कांग्रेस ने सरकार पर कश्मीर में बुरी तरह विफल रहने का लगाया आरोप

Congress accused government of failing miserably in Kashmir
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने कहा कि कश्मीर में सभी पक्षों के साथ बातचीत करने की विपक्ष की मांग सही है, यह बात सरकार को भी महसूस हो गयी है।

नयी दिल्ली। कांग्रेस ने आज सरकार पर आरोप लगाया कि वह जम्मू कश्मीर में ‘‘बुरी तरह विफल ’’ रही है तथा उसने यह स्वीकार करने में बहुत समय लगा दिया कि घाटी में ‘‘बल प्रयोग का रूख’’ नहीं चलेगा। पार्टी ने कहा कि कश्मीर में एक वार्ताकार नियुक्त कर सरकार ने विपक्ष द्वारा पिछले कुछ सालों से की जा रही इस मांग को स्वीकार कर लिया है कि घाटी में शांति बहाल करने के लिए सभी पक्षों से बातचीत की जानी चाहिए।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने कहा कि कश्मीर में सभी पक्षों के साथ बातचीत करने की विपक्ष की मांग सही है, यह बात सरकार को भी महसूस हो गयी है। पूर्व केन्द्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि वार्ताकार की नियुक्ति राजनीतिक समाधान की मजबूती से वकालत करने वालों की ‘‘प्रमुख जीत’’ है।चिदंबरम ने कहा कि ‘‘कोई भी बातचीत नहीं’’ से लेकर ‘‘सभी पक्षों से बातचीत’’ उन लोगों के लिए प्रमुख जीत है जो जम्मू कश्मीर में राजनीतिक समाधान के लिए मजबूती से वकालत कर रहे हैं।

उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘‘वार्ताकार की नियुक्ति से मुझे उम्मीद है कि सरकार ने अंतत: स्वीकार कर लिया है कि जम्मू कश्मीर में ‘बल प्रयोग का रूख’ नाकाम हो गया है।’’ आजाद ने सवाल किया कि सरकार ने साढ़े तीन साल तक प्रतीक्षा क्यों की और वह करने के लिए कई कीमती जानें गंवा दी जिसके बारे में विपक्ष पहले ही दिन से मांग कर रहा था। सरकार ने अंतत: अपनी भारी भूल मान ली।

उन्होंने कहा, ‘‘इस सरकार की विशेषज्ञता शून्य है। अंतत: साढ़े तीन साल का शासन करने के बाद उन्हें महसूस हुआ कि कांग्रेस क्या मांग कर रही है तथा कश्मीर में बुरी तरफ विफल रहने के बाद वे इस निष्कर्ष पर पहुंचे।’’ राज्यसभा में विपक्ष के नेता आजाद ने संवाददातओं से कहा कि कांग्रेस एवं विपक्ष यह कहते आये हैं कि नोटबंदी एवं जीएसटी ‘‘गलत’’ निर्णय है । कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने ट्वीट कर कहा, ‘‘जम्मू कश्मीर में वार्ताकारों की नियुक्ति से संकेत मिलता है कि सरकार में आक्रामक लोगों की तुलना में यथार्थवादियों की चल रही है। वास्तविक सत्ता अपने में लक्ष्य नहीं बल्कि लक्ष्य के लिए साधन है।’’इससे पूर्व केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आज कहा था कि कश्मीर मुद्दे का समाधान निकालने के लिए सरकार द्वारा सतत वार्ता शुरू की जाएगी।

उन्होंने कहा कि खुफिया ब्यूरो (आईबी) के पूर्व प्रमुख दिनेश्वर शर्मा जम्मू कश्मीर में सभी पक्षों से बातचीत शुरू करने के लिए केन्द्र सरकार के प्रतिनिधि होंगे।शर्मा भारतीय पुलिस सेवा के 1979 बैच के (सेवानिवृत्त) अधिकारी हैं और वह दिसंबर 2014 एवं 2016 के बीच आईबी के निदेशक रहे थे।सिंह से यह पूछे जाने पर कि क्या शर्मा हुर्रियत कांफ्रेंस से भी बातचीत करेंगे, उन्होंने कहा कि शर्मा ही यह तय करेंगे कि किसके साथ बातचीत की जाए।

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