाहिए?’ एक अन्य अभिभावक ने कहा कि अभिभावकों के लिए स्कूल में प्रवेश के लिए कड़े उपाय लागू हैं, उन्होंने सवाल किया कि क्या ऐसे ही उपाय अन्य के लिए भी हैं।

प्रदर्शनकारी अभिभावकों ने कहा कि यदि बाहरी लोगों को प्रवेश की इजाजत दी भी जाती है तो उनके पहचान पत्रों की जांच की जाए। एक अन्य अभिभावक ने कहा, ‘हमने स्कूल के भीतर विभिन्न स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगे देखे हैं लेकिन क्या वे चलते हैं? हमने पूर्व में कई मामले देखे हैं जिसमें सीसीटीवी कैमरे तो लगे थे लेकिन या तो उनका रिसाल्यूशन कम था या वे चलते नहीं थे।’

एक अभिभावक ने कहा, ‘मैं अपनी पुत्री को स्कूल बस में नहीं भेजूंगा। बस के भीतर उसकी सुरक्षा कौन सुनिश्वित करेगा? हम चाहते हैं कि स्कूल बस में हमारी पुत्रियों की सुरक्षा के लिए महिला कंडक्टर हो।’ दिल्ली पुलिस के आंकड़े के मुताबिक इस वर्ष के पहले चार महीनों में राष्ट्रीय राजधानी में प्रतिदिन दो से अधिक संख्या में बच्चे बलात्कार के शिकार हुए।

आंकड़े के अनुसार 30 अप्रैल तक बच्चों से बलात्कार के 282 मामले प्रकाश में आये जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान 278 ऐसे मामले आये थे। गत वर्ष 894 मामले सामने आये थे। गत वर्ष सितम्बर में शाहदरा में एक निजी स्कूल में पांच वर्षीय बच्ची से स्कूल कर्मी ने कथित रूप से बलात्कार किया था। उसे बाद में गिरफ्तार कर लिया गया था।

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