• शहीद ऊधमसिंह स्मारक का सुनाम में लोकार्पण करेंगे CM अमरिंदर

संगरूर के डिप्टी कमिशनर रामवीर ने बताया कि स्मारक लोकार्पित करने के लिए पंजाब सरकार की तरफ से आज ऊधम सिंह के शहीदी दिवस के मौके पर राज्य स्तरीय समारोह आयोजित किया जा रहा है।

संगरूर। सुनाम ऊधम सिंह वाला में आज पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह शहीद ऊधम सिंह की शहादत को नमन करने और उनके साहसी कारनामों की याद को शाश्वत बनाने के लिए पंजाब सरकार की ओर से सुनाम ऊधम सिंह वाला में 2.61 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित स्मारक को लोकार्पित करेंगे। संगरूर के डिप्टी कमिशनर रामवीर ने बताया कि स्मारक लोकार्पित करने के लिए पंजाब सरकार की तरफ से आज  ऊधम सिंह के शहीदी दिवस के मौके पर राज्य स्तरीय समारोह आयोजित किया जा रहा है उन्होंने कहा कि इस मौके पर पर्यटन और सांस्कृतिक मामले मंत्री, पंजाब स. चरनजीत सिंह चन्नी, स्कूल शिक्षा और लोक निर्माण मंत्री पंजाब विजय इंदर सिंगला और चेयरमैन मंडी बोर्ड स. लाल सिंह समेत कई अन्य नेता भी शहीद ऊधम सिंह को श्रद्धा सुमन भेंट करने के लिए पहुँच रही हैं। डिप्टी कमिशनर ने बताया कि सुनाम-मानसा सडक़ पर 4 एकड़ जगह पर तैयार किये गये शहीद ऊधम सिंह स्मारक में शहीद की तांबे का प्रतिमा, उनकी निशानियाँ संभालने और प्रदर्शनी के लिए अजायब घर, कैफेटेरिया और अन्य सुविधाएं मुहैया करवाई गई हैं। 

इसे भी पढ़ें: खेल मंत्री सोढ़ी का ऐलान, गोल्ड जीतने पर टीम में शामिल पंजाब के हर हॉकी खिलाड़ी को देंगे 2.25 करोड़

उन्होंने बताया कि स्मारक की रूप रेखा और डिज़ाइन चीफ़ आर्कीटैकट पंजाब की तरफ से तैयार किया गया है और इसमें लोगों की सुविधा के लिए पार्किंग, हरियाली भरपूर लैंड स्केपिंग और पाथवेअज़, रैन शैलटर्ज़, रिवायती छवि वाली लाइटें आदि सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं। उन्होंने कहा कि इसके इलावा स्मारक के आसपास रैड-सैंडस्टोन का प्रयोग किया गया है और शहीद की प्रतिमा के सामने गोलाकार डिज़ाइन में फूलों वाले पौधों की क्यारियां तैयार करवाई गई हैं। रामवीर ने बताया कि शहीद ऊधम सिंह ने 21 साल बाद जलियांवाला बाग़ के कत्लेआम का बदला लिया और 31 जुलाई, 1940 को लन्दन की जेल में फांसी देकर उनको शहीद किया गया था। उन्होंने कहा कि शहीद ऊधम सिंह की बहादुरी वाले कार्य के प्रचार के लिए भी प्रतिमा के आसपास उनकी ज़िंदगी से सम्बन्धित इतिहास पंजाबी और अंग्रेज़ी भाषाओं में पत्थरों पर बहुत बारीकी से नक्काशी की गई है। उन्होंने कहा कि यह स्मारक में आने वाली पीढिय़ों के लिए प्रेरणा स्रोत बन कर उभरेगी और नौजवानों को जी-जान से देश की सेवा करने के लिए उत्साहित करेगी।