अध्यक्ष गहलोत हों या थरूर, कांग्रेस की कमान राहुल गांधी के हाथों में ही रहेगी: भाजपा

Tom Vadakkan
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भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस की यात्रा अब केरल में प्रवेश कर गई है लेकिन पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी दिल्ली की भ्रष्ट आबकारी नीति पर चुप्पी साधे हुए हैं क्योंकि यह केरल की कांग्रेस नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती संयुक्त लोकतांत्रिक गठबंधन (यूडीएफ) सरकार की आबकारी नीति की कॉपी है।
नयी दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर कांग्रेस में तेज होती सुगबुगाहटों के बीच विपक्षी दल पर तंज कसते हुए बुधवार को कहा कि भले ही राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत या फिर केरल के सांसद शशि थरूर कांग्रेस के अध्यक्ष बनें, लेकिन कमान पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के ही हाथों में होगी। भाजपा प्रवक्ता टॉम वडक्कन ने पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में दावा किया कि वह चाहे गहलोत हों या थरूर, अध्यक्ष के रूप में वह ‘‘कठपुतली’’ही होंगे। वडक्कन ने कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा को ‘‘भ्रष्टाचार जोड़ो यात्रा’’ करार दिया और इसके लिए तर्क दिया कि इसकी शुरुआत द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के ‘‘टू जी सहयोगियों’’ के साथ हुई। उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस ने इस यात्रा का नाम भारत जोड़ो दिया है लेकिन इसका नाम होना चाहिए था भ्रष्टाचार जोड़ो यात्रा। इसकी शुरुआत कन्याकुमारी से हुई जो तमिलनाडु का हिस्सा है। आप लोगों को याद होगा कि ‘‘टू जी घोटाले’’ के साझेदार तमिलनाडु से ही थे। मुख्यमंत्री स्टालिन भी यात्रा में गए थे और उन्होंने इसे विशेष महत्व दिया था।’’ 

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भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस की यात्रा अब केरल में प्रवेश कर गई है लेकिन पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी दिल्ली की भ्रष्ट आबकारी नीति पर चुप्पी साधे हुए हैं क्योंकि यह केरल की कांग्रेस नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती संयुक्त लोकतांत्रिक गठबंधन (यूडीएफ) सरकार की आबकारी नीति की कॉपी है। उन्होंने कहा, ‘‘किसने किसको क्या सिखाया यह बड़ा प्रश्न है? इसीलिए कांग्रेस की यात्रा भ्रष्टाचार जोड़ो यात्रा है।’’ गांधी पर भ्रष्टाचार को ‘‘संस्थागत स्वरूप’’ देने का आरोप लगाते हुए वडक्कन ने कहा कि उन्हें आप सरकार की वापस ले ली गई आबकारी नीति पर स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए और अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए। कांग्रेस में अध्यक्ष पद के चुनाव का उल्लेख करते हुए भाजपा प्रवक्ता ने कहा, ‘‘कांग्रेस पार्टी कोई भी तंत्र अपनाए...गहलोत अध्यक्ष बनें या थरूर...वे सिर्फ कठपुतली होंगे। मुख्य कमान तो राहुल गांधी के ही हाथों में होगी, जो पीछे से पार्टी को चलाएंगे।’’ 

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कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए बृहस्पतिवार को अधिसूचना जारी की जाएगी। इसके साथ ही देश के सबसे पुराने राजनीतिक दल के सर्वोच्च पद पर आसीन होने वाले व्यक्ति को चुनने की प्रक्रिया औपचारिक रूप से आरंभ हो जाएगी। कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए घोषित कार्यक्रम के अनुसार, अधिसूचना 22 सितंबर को जारी की जाएगी और नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया 24 से 30 सितंबर तक चलेगी। नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि आठ अक्टूबर है। एक से अधिक उम्मीदवार होने पर 17 अक्टूबर को मतदान होगा और नतीजे 19 अक्टूबर को घोषित किये जाएंगे। राहुल गांधी के पार्टी की कमान नहीं संभालने के संकेत देने के बाद अब कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चुनावी मुकाबला होने के आसार बढ़ गए हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने पहले ही चुनाव लड़ने का संकेत दे दिया है तो राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के भी चुनाव लड़ने की संभावना है।

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